11/05/2025
इक नई शुरुआत...❤️🙏🏻
“बुलाया मुझको गया है, तो फिर, वजह क्या है...
महफ़िल-ए-शे'र, में बोलो, तेरी रज़ा
क्या है....!
भले ही रूठा हुआ है, ये जमाना मुझसे....,
सच जो निकले जुबां से तो फिर सजा
क्या है !!”
“अमीकर अमोली”
🙏🏻❤️