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जय जनक नंदिनी जगत वंदिनी जग आनंद श्री जानकी रघुवीर नयन चकोर चन्दिनी श्री वल्लभा प्रिय प्राण कीतब कंज पद मकरंद स्वादित यो...
25/04/2026

जय जनक नंदिनी जगत वंदिनी जग आनंद श्री जानकी
रघुवीर नयन चकोर चन्दिनी श्री वल्लभा प्रिय प्राण की

तब कंज पद मकरंद स्वादित योगी जन मन अलि किये
करि पान गिनत हि आनहि निर्वाण सुख आनत हिए

सुख खानि मंगल जानि जड़ जिय जानि शरण जो जात है
तब नाथ सब सुख साथ करि तेहि हाथ रिझि विकात है

ब्रह्मादि शिव सनकादि सुरपति आदि निज मुख भाषाई
तव कृपा नयन कटाक्ष चितवनि दिवस निश अभिलाषहि

तनु पाई तुमहि बिहाय जड़मति आन मानस सेवहि
यह आस रघुवर दास के सुख आस पूरन कीजिये

निज चरण कमल सनेह जनक विदेहजा वर दीजिए
महाराज करि करुणा बिलोकहि देहु जो वर माँगहिं

जेहि जोनि जन्महुँ कर्म बसतह रामजी पद अनुरागहों
जय माँजानकी जय प्रभु राम जयति पवनसुत वीर हनुमान

आज जानकी नवमी है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ही माता सीता का प्राकट्य हुआ था।वैशा...
25/04/2026

आज जानकी नवमी है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ही माता सीता का प्राकट्य हुआ था।
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को जनकनंदिनी और प्रभु श्रीराम की प्राणप्रिया, सर्वमंगलदायिनी और पतिव्रताओं में शिरोमणि मां सीता का प्राकट्य हुआ। यह पावन दिन जानकी नवमी या सीता नवमी के नाम से विख्यात है। इस वर्ष यह शुभ पर्व 25 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्रीराम सहित मां जानकी का विधिपूर्वक व्रत-पूजन करने से पृथ्वी दान और समस्त तीर्थों के दर्शन का पुण्यफल प्राप्त होता है और व्यक्ति को दुख, रोग और संतापों से मुक्ति मिलती है।
1. सीता नवमी का धार्मिक महत्व
सीता नवमी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन मां सीता के प्राकट्य का स्मरण कर भक्त उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। यह पर्व स्त्री शक्ति, पवित्रता और धैर्य का संदेश देता है।

2. शाश्वत शक्ति का स्वरूप हैं मां सीता
गोस्वामी तुलसीदासजी ने मां सीता को सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार करने वाली शक्ति बताया है। वे समस्त क्लेशों का नाश करने वाली और जगत के कल्याण की अधिष्ठात्री देवी हैं। अनेक ग्रंथों में उन्हें योगमाया, जगतजननी और मोक्ष प्रदान करने वाली शक्ति के रूप में वर्णित किया गया है।

3. त्रिविध शक्तियों का संगम
माँ सीता केवल एक आदर्श नारी ही नहीं, बल्कि क्रिया-शक्ति, इच्छा-शक्ति और ज्ञान-शक्ति का अद्भुत संगम हैं। उनके इन तीनों स्वरूपों से सृष्टि का संतुलन बना रहता है और जीवों को जीवन में दिशा मिलती है।
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मां सीता का प्राकट्य दिवस जानकी नवमी आज: जानिए धार्मिक महत्व, शक्तिरूप और रावण वध का रहस्य
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Vinod Shukla Updated Sat, 25 Apr 2026 10:39 AM IST
सार
Janaki Navami 2026: आज जानकी नवमी है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ही माता सीता का प्राकट्य हुआ था।
धर्म फटाफट: पढ़ें सभी खबरें 60s में
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Janaki Navami 2026 Date Know Significance Puja Vidhi and Shubh Muhurat Full Details
सीता नवमी 2026: मां सीता का जन्म पृथ्वी से हुआ, इसलिए उन्हें ‘भूमात्मजा’ कहा जाता है। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Janaki Navami 2026: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को जनकनंदिनी और प्रभु श्रीराम की प्राणप्रिया, सर्वमंगलदायिनी और पतिव्रताओं में शिरोमणि मां सीता का प्राकट्य हुआ। यह पावन दिन जानकी नवमी या सीता नवमी के नाम से विख्यात है। इस वर्ष यह शुभ पर्व 25 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्रीराम सहित मां जानकी का विधिपूर्वक व्रत-पूजन करने से पृथ्वी दान और समस्त तीर्थों के दर्शन का पुण्यफल प्राप्त होता है और व्यक्ति को दुख, रोग और संतापों से मुक्ति मिलती है।
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1. सीता नवमी का धार्मिक महत्व
सीता नवमी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन मां सीता के प्राकट्य का स्मरण कर भक्त उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। यह पर्व स्त्री शक्ति, पवित्रता और धैर्य का संदेश देता है।

2. शाश्वत शक्ति का स्वरूप हैं मां सीता
गोस्वामी तुलसीदासजी ने मां सीता को सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार करने वाली शक्ति बताया है। वे समस्त क्लेशों का नाश करने वाली और जगत के कल्याण की अधिष्ठात्री देवी हैं। अनेक ग्रंथों में उन्हें योगमाया, जगतजननी और मोक्ष प्रदान करने वाली शक्ति के रूप में वर्णित किया गया है।
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3. त्रिविध शक्तियों का संगम
माँ सीता केवल एक आदर्श नारी ही नहीं, बल्कि क्रिया-शक्ति, इच्छा-शक्ति और ज्ञान-शक्ति का अद्भुत संगम हैं। उनके इन तीनों स्वरूपों से सृष्टि का संतुलन बना रहता है और जीवों को जीवन में दिशा मिलती है।
Sita Navami 2026: शुभ योग में सीता नवमी आज , जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, आरती और मंत्र
4. भूमात्मजा के रूप में सीता
मां सीता का जन्म पृथ्वी से हुआ, इसलिए उन्हें ‘भूमात्मजा’ कहा जाता है। वे धरती की सहनशीलता, धैर्य और पोषण शक्ति का प्रतीक हैं। सूर्य, अग्नि और चंद्रमा का प्रकाश भी उनके ही स्वरूप का विस्तार माना गया है, जो संसार को ऊर्जा और जीवन प्रदान करता है।

5. आरोग्य और अमृत का स्रोत
धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्रमा की शीतल किरणों में जो औषधीय गुण होते हैं, वे माँ सीता की ही कृपा का परिणाम हैं। उनकी यह शक्ति समस्त जीवों को स्वास्थ्य, शांति और दीर्घायु प्रदान करती है। इस प्रकार वे केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि जीवनदायिनी शक्ति भी हैं।
6. भक्ति से प्रसन्न होकर दिया वरदान
मां सीता ने अपनी कृपा से हनुमानजी को अष्ट सिद्धियां और नव निधियां प्रदान की थीं। यह प्रसंग दर्शाता है कि सच्ची सेवा और निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर वे भक्तों को असीम शक्ति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

7. रावण के अंत का कारण बनीं सीता
वाल्मीकि रामायण के अनुसार रावण ने हिमालय में तपस्या कर रही वेदवती नामक कन्या का अपमान किया था। वेदवती ने क्रोधित होकर उसे श्राप दिया कि वह उसके अंत का कारण बनेगी। यही वेदवती त्रेता युग में राजा जनक के घर सीता के रूप में अवतरित हुईं और अंततः रावण के विनाश का कारण बनीं। इस प्रकार माँ सीता धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश का माध्यम बनीं। इस प्रकार सीता नवमी का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमें आदर्श जीवन, धैर्य, त्याग और नारी शक्ति की महत्ता का भी संदेश देता है।

देवताओं ने वानर और भालू का रूप इसलिए धारण किया था क्योंकि रावण को यह वरदान प्राप्त था कि उसकी मृत्यु केवल मनुष्य या वानर...
24/04/2026

देवताओं ने वानर और भालू का रूप इसलिए धारण किया था क्योंकि रावण को यह वरदान प्राप्त था कि उसकी मृत्यु केवल मनुष्य या वानर के हाथों से ही हो सकती है, न कि किसी अन्य देवता या शक्ति से।

• वरदान की शर्त: रावण के पास यह अजेय वरदान था, इसलिए भगवान विष्णु ने स्वयं नर (मनुष्य) रूप धारण किया, जबकि अन्य देवताओं ने रावण के वरदान को नकल करने के बजाय, रावण की शक्ति के स्रोत (देवताओं) से ही उसका नाश करने के लिए वानर रूप धारण किया।
• देवताओं का अवतार: ब्रह्मा की आज्ञा पर देवताओं ने अपने तेज से वानर रूपी पुत्रों को उत्पन्न किया। उदाहरण के लिए, इंद्र ने बालि को, सूर्य ने सुग्रीव को, पवनदेव ने हनुमान को, और कुबेर ने गन्धमादन को जन्म दिया।
• लक्ष्य: यह रूप बदलाव इस बात को सुनिश्चित करने के लिए था कि रावण की हत्या उसी प्रकार के रूप में की जाए जिसके लिए उसके वरदान ने अनुमति दी थी, लेकिन वह रूप देवताओं के अंश से उत्पन्न था, जिससे उनकी अमरता और शक्ति का प्रभाव बना रहे।

23/04/2026

जय बद्री विशाल 🙏🚩
भगवान श्री बद्रीनाथ जी के कपाट भक्तों के लिए खुले।
#बद्री #विशाल

21 अप्रैल मंगलवार 2026********************वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्थी दिन - 08:14 उपरांत पंचमी श्री शुभ संवत-2083,शाके-1948...
21/04/2026

21 अप्रैल मंगलवार 2026
********************
वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्थी दिन - 08:14 उपरांत पंचमी
श्री शुभ संवत-2083,शाके-1948,हिजरी सन-1447-48
सूर्योदय 05:21
सूर्यास्त-06:15
सूर्योदय कालीन नक्षत्र- रोहिणी उपरांत मृगशिरा उपरांत आद्रा , योग - शोभन ,करण-बव ,
सूर्योदय कालीन ग्रह विचार -सूर्य- मेष ,
चंद्रमा- वृष , मंगल-मीन , बुध- मीन , गुरु-मिथुन ,शुक्र-
वृष ,शनि-मीन ,राहु-कुम्भ , केतु-सिंह
***************
चौघड़िया-मंगलवार
***************
प्रातः06:00 से 07:30 रोग
प्रात:07:30 से 09:00 तक उद्वेग
प्रातः 09.00 से 10.30 तक चर
प्रातः10:30 से 12:00 लाभ
दोपहर:12:00 से 1:30 तक अमृत
दोपहरः01:30 से 03:00 तक काल
शामः 03:00 से 04:30 तक शुभ
शामः 04:30 से 06:00 तक रोग
खरीदारी के लिए शुभ समयः
दोपहर:12:00 से 1:30 तक।
उपायः सफेद रंग की वस्तुएं यथा तिल, चावल आदि का दान करना चाहिए। इसके अलावा पानी में पांच से सात दाने सफेद तिल के डाल कर उससे स्नान करें।
आराधनाःभगवान शंकर जी की आराधना करें।
राहु काल: अपराह्न 3:00 से 4:30 बजे तक
दिशाशूल-पूर्व एवं आग्नेय
********************
।।अथ राशि फलम्।।
********************
मेष राशि
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नए अवसर मिल सकते हैं, जिनका लाभ उठाने के लिए तैयार रहें। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लेकिन खर्चों पर संयम रखना जरूरी है। परिवार में सामंजस्य बना रहेगा और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर अधिक काम से थकान हो सकती है। प्रेम जीवन में आपसी समझ बढ़ेगी।
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: लाल

वृषभ राशि
आज का दिन आपके लिए संतुलित रहेगा। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति होगी और आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक मामलों में लाभ के योग हैं, लेकिन निवेश सोच-समझकर करें। परिवार का सहयोग मिलेगा और घर का वातावरण सुखद रहेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन नियमित दिनचर्या बनाए रखें। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: सफेद

मिथुन राशि
आज आपके लिए दिन अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी और नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से दूर रहें। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी और रिश्ते मजबूत होंगे।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: हरा

कर्क राशि
आज का दिन थोड़ा संवेदनशील हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सावधानी से काम लें और जल्दबाजी से बचें। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचें। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। प्रेम जीवन में समझदारी से काम लें।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: क्रीम

सिंह राशि
आज का दिन आपके लिए सफलता का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलेगा और मान-सम्मान बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे।
शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: सुनहरा

कन्या राशि
आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रगति के योग हैं और आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आराम भी जरूरी है। प्रेम जीवन में विश्वास बढ़ेगा।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: नीला

तुला राशि
आज का दिन आपके लिए संतुलन बनाए रखने का है। कार्यक्षेत्र में व्यस्तता बढ़ेगी, लेकिन आप सभी कार्य समय पर पूरा करेंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: गुलाबी

वृश्चिक राशि
आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन धैर्य और संयम से आप उन्हें पार कर लेंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम जीवन में पारदर्शिता बनाए रखें।
शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: मैरून

धनु राशि
आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और नई योजनाएं सफल होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियां बनी रहेंगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी।
शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: पीला

मकर राशि
आज का दिन मिश्रित परिणाम देगा। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन मेहनत से सफलता मिलेगी। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम जीवन में स्थिरता बनी रहेगी।
शुभ अंक: 10 | शुभ रंग: ग्रे

कुंभ राशि
आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी और नई योजनाएं सफल होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। प्रेम जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी।
शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: आसमानी

मीन राशि
आज का दिन आपके लिए शांति और संतोष लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी।
शुभ अंक: 12 | शुभ रंग: बैंगनी
********************
22 अप्रैल बुधवार 2026
********************
वैशाख शुक्ल पक्ष पंचमी प्रातः - 05:48 उपरांत षष्ठी शाम -03:30 उपरांत सप्तमी
श्री शुभ संवत-2083,शाके-1948,हिजरी सन-1447-48
सूर्योदय 05:20
सूर्यास्त-06:15
सूर्योदय कालीन नक्षत्र- आद्रा उपरांत पुनर्वसु , योग - अतिगण्ड ,करण-कौ उपरांत तै ,
सूर्योदय कालीन ग्रह विचार -सूर्य- मेष ,
चंद्रमा- मिथुन , मंगल-मीन , बुध- मीन , गुरु-मिथुन ,शुक्र-
वृष ,शनि-मीन ,राहु-कुम्भ , केतु-सिंह
***********

दूर्वा एक प्रकार की पवित्र घास है जिसे 'दूब' भी कहा जाता है, संस्कृत में इसे दूर्वा, अमृता, अनंता, गौरी, महोषधि, शतपर्वा...
21/04/2026

दूर्वा एक प्रकार की पवित्र घास है जिसे 'दूब' भी कहा जाता है, संस्कृत में इसे दूर्वा, अमृता, अनंता, गौरी, महोषधि, शतपर्वा, भार्गवी आदि नामों से जाना जाता है। 'दूर्वा' कई महत्वपूर्ण औषधीय गुणों से युक्त है।
मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय जब अमृत कलश निकला तो देवताओं से इसे पाने के लिए दैत्यों ने खूब छीना-झपटी की जिससे अमृत की कुछ बूंदे पृथ्वी पर भी गिर गईं थी जिससे ही इस विशेष घास दूर्वा की उत्पत्ति हुई।

ॐ卐ॐकलश पूजन: ॐ卐ॐकेवल अनुष्ठान नहीं, ब्रह्मांडीय ऊर्जा का संचय🌹🚩🌹​भारतीय सनातन परंपरा में कोई भी शुभ कार्य हो—गृह प्रवेश,...
21/04/2026

ॐ卐ॐकलश पूजन: ॐ卐ॐ
केवल अनुष्ठान नहीं, ब्रह्मांडीय ऊर्जा का संचय
🌹🚩🌹
​भारतीय सनातन परंपरा में कोई भी शुभ कार्य हो—गृह प्रवेश, विवाह, या दीपावली पूजन—सबसे पहले 'कलश' की स्थापना की जाती है। अक्सर आधुनिक मन में यह प्रश्न उठता है कि जल से भरे एक पात्र की पूजा का औचित्य क्या है? क्या यह मात्र एक परंपरा है या इसके पीछे कोई गहरा विज्ञान छिपा है?
​आज हम कलश पूजन को तीन मुख्य दृष्टिकोणों से समझेंगे: वैज्ञानिक, दार्शनिक और कर्मकाण्डीय।

1. वैज्ञानिक आधार: एक 'एनर्जी रिसीवर' के रूप में कलश
​विज्ञान की दृष्टि से कलश एक अद्भुत 'इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फील्ड' निर्मित करने वाला उपकरण है।
​धातु का प्रभाव: कलश प्रायः तांबे (Copper) या पीतल का होता है। तांबा एक बेहतरीन सुचालक (Conductor) है। जब इसमें जल भरकर रखा जाता है, तो यह 'ओलिगोडायनामिक' प्रभाव पैदा करता है, जिससे जल शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से आवेशित (Charged) हो जाता है।
​आकृति का विज्ञान: कलश का आकार नीचे से चौड़ा और मुख से संकरा होता है। यह विशेष ज्यामिति (Geometry) ध्वनि तरंगों (मंत्रों) को सोखने और उन्हें जल के अणुओं में संचित करने का कार्य करती है।
​पर्यावरण शोधन: कलश के मुख पर रखे 'आम्र पल्लव' (आम के पत्ते) कार्बन डाइऑक्साइड सोखने और ऑक्सीजन छोड़ने की अपनी क्षमता के लिए जाने जाते हैं। यह पूजन स्थल के सूक्ष्म वातावरण को शुद्ध रखता है।

2. दार्शनिक आधार: लघु रूप में संपूर्ण ब्रह्मांड
​दर्शन कहता है— "यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे"। जो विशाल ब्रह्मांड में है, वही इस कलश में भी है।
​सृष्टि का प्रतीक: कलश को 'विश्व-रूप' माना जाता है। इसका मुख आकाश, कंठ वायु, और मूल पृथ्वी का प्रतीक है। कलश में भरा जल उस आदि-जल (Primordial Water) का प्रतीक है जिससे जीवन की उत्पत्ति हुई।
​पूर्णता का भाव: ऋग्वेद के अनुसार, कलश 'पूर्णत्व' का प्रतीक है। खाली पात्र रिक्तता दिखाता है, जबकि जल, औषधि और रत्नों से भरा कलश इस बात का संदेश देता है कि हमारा जीवन भी गुणों से भरा और पूर्ण होना चाहिए।
​अमृत तत्व: यह कलश उस 'अमृत कलश' की याद दिलाता है जो समुद्र मंथन से निकला था। यह हमारे अंतर्मन के मंथन से प्राप्त ज्ञान का प्रतीक है।

3. कर्मकाण्डीय आधार: वरुण देव की उपस्थिति
​शास्त्रों में कलश को समस्त देवी-देवताओं का निवास स्थान बताया गया है।

​"कलशस्य मुखे विष्णुः कण्ठे रुद्रः समाश्रितः। मूलतस्तु स्थितो ब्रह्मा मध्ये मातृगणाः स्मृताः॥"

​पंचतत्वों का मेल: कलश स्थापना में पंचतत्वों का अद्भुत मेल होता है। नीचे की मिट्टी (पृथ्वी), पात्र का जल (जल), ऊपर रखा दीपक (अग्नि), पत्तों का श्वसन (वायु) और कलश के भीतर का रिक्त स्थान (आकाश)।
​वरुण आवाहन: कलश को 'वरुण देव' का स्वरूप माना जाता है। जल शांति का प्रतीक है, अतः कलश पूजन का मुख्य उद्देश्य पूजा के वातावरण में शांति, शीतलता और पवित्रता स्थापित करना है ताकि मुख्य अनुष्ठान निर्विघ्न संपन्न हो सके।
​निष्कर्ष
​कलश पूजन जड़ और चेतन के मिलन की एक प्रक्रिया है। यह हमें सिखाता है कि जिस प्रकार एक पात्र अपने भीतर पवित्र नदियों के जल को समेट लेता है, वैसे ही हमें भी अपने भीतर ईश्वरीय गुणों को धारण करना चाहिए। जब हम कलश के सामने झुकते हैं, तो हम वास्तव में उस विराट ब्रह्मांडीय ऊर्जा के सामने झुक रहे होते हैं जो हमें जीवन प्रदान करती है।
​अतः अगली बार जब आप कलश स्थापना करें, तो याद रखें—आप केवल एक लोटा पानी नहीं रख रहे, बल्कि अपने घर में संपूर्ण ब्रह्मांड की सकारात्मकता को आमंत्रित कर रहे हैं।
🌹🚩🌹

20/04/2026
🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-17.04.2026🌄✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️                     🕉️ शुभ शुक्रवार - 🌞 - शुभ प्रभात्...
17/04/2026

🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-17.04.2026🌄
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ शुक्रवार - 🌞 - शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
🕉️💥💥🌄💥💥🕉️
_______________________________
____________आज विशेष___________
घर में देवताओं की बैठी हुई मूर्ति श्रेष्ठ रहती है
या खड़ी मूर्ति प्रस्तुत है विश्लेषित जानकारी
_________________________________
_______________________________
🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️
________________________________
*विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट*
🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞
दिल्ली -10 मिनट---------जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट------अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर - 4 मिनट-------------मुंबई +7 मिनट
लखनऊ - 25 मिनट------बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट--जैसलमेर +15 मिनट
_______________________________
🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️
_________________________________
_________दैनिक पंचांग विवरण________
✴️🌄✴️✴️🌞✴️✴️🌄✴️
_________________________________
आज दिनांक.....................17.04.2026
कलियुग संवत्.............................5128
विक्रम संवत्............................... 2083
शक संवत्.................................. 1948
संवत्सर.....................................श्री रौद्र
अयन.......................................... उत्तर
गोल............................................उत्तर
ऋतु.......................................... .वसंत
मास......................................... वैशाख
पक्ष............................................ कृष्ण
तिथि..अमावस्या. सायं. 5.22 तक / प्रतिपदा
वार......................................... शुक्रवार नक्षत्र.....रेवती.अपरा. 12.02 तक / अश्विनी
चंद्र राशि..... मीन. अपरा. 12.02 तक / मेष
योग.........वैधृति. प्रातः 7.21 तक / विष्कुंभ
करण..................चतुष्पाद प्रातः 6.49 तक
करण.........नाग. सायं. 5.22 तक/ किस्तुघ्न _________________________________
🌞✴️✴️🌄✴️✴️🌞
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
________________________________
-दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण-
✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️
________________________________
सूर्योदय....................प्रातः 06.08.31 पर
सूर्यास्त....................सायं. 06.53.50 पर
दिनमान-घं.मि.से................... 12.45.19
रात्रिमान-घं.मि.से. ..................11.13.45
चंद्रोदय.......................6.39.57 AM पर
चंद्रास्त..................... ..6.57.02 PM पर
राहुकाल.पूर्वा.10.56 से 12.31 तक(अशुभ)
यमघंट... अपरा. 3.43 से 5.18(शुभे त्याज्य)
गुलिक......प्रातः 7.44 से 9.20(शुभे त्याज्य)
अभिजित.......मध्या.12.06 से 12.57(शुभ)
पंचक................ अपरा. 12.02 पर समाप्त
हवन मुहूर्त(अग्निवास)............. आज नहीं है
दिशाशूल............................. .पश्चिम दिशा
दोष परिहार.........जौ का सेवन कर यात्रा करें
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___________आज का दिन___________
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व्रत विशेष................................... नहीं है
अन्य व्रत.................वैशाख स्नान व्रत जारी
पर्व विशेष...............श्री शुकदेव मुनि जयंती
दिन विशेष..............देवपितृ कार्ये अमावस्या
दिवस विशेष......... विश्व हीमोफीलिया दिवस
खगोलीय...कृतिकायां शुक्र. रात्रि. 10.14 पर
विष्टि(भद्रा)...................................नहीं है
पंचक................ अपरा. 12.02 पर समाप्त सर्वा.सि.योग....................संपूर्ण (अहोरात्र)
अमृत सि.योग.............. अपरा. 12.02 तक
सिद्ध रवियोग............................... नहीं है
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✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️
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दिनांक..............................18.04.2026
तिथि........... वैशाख शुक्ला प्रतिपदा शनिवार
व्रत विशेष................................... नहीं है
अन्य व्रत................. वैशाख स्नान व्रत जारी
पर्व विशेष..... पाराशर ऋषि जयंती (मतान्तरे)
दिन विशेष................. चंद्रदर्शन (सायंकाल)
दिवस विशेष................. विश्व धरोहर दिवस
खगोलीय................…................... नहीं है
विष्टि(भद्रा)....................................नहीं है
पंचक......................................... .नहीं है सर्वा.सि.योग................................ .नहीं है
अमृत सि.योग................................ नहीं है
सिद्ध रवियोग................................. नहीं है
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
______🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️. अभिजित् मुहुर्त - दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
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ब्रह्म मुहूर्त - सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
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प्रदोष काल - सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है...
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गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
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✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
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लग्न / ग्रह - राशि - अंश - कला - विकला
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लग्न ..................मेष 2°23' अश्विनी 1 चु
सूर्य ...................मेष 2°48' अश्विनी 1 चु
चन्द्र .................मीन 26°25' रेवती 3 च
बुध ...........मीन 8°30' उत्तरभाद्रपद 2 थ
शुक्र ................मेष 27°5' कृत्तिका 1 अ
मंगल ......मीन 11°23' उत्तरभाद्रपद 3 झ
बृहस्पति ...... मिथुन 22°58' पुनर्वसु 1 के
शनि ........मीन 13°22' उत्तरभाद्रपद 4 ञ
राहू * ......... कुम्भ 12°24' शतभिषा 2 सा
केतु * .................सिंह 12°24' मघा 4 मे
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✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️
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चंचल................प्रातः 6.09 से 7.44 तक
लाभ.................प्रातः 7.44 से 9.20 तक
अमृत..............प्रातः 9.20 से 10.56 तक
शुभ............अपरा. . 12.31 से 2.07 तक
चंचल............... सायं. 5.18 से 6.54 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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लाभ...............रात्रि. 9.42 से 11.06 तक
शुभ..रात्रि. 12.31 AM से 1.55 AM तक
अमृत...रात्रि. 1.55 AM से 3.19 AM तक
चंचल...रात्रि. 3.19 AM से 4.43 AM तक
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(विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13.
कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30.
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण

संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये

आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षर....
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समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
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06.33 AM तक-----रेवती----3-------च
12.02 PM तक-----रेवती----4-------ची

_______राशि मीन - पाया स्वर्ण________
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05.28 PM तक---अश्विनी----1-------चू
10.54 PM तक---अश्विनी----2-------चे
04.18 AM तक---अश्विनी----3-------चो
उपरांत रात्रि तक---अश्विनी----4-------ला

________राशि मेष - पाया स्वर्ण_______
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
🕉️✴️✴️🌞✴️✴️🕉️
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घर में देवताओं की बैठी हुई मूर्ति श्रेष्ठ रहती है
या खड़ी मूर्ति प्रस्तुत है विश्लेषित जानकारी

आप सभी के घर में देवी-देवताओं की मूर्तियां तो अवश्य होंगी। मगर क्या आपने मूर्तियों की मुद्रा पर कभी ध्यान दिया है। यानी कि आपके घर में जिस भी देवी-देवता की मूर्ति है वह बैठी मुद्रा में हैं या खड़ी मुद्रा में।

आप सभी के घर में देवी-देवताओं की मूर्तियां तो अवश्य होंगी। मगर क्या आपने मूर्तियों की मुद्रा पर कभी ध्यान दिया है। यानी कि आपके घर में जिस भी देवी-देवता की मूर्ति है वह बैठी मुद्रा में हैं या खड़ी मुद्रा में। अगर नहीं तो आज इस लेख में बताएंगे कि घर में खड़ी मुद्रा में मूर्ति होने का क्या अर्थ होता है।

क्या घर में देवी-देवताओं की खड़ी मूर्ति रख सकते हैं?

शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि घर में हमेशा किसी भी देवी या देवता की बैठी मुद्रा में ही प्रतिमा होनी चाहिए। घर में कभी भी खड़ी मुद्रा में देवी या देवताओं की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि घर में खड़ी मुद्रा रखना इस बात का प्रतीक है कि वह चल मुद्रा में हैं।

चल मुद्रा यानी कि देवी या देवता अगर खड़ी मुद्रा में हों तो इसका अर्थ ये माना जाता है कि वह देवी या देवता कुछ ही समय के लिए घर में पधारे हैं और फिर अपनी कृपा उस घर पर करने के बाद वह पुनः घर से लौट जाएंगे यानी कि चले जाएंगे। उनका निवास अस्थाई होता है।

वहीं, बैठी हुई मुद्रा में किसी भी देवी या देवता की प्रतिमा को इस बात का प्रतीक माना जाता है कि वह देवी-देवता घर में स्थाई रूप से निवास कर रहे हैं और वह घर से अपनी कृपा और अपना स्थान कभी नहीं छोड़ेंगे। इसी कारण से घर में हमेशा बैठी मुद्रा में प्रतिमा रखनी चाहिए।

घर में अगर देवी-देवताओं की खड़ी मुद्रा है तो उसे मंदिर में दे आएं और घर में बैठी मुद्रा में प्रतिमाएं लाएं लेकिन अगर घर के मंदिर (मंदिर जानें के लाभ) में कोई खड़ी प्रतिमा आप स्थापित कर चुके हैं तो फिर उसे हटाएं नहीं उसकी रोजाना पूजा करते रहें। स्थापना के बाद मूर्ति को सिर्फ खंडित होने पर ही हटाया जाता है।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज कुछ अवांछित विचार दिमाग़ में छा सकते हैं। ख़ुद को शारीरिक व्यायाम का मज़ा लेने दें, क्योंकि खाली दिमाग़ शैतान का घर होता है। कुछ ज़रूरी योजनाएँ क्रियान्वित होंगी और ताज़ा आर्थिक लाभ पहुँचाएंगी। आपके बच्चे के पुरुस्कार वितरण समारोह का बुलावा आपके लिए ख़ुशनुमा एहसास रहेगा। वह आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और आप उसके ज़रिए अपने सपने साकार होते हुए देखेंगे। अपने प्रिय की बेजा मांग के आगे न झुकें। अगर आपका साथी अपना वादा न निभाए तो बुरा महसूस न करें- आपको बैठकर बातचीत के ज़रिए मामला सुलझाने की ज़रूरत है। लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं आज आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्कि आज आप खाली समय में किसी से मिलना जुलना भी पसंद नहीं करेंगे और एकांत में आनंदित रहेंगे। किसी ख़बसूरत याद के कारण आपके और आपके जीवनसाथी के बीच की अनबन रुक सकती है। इसलिए वाद-विवाद की हालत में पुराने दिनों की यादों को ताज़ा करना न भूलें।

वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज बचपन की यादें आपके मन पर छायी रहेंगी। लेकिन इस काम में आप ख़ुद को मानसिक तनाव दे सकते हैं। आपके तनाव और परेशानी की एक बड़ी वजह बचपन की मासूमियत को जीने की चाह है, इसलिए खुलकर जिएँ। आकस्मिक मुनाफ़े या सट्टेबाज़ी के ज़रिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। शाम को दोस्तों के साथ घूमें-फिरें, क्योंकि यह आपके लिए इस वक़्त बहुत ज़रूरी है। आपके ज़हन में काम का दबाव होने के बावजूद आपका प्रिय आपके लिए ख़ुशी के पलों को लाएगा। आज के दिन आप सबके ध्यान का केंद्र होंगे और सफलता आपकी पहुँच में होगी। आज के समय में अपने लिए वक्त निकाल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज ऐसा दिन है जब आपके पास अपने लिए भरपूर समय होगा। आप अपने वैवाहिक जीवन की सारी ख़राब यादें भूल जाएंगे और आज का भरपूर लुत्फ़ लेंगे।

मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज अपनी ऊर्जा का उपयोग किसी मुश्किल में फँसे इंसान की मदद करने के लिए करें। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें आज अपने बच्चों की पढ़ाई पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और मददगार साबित होगा। आज प्यार के मामले में सामाजिक बंधन तोड़ने से बचें। आपको कुछ सबसे बढ़िया अवसर नये लोगों के माध्यम् से मिलेंगे। परिवार की जरुरतों को पूरा करते-करते आप कई बार खुद को वक्त देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप सबसे दूर होकर अपने आप के लिए वक्त निकाल पाएंगे। लोगों की दख़लअन्दाज़ी वैवाहिक जीवन में परेशानी खड़ी कर सकती है।

कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आपके दोस्तों की बेरुख़ी आपको नाराज़ करेगी। लेकिन ख़ुद को शांत रखें। इस बात को परेशानी न बनने दें और इससे बचने की कोशिश करें। धन की आवश्यकता कभी भी पड़ सकती है इसलिए आज जितना हो अपने पैसे की बचत करने का विचार बनाएं। परिवार में नए सदस्य के आने की ख़बर आपको रोमांचित कर देगी। समारोह आयोजित कर इस ख़ुशी को सबके साथ बाटें। अगर आप कोई नया व्यवसाय या योजना शुरू करने की सोच रहे हैं तो जल्दी ही फ़ैसला करें, क्योंकि आपके सितारे महरबान हैं। जो आप करना चाहते हैं, उस ओर क़दम बढ़ाने में घबराएँ नहीं। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। अपने जीवनसाथी के किसी छोटी बात को लेकर बोेले गए झूठ से आप आहत महसूस कर सकते हैं।

सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज बहुत-कुछ आपके कंधों पर टिका हुआ है और फ़ैसले लेने के लिए स्पष्ट सोच ज़रूरी है। अगर आप अपनी रचनात्मक प्रतिभा को सही तरीक़े से इस्तेमाल करें तो वह काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगी। आपके माता-पिता की सेहत पर ज़्यादा ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है। अपने प्रेम-प्रसंग के बारे में इधर-उधर ज़्यादा बातें न करें। पेशेवर तौर पर आज का दिन सकारात्मक रहेगा। इसका भरपूर उपयोग करें। परिवार की जरुरतों को पूरा करते-करते आप कई बार खुद को वक्त देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप सबसे दूर होकर अपने आप के लिए वक्त निकाल पाएंगे। किसी के प्रभाव में आकर आपका जीवनसाथी आपसे झगड़ सकता है, लेकिन प्यार और सद्भाव से मामला सुलझ जाएगा।

कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आपको लंबे समय से महसूस हो रही थकान और तनाव से आराम मिलेगा। इन परेशानियों से स्थायी निजात पाने के लिए जीवन-शैली में बदलाव लाने का सही समय है। दिन चढ़ने पर वित्तीय तौर पर सुधार आएगा। शाम के वक़्त अचानक मिली कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार की ख़ुशी और उत्साह की वजह साबित होगी। शाम ढलते-ढलते कोई आकस्मिक रुमानी झुकाव आपके दिलोदिमाग़ पर छा सकता है। नौकरी बदलना मददागार साबित होगा। आप अपनी वर्तमान नौकरी को छोड़कर किसी नए क्षेत्र जैसे कि मार्केटिंग वग़ैरह में जा सकते हैं, जो आपके लिए बढ़िया रहेगा। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपको ख़ुश करने के लिए आज काफ़ी कोशिशें करता नज़र आएगा।

तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आपका बच्चों जैसा भोला स्वभाव फिर सतह पर आ जाएगा और आप शरारती मनोदशा में होंगे। आज मुमकिन है कि आपको धन से जुड़ी कोई समस्या हो लेकिन अपनी सूझबूझ से आप हानि को भी मुनाफे में बदल सकते हैं। अगर आज आप अपने परिचितों पर अपने फ़ैसले थोपने की कोशिश करेंगे, तो आप अपने हितों को ही नुक़सान पहुँचाएंगे। हालात का सामना धैर्य से करना ही अच्छे परिणाम दे सकता है। आपके प्यार के रिश्ते में एक जादूई एहसास छा रहा है, इसकी ख़ूबसूरती महसूस करें। आज के दिन आप सबके ध्यान का केंद्र होंगे और सफलता आपकी पहुँच में होगी। इस राशि वाले जातकों को आज खाली वक्त में आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा करके आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। वैवाहिक जीवन के लिहाज़़ से यह बढ़िया दिन है। साथ में एक अच्छी शाम गुज़ारने की योजना बनाएँ।

वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आपकी सेहत ठीक रहेगी, लेकिन यात्रा आपके लिए थकाऊ और तनावपूर्ण साबित हो सकती है। जो लोग टैक्स चोरी करते हैं आज वो बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। इसलिए आपको यही सलाह दी जाती है कि टैक्स की चोरी न करें। आज आपमें धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी तल्ख़ी आस-पास के लोगों को दुःखी कर सकती है। आज आपका कोई छुपा विरोधी आपको ग़लत साबित करने की पुरज़ोर कोशिश करेगा। आज आपको अचानक किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है जिसकी वजह से घरवालों के साथ समय बिताने का आपका प्लान खराब हो सकता है। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ सैर-सपाटे का आनंद ले सकते हैं।

धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज ऊर्जा और उत्साह का अतिरेक आपको घेर लेगा और आप सामने आने वाले सभी मौक़ों का भरपूर फ़ायदा उठाएंगे। आज किसी पार्टी में आपकी मुलाकात किसी ऐसे शख्स से हो सकती है जो आर्थिक पक्ष को मजबूत करने के लिए आपको अहम सलाह दे सकता है। आप महसूस करेंगे कि आपके दोस्त सहयोगी स्वभाव के हैं- लेकिन बोलने में सावधानी बरतें। आज किसी ऐसे इंसान से मिलने की संभावना है जो आपके दिल को गहराई से छूएगा। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। आप चाहें तो परेशानियों को मुस्कुराकर दरकिनार कर सकते हैं या उनमें फँसकर परेशान हो सकते हैं। चुनाव आपको करना है। अपने जीवनसाथी के साथ आप प्यार से भरे पुराने दिन एक बार फिर जी पाएंगे।

मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आप में इच्छाशक्ति की कमी आपको भावनात्मक और मानसिक परेशानियों में फँसा सकती है। अगर आप लम्बे वक़्त के लिए निवेश करें, तो अच्छा-ख़ासा फ़ायदा हासिल कर सकते हैं। शाम के समय अपने जीवनसाथी के साथ बाहर खाना या फ़िल्म देखना आपको सुकून देगा और ख़ुशमिज़ाज बनाए रखेगा। आपके प्रिय/जीवनसाथी का फ़ोन आपका दिन बना देगा। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। आपके पास समय तो होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप कुछ ऐसा नहीं कर पाएंगे जो आपको संतुष्टि दे। वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय बनाने के आपके प्रयास उम्मीद से ज़्यादा रंग लाएंगे।

कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज बहुत ज़्यादा खाने से बचें और अपने वज़न पर नज़र रखें। आज आपको किसी अज्ञात स्रोत से पैसा प्राप्त हो सकता है जिससे आपकी कई आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। अपनी उपयोगिता की ताक़त को सकारात्मक सोच और बातचीत के ज़रिए विकसित करें, ताकि आपके परिवार के लोगों को लाभ हो। विवाहेतर प्रेम संबंध आपकी प्रतिष्ठा धूमिल कर सकते हैं। आपके साझीदार आपकी नई योजनाओं और विचारों का समर्थन करेंगे। इस राशि वालों को आज खुद के लिए काफी समय मिलेगा। इस समय का उपयोग आप अपने शौकों को पूरा करने में कर सकते हैं। आप कोई किताब पढ़ सकते हैं या अपना पसंदीदा म्यूजिक सुन सकते हैं। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह थोड़ा मुश्किल वक़्त है।

मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते वक़्त आपको हिम्मत और मज़बूती दिखाने की ज़रूरत है। सकारात्मक रवैये के माध्यम से आप आसानी से इन बाधाओं को पार कर सकते हैं। आज आपके ऑफिस का कोई सहकर्मी आपकी कीमती वस्तु चुरा सकता है इसलिए आज आपको अपना सामान ध्यान से रखने की जरुरत है। ऐसे दोस्तों के साथ बाहर जाएँ जो आपके हालात और ज़रूरतों को समझते हैं। आपके प्यार के रिश्ते में एक जादूई एहसास छा रहा है, इसकी ख़ूबसूरती महसूस करें। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। इस राशि के जातक आज खाली वक्त में रचनात्मक काम करने का प्लान तो बनाएंगे लेकिन उनका यह प्लान पूरा नहीं हो पाएगा।
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