06/02/2025
हकीकत से परे होते है,
कुछ इंसान के चेहरे।
दिखाई देते है जैसे,
नहीं होते है ये चेहरे।।
बड़े मासूम होते है,
ये कुछ मक्कार से चेहरे।
बड़े मक्कार होते है,
ये कुछ मासूम से चेहरे।।
हकीकत से परे होते है,
कुछ इंसान के चेहरे।
दिखाई देते है जैसे,
नहीं होते है ये चेहरे।।
खुशी अपनी छुपाते है,
जो है गमगीन से चेहरे।
छुपाये गम का सागर है,
ये कुछ हँसते हुए चेहरे।।
हकीकत से परे होते है,
कुछ इंसान के चेहरे।
दिखाई देते है जैसे,
नहीं होते है ये चेहरे।।
बड़े बेमान होते है,
सराफत के ये कुछ चेहरे।
बड़े ही शरीफ होते है,
ये कुछ बेमान से चेहरे।।
हकीकत से परे होते है,
कुछ इंसान के चेहरे।
दिखाई देते है जैसे,
नहीं होते है ये चेहरे।।
बड़े निर्भीक लगते है,
ये कुछ भयभीत से चेहरे।
बड़े भयभीत लगते है,
ये कुछ निर्भीक से चेहरे।।
हकीकत से परे होते है,
कुछ इंसान के चेहरे।
दिखाई देते है जैसे,
नहीं होते है ये चेहरे।।
बड़े अपने से लगते है,
पराये से जो है चेहरे।
पराये से ये लगते है,
अपने से है जो चेहरे।।
हकीकत से परे होते है,
कुछ इंसान के चेहरे।
दिखाई देते है जैसे,
नहीं होते है ये चेहरे।।