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22/09/2026

आज 22 सितंबर 2026 का मौसम अपडेट: देशभर में बारिश का दौर, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

22 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना हुआ है। ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। महाराष्ट्र के कोंकण और कुछ अन्य हिस्सों में भी तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। केरल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी है। गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बारिश और आंधी-गरज का दौर देखने को मिल सकता है। वहीं उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम बदलने के साथ तेज हवाएं और बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के कारण पूर्वी और दक्षिणी भारत में बारिश का दौर सक्रिय रह सकता है।

ओडिशा: कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं और गरज-चमक की भी संभावना।
आंध्र प्रदेश: तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर, अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रह सकता है।
केरल: छह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, अन्य इलाकों में भी बारिश की संभावना।
महाराष्ट्र: मुंबई, ठाणे और कोंकण क्षेत्र में बारिश और गरज-चमक का असर, कुछ जगह भारी बारिश संभव।
गुजरात: कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
तेलंगाना: 23 से 26 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
दिल्ली: आज मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना, हालांकि बादल छा सकते हैं।
मुंबई: बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने के आसार।
लखनऊ: मौसम में बदलाव संभव, कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
हैदराबाद: बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना।
बेंगलुरु: बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रह सकता है।
भुवनेश्वर: भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
चेन्नई: कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना।
गुवाहाटी: बादल छाए रहने के साथ स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है।

22/09/2026
22/09/2026

लखनऊ KGMU में 45 वर्षीय महिला के ब्रेन हैमरेज का सफल इलाज, बैलून तकनीक से बची जान

लखनऊ के KGMU में 45 वर्षीय महिला के ब्रेन हैमरेज का सफल उपचार किया गया। दाहिनी पिकॉम आर्टरी में एन्यूरिज्म फटने से महिला को ब्रेन हैमरेज हुआ था। तेज सिरदर्द, उल्टी और अत्यधिक कमजोरी के बाद उसे अस्पताल लाया गया। इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग ने एंडोवास्कुलर तकनीक से बैलून की सहायता से एन्यूरिज्म का सफल उपचार किया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आयुष्मान योजना से इलाज में मदद मिली। 17 सितंबर को मरीज एक्सटुबेट हुई और अब स्वस्थ है।

05/08/2026

🔴 “कुछ चेहरे पर्दे पर विलेन बनते हैं… लेकिन अपनी दमदार अदाकारी से हमेशा के लिए दर्शकों के दिलों में बस जाते हैं। प्रदीप ...
04/08/2026

🔴 “कुछ चेहरे पर्दे पर विलेन बनते हैं… लेकिन अपनी दमदार अदाकारी से हमेशा के लिए दर्शकों के दिलों में बस जाते हैं। प्रदीप रावत उन्हीं कलाकारों में से एक हैं।”

🔴 प्रदीप रावत: दमदार खलनायकी की पहचान

प्रदीप रावत भारतीय फिल्म उद्योग के उन चुनिंदा अभिनेताओं में से हैं जिन्होंने अपने शानदार अभिनय और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेज़ेंस से हिंदी ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनका जन्म 21 जनवरी 1952 को उत्तराखंड के देहरादून में हुआ।

फिल्मों में आने से पहले उन्होंने खेलों में भी रुचि दिखाई और बाद में अभिनय की दुनिया को अपना करियर बनाया। शुरुआत छोटे किरदारों से हुई, लेकिन उनकी दमदार आवाज़, रौबदार व्यक्तित्व और खलनायक की प्रभावशाली शैली ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम दिलाया।

🔴 फिल्मी सफर

प्रदीप रावत ने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं। उन्हें सबसे ज़्यादा लोकप्रियता आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘गजनी’ (2008) में निभाए गए गजनी धर्मात्मा के किरदार से मिली। इस भूमिका ने उन्हें पूरे देश में एक अलग पहचान दिलाई।

इसके अलावा उन्होंने सरफरोश, लगान, बाग़बान, गजनी, मगधीरा, स्टालिन, वीरम, चाइना, नायक जैसी कई सफल फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।

🔴 प्रमुख उपलब्धियाँ

• हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय चरित्र अभिनेता।
• कई भाषाओं की 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय।
• ‘गजनी’ में निभाया गया विलेन आज भी उनके सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है।
• अपनी दमदार आवाज़ और स्क्रीन प्रेज़ेंस के लिए प्रसिद्ध।

🔴 Golden Facts

• प्रदीप रावत ने हिंदी के साथ-साथ तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी काम किया।
• फिल्म ‘गजनी’ ने उन्हें देशभर में नई पहचान दिलाई।
• वे अक्सर खलनायक और सशक्त चरित्र भूमिकाओं के लिए चुने जाते रहे हैं।
• उनकी अभिनय शैली और संवाद अदायगी उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाती है।
• कई दशकों से भारतीय सिनेमा में लगातार सक्रिय रहे हैं।

🔴 विरासत

प्रदीप रावत ने अपने अभिनय से यह साबित किया कि एक मजबूत चरित्र अभिनेता किसी भी फिल्म को यादगार बना सकता है। उनके निभाए गए किरदार आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं और आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों के लिए प्रेरणा हैं।

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फिर कर्बला के ब’अद दिखाई नहीं दियाऐसा कोई भी शख़्स कि प्यासा कहें जिसे
04/08/2026

फिर कर्बला के ब’अद दिखाई नहीं दिया
ऐसा कोई भी शख़्स कि प्यासा कहें जिसे

क़त्ल-ए-हुसैन अस्ल में मर्ग-ए-यज़ीद हैइस्लाम ज़िंदा होता है हर कर्बला के बाद
04/08/2026

क़त्ल-ए-हुसैन अस्ल में मर्ग-ए-यज़ीद है
इस्लाम ज़िंदा होता है हर कर्बला के बाद

🔴 “कुछ कलाकार अभिनय नहीं करते…🔴 दिलीप कुमार: भारतीय सिनेमा के ‘ट्रेजेडी किंग’दिलीप कुमार, जिनका वास्तविक नाम मोहम्मद यूस...
02/08/2026

🔴 “कुछ कलाकार अभिनय नहीं करते…

🔴 दिलीप कुमार: भारतीय सिनेमा के ‘ट्रेजेडी किंग’

दिलीप कुमार, जिनका वास्तविक नाम मोहम्मद यूसुफ़ ख़ान था, भारतीय सिनेमा के उन महान अभिनेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने अभिनय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनका जन्म 11 दिसंबर 1922 को पेशावर (अब पाकिस्तान) में हुआ। विभाजन से पहले उनका परिवार मुंबई आकर बस गया, जहाँ से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई।

1944 में फिल्म ‘ज्वार भाटा’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। शुरुआती संघर्ष के बाद उन्होंने अपनी सशक्त अभिनय शैली और भावनाओं को पर्दे पर जीवंत करने की अद्भुत क्षमता से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसी वजह से उन्हें भारतीय सिनेमा का “ट्रेजेडी किंग” कहा गया।

अपने लगभग पाँच दशकों के करियर में उन्होंने देवदास, मुगल-ए-आज़म, नया दौर, गंगा जमुना, राम और श्याम, आज़ाद, कोहिनूर, शक्ति, कर्मा, सौदागर जैसी कई ऐतिहासिक और यादगार फिल्मों में अभिनय किया। उनकी अभिनय शैली ने आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों के लिए एक नई मिसाल कायम की।

🔴 प्रमुख उपलब्धियाँ

• भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण (1991) से सम्मानित।
• दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (1994) से सम्मानित।
• पद्म विभूषण (2015) प्राप्त।
• 8 बार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार जीतने वाले पहले अभिनेता।
• भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में शामिल।

🔴 Golden Facts

• उनका असली नाम मोहम्मद यूसुफ़ ख़ान था।
• उन्हें पूरी दुनिया “ट्रेजेडी किंग” के नाम से जानती है।
• अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और आमिर खान सहित कई बड़े अभिनेता उन्हें अपनी प्रेरणा मानते हैं।
• उनकी फिल्म ‘मुगल-ए-आज़म’ भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में गिनी जाती है।
• अभिनय में भावनाओं की गहराई लाने की उनकी शैली आज भी अभिनय स्कूलों में मिसाल मानी जाती है।

🔴 विरासत

दिलीप कुमार ने भारतीय सिनेमा को सिर्फ़ बेहतरीन फिल्में ही नहीं दीं, बल्कि अभिनय का ऐसा मानक स्थापित किया जिसे आज भी कलाकार अपनाने की कोशिश करते हैं। उनकी कला, सादगी और व्यक्तित्व उन्हें हमेशा अमर बनाए रखेंगे।

“कुछ चेहरे समय के साथ बूढ़े हो जाते हैं, लेकिन कुछ नाम हमेशा अमर रहते हैं। दिलीप कुमार सिर्फ़ एक अभिनेता नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की सबसे महान विरासतों में से एक थे।

उनके निभाए हर किरदार में सच्चाई, संवेदनशीलता और गहराई दिखाई देती थी। आज भी उनकी फिल्में और अभिनय नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा हैं।”

🔴 एक ऐसा अभिनेता… जिसने हर किरदार में अपनी आत्मा डाल दी। नाम था—नसीरुद्दीन शाह।नसीरुद्दीन शाह: अभिनय नहीं, एक कला का नाम...
01/08/2026

🔴 एक ऐसा अभिनेता… जिसने हर किरदार में अपनी आत्मा डाल दी। नाम था—नसीरुद्दीन शाह।

नसीरुद्दीन शाह: अभिनय नहीं, एक कला का नाम

भारतीय सिनेमा में जब भी बेहतरीन अभिनय की बात होती है, नसीरुद्दीन शाह का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उनका जन्म 20 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुआ। बचपन से ही अभिनय के प्रति उनका गहरा लगाव था। यही जुनून उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित और प्रतिभाशाली अभिनेताओं की सूची में ले आया।

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और फिर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) तथा फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे से अभिनय की बारीकियाँ सीखीं। थिएटर से शुरुआत करने वाले नसीरुद्दीन शाह ने अपने अभिनय के दम पर साबित कर दिया कि असली कलाकार वही होता है, जो हर किरदार में जान डाल दे।

1975 में फिल्म ‘निशांत’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले नसीरुद्दीन शाह ने स्पर्श, आक्रोश, मिर्च मसाला, मासूम, ए वेडनेसडे!, इक़बाल, इश्किया, द डर्टी पिक्चर, ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा जैसी अनेक फिल्मों में यादगार अभिनय किया। उन्होंने समानांतर सिनेमा और मुख्यधारा की फिल्मों दोनों में अपनी अलग पहचान बनाई।

🔴 प्रमुख उपलब्धियाँ

• पद्मश्री (1987)
• पद्म भूषण (2003)
• तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
• अनेक फिल्मफेयर और अंतरराष्ट्रीय सम्मान

🔴 Golden Facts

• 100 से अधिक फिल्मों और कई वेब सीरीज़ में अभिनय किया।
• भारतीय थिएटर के सबसे सम्मानित कलाकारों में गिने जाते हैं।
• अभिनय पर आधारित आत्मकथा “And Then One Day” लिखी।
• समानांतर सिनेमा के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माने जाते हैं।
• हर किरदार को वास्तविक और जीवंत बना देने की उनकी शैली आज भी अभिनय की मिसाल मानी जाती है।

🔴 विरासत

नसीरुद्दीन शाह ने यह साबित किया कि अभिनय केवल संवाद बोलना नहीं, बल्कि किरदार को जीना होता है। उनका हर प्रदर्शन नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा है। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा

“कुछ कलाकार पर्दे पर अभिनय नहीं करते… वो अपने किरदार को जीते हैं। नसीरुद्दीन शाह उन्हीं महान कलाकारों में से एक हैं।”

थिएटर से लेकर फिल्मों तक उन्होंने हर भूमिका में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी सादगी, गहराई और बेहतरीन अभिनय ने उन्हें भारतीय सिनेमा का एक अमूल्य सितारा बना दिया। आज भी उनके अभिनय की मिसाल दी जाती है और आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।

01/08/2026

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