Devo ke Dev Mahadev kailshpati

Devo ke Dev  Mahadev kailshpati जै बाबा महादेव जी पेज में सिर्फ भोले ब?

इस साल बाबा बर्फानी जी के दर्शन नही होगी । covid-19   के कारण बाबा अमरनाथ बर्फानी जी की यात्रा   रद्द कर दी गई है।
21/06/2021

इस साल बाबा बर्फानी जी के दर्शन नही होगी । covid-19 के कारण बाबा अमरनाथ बर्फानी जी की यात्रा रद्द कर दी गई है।

19/06/2021

#जगन्नाथ_धाम, #पुरी की रसोई अत्यंत अद्भुत है...

हजारो साल पुराने इस मंदिर के एक एकड़ में फैली 32 कमरों वाली इस विशाल रसोई (150 फ़ीट लंबी, 100 फ़ीट चौड़ी और 20 फ़ीट ऊँची) में भगवान् को चढ़ाये जाने वाले महाप्रसाद को तैयार करने के लिए 752 चूल्हे इस्तेमाल में लाए जाते हैं...

और लगभग 500 रसोइए तथा उनके 300 सहयोगी काम करते हैं....ये सारा प्रसाद मिट्टी की जिन सात सौ हंडियों में पकाया जाता है, उन्हें ‘अटका’ कहते हैं.. लगभग दो सौ सेवक सब्जियों, फलों, नारियल इत्यादि को काटते हैं, मसालों को पीसते हैं.. मान्यता है कि इस रसोई में जो भी भोग बनाया जाता है......

उसका निर्माण माता लक्ष्मी की देखरेख में ही होता है।

यह रसोई विश्व की सबसे बड़ी रसोई के रूप में विख्यात है।
यह मंदिर की दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। भोग पूरी तरह शाकाहारी होता है। मीठे व्यंजन तैयार करने के लिए यहाँ शक्कर के स्थान पर अच्छे किस्म का गुड़ प्रयोग में लाया जाता है..
आलू, टमाटर और फूलगोभी का उपयोग मन्दिर में नहीं होता। जो भी व्यंजन यहाँ तैयार किये जाते हैं, उनके ‘जगन्नाथ वल्लभ लाडू’, ‘माथपुली’ जैसे कई अन्य नाम रखे जाते हैं। भोग में प्याज व लहसुन का प्रयोग निषिद्ध है।

यहाँ रसोई के पास ही दो कुएं हैं, जिन्हें ‘गंगा’ व ‘यमुना’ कहा जाता है..

केवल इनसे निकले पानी से ही भोग का निर्माण किया जाता है। इस रसोई में 56 प्रकार के भोगों का निर्माण किया जाता है। दाल, चावल, सब्जी, मीठी पूरी, खाजा, लड्डू, पेड़े, बूंदी, चिवड़ा, नारियल, घी, माखन, मिसरी आदि से महाप्रसाद बनता है...

रसोई में पूरे वर्ष के लिए भोजन पकाने की सामग्री रहती है। रोज़ कम से कम 10 तरह की मिठाइयाँ बनाई जाती हैं।

आठ लाख़ लड्डू एक साथ बनाने पर इस रसोई का नाम गिनीज़ बुक में भी दर्ज हो चुका है...

रसोई में एक बार में 50 हज़ार लोगों के लिए महाप्रसाद बनता है। मन्दिर की रसोई में प्रतिदिन बहत्तर क्विंटल चावल पकाने का स्थान है..

रसोई में एक के ऊपर एक 7 कलशों में चावल पकाया जाता है। प्रसाद बनाने के लिए 7 बर्तन एक-दूसरे के ऊपर रख दिए जाते हैं। सबसे ऊपर रखे बर्तन में रखा भोजन पहले पकता है.... फिर नीचे की तरफ़ से एक के बाद एक प्रसाद पकता जाता है। प्रतिदिन नये बर्तन ही भोग बनाने के काम आते हैं।

सर्वप्रथम भगवान् को भोग लगाने के पश्चात् भक्तों को प्रसाद दिया जाता है...

भगवान् जगन्नाथ को महाप्रसाद, जिसे ‘अब्धा’ कहा जाता है, निवेदित करने के बाद माता बिमला को निवेदित किया जाता है...
तब वह प्रसाद महाप्रसाद बन जाता है...

भगवान् श्री जगन्नाथ को दिन में छह बार महाप्रसाद चढ़ाया जाता है।

रथ यात्रा के दिन एक लाख़ चौदह हज़ार लोग रसोई कार्यक्रम में तथा अन्य व्यवस्था में लगे होते हैं...

जबकि 6000 पुजारी पूजाविधि में कार्यरत होते हैं। ओडिशा में दस दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय उत्सव में भाग लेने के लिए दुनिया के कोने-कोने से लोग उत्साहपूर्वक उमड़ पड़ते हैं..

यहाँ भिन्न-भिन्न जातियों के लोग एक साथ भोजन करते हैं, जात-पाँत का कोई भेदभाव नहीं रखा जाता ....

जय जगन्नाथ ...

15/06/2021
15/06/2021

ਬਾਬਾ ਬਰਫ਼ਾਨੀ ਕੀ ਯਾਤਰਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।

Yatra 2021 baba barfani update
06/06/2021

Yatra 2021 baba barfani update

02/06/2021

श्री अमरनाथ यात्रा का फैंसला,10 जून को आना है

“Health is the greatest gift, contentment the greatest wealth, faithfulness the best relationship” - Gautam Buddha Buddh...
27/05/2021

“Health is the greatest gift, contentment the greatest wealth, faithfulness the best relationship” - Gautam Buddha

Buddha Purnima marks the birth anniversary of Gautam Buddha, the founder of Buddhism. Let us remember his teachings and his path of peace, non-violence & harmony.

This place is a also called as "Churi Chandni"  Which means Mountain in bangles of snow You can witness beautiful snow c...
26/05/2021

This place is a also called as "Churi Chandni" Which means Mountain in bangles of snow You can witness beautiful snow cald ranges and peaks of badrinath and kedarnath And for locals this a "yarta" A yatra of faith and love towards their diety Mahadev You can feel the positivity and peace all around you At an elevation of just 12000 ft churdhar is a heaven in sirmaur And this lingam is dedicated to Lord Shiva "Jai Chudeshwar Mahadev" May The Lord bless your day 🕉️


Location:- Churdhar Peak - Sirmaur - Himachal Pradesh - India

यदि "महाभारत" को पढ़ने का समय न हो तो भी इसके नौ सार- सूत्र को ही समझ लेना हमारे जीवन में उपयोगी सिद्ध हो सकता है1. संता...
22/05/2021

यदि "महाभारत" को पढ़ने का समय न हो तो भी इसके नौ सार- सूत्र को ही समझ लेना हमारे जीवन में उपयोगी सिद्ध हो सकता है

1. संतानों की गलत माँग और हठ पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो अंत में आप असहाय हो जायेंगे - कौरव

2. आप भले ही कितने बलवान हो लेकिन अधर्म के साथ हो तो, आपकी विद्या, अस्त्र-शस्त्र शक्ति और वरदान सब निष्फल हो जायेगा - कर्ण

3. संतानों को इतना महत्वाकांक्षी मत बना दो कि विद्या का दुरुपयोग कर स्वयंनाश कर सर्वनाश को आमंत्रित करे - अश्वत्थामा

4. कभी किसी को ऐसा वचन मत दो कि आपको अधर्मियों के आगे समर्पण करना पड़े - भीष्म पितामह

5. संपत्ति, शक्ति व सत्ता का दुरुपयोग और दुराचारियों का साथ अंत में स्वयंनाश का दर्शन कराता है - दुर्योधन

6. अंध व्यक्ति - अर्थात मुद्रा, मदिरा, अज्ञान, मोह और काम ( मृदुला) अंध व्यक्ति के हाथ में सत्ता भी विनाश की ओर ले जाती है - धृतराष्ट्र

7. यदि व्यक्ति के पास विद्या, विवेक से बँधी हो तो विजय अवश्य मिलती है - अर्जुन

8. हर कार्य में छल, कपट, व प्रपंच रच कर आप हमेशा सफल नहीं हो सकते - शकुनि

9. यदि आप नीति, धर्म, व कर्म का सफलता पूर्वक पालन करेंगे, तो विश्व की कोई भी शक्ति आपको पराजित नहीं कर सकती - युधिष्ठिर

🙏श्री कृष्णाय नमः।

17/05/2021

Baba kedarnath ke kapat khul gaye ha aaj per is saal yatra nahi hogi covid -19 ke karan . Jai baba kedarnath ji sb per kirpa kerna.

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