08/07/2026
संघर्ष से शिक्षा तक: इकरा नूरी की प्रेरणादायक नामांकन यात्रा क्लस्टर: गनवारिया ग्राम पंचायत: दयालीडीह फील्ड कोऑर्डिनटेर: तरन्नुम नाज ब्लॉक :- हरैया सतघरवा टीम बालिका: भवानी प्रसाद क्लस्टर गनवारिया के ग्राम पंचायत दयालीडीह की रहने वाली इकरा नूरी, पिता श्री जाकिर अली, शिक्षा से वंचित एक बालिका थी। इकरा लगभग 8 वर्ष की हो चुकी थी, लेकिन अभी तक उसका किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय में नामांकन नहीं हुआ था। वह गाँव के एक ऐसे मदरसे में पढ़ रही थी, जिसका न तो यू-डायस ( UDISE) नंबर था और न ही कोई सरकारी पंजीकरण | इसलिए उसे औपचारिक शिक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इकरा का आधार कार्ड बना हुआ था, लेकिन उसके माता-पिता सरकारी विद्यालय में नामांकन कराने के इच्छुक नहीं थे। वे धार्मिक शिक्षा ( दीन-ए-इस्लाम) को प्राथमिकता देते थे और मजदूरी करने के कारण शिक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी एवं प्रक्रियाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहे थे। यह परिवार Household ID: A91 के अंतर्गत चिन्हित था। एक दिन Foundation to Educate Girls Globally की फील्ड कोऑर्डिनेटर तरन्नुम नाज़ एवं टीम बालिका भवानी प्रसाद डोर-टू-डोर संपर्क अभियान के दौरान इकरा के घर पहुँचे। बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि इकरा की आयु विद्यालय में प्रवेश के अनुरूप हो चुकी है, फिर भी उसका किसी सरकारी विद्यालय में नामांकन नहींहुआहै। इसके बाद तरन्नुम नाज़ जी और टीम बालिका ने कई बार परिवार से मुलाकात की। उन्होंने माता-पिता को शिक्षा के महत्व, बालिका के अधिकार तथा सरकारी विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी । लगातार संवाद, विश्वास और प्रेरणा के माध्यम से उन्होंने परिवार को यह समझाया कि धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ औपचारिक शिक्षा भी बालिका के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। लगातार प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया। इकरा के माता-पिता अपनी बेटी का नामांकन कराने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद फील्ड कोऑर्डिनेटर और टीम बालिका ने स्वयं परिवार के साथ जाकर प्राथमिक विद्यालय, दयालीडीह में इकरा नूरी का आयु-संगत आधार पर कक्षा-2 में नामांकन कराया। नामांकन के बाद इकरा के चेहरे पर मुस्कान साफ़ झलक रही थी। वह अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न थी। आज इकरा नियमित रूप से विद्यालय जाती है और पूरे उत्साह के साथ अपनी शिक्षा ज