30/03/2026
ना कुछ साथ लेकर आए थे
ना कुछ साथ लेकर जाएँगे
सब यहीं रह जाना है
भागदौड़ कर जो भी कमाएँगे
दिन भर धन कमाने पीछे भाग रहे
जीवन जीने का कोई फ़िक्र नहीं
जिसने इतना कुछ दे दिया
उस भगवान का कोई भी ज़िक्र नहीं
पैसा खोने का दुख है
दिल दुखाने का कोई गम नहीं
एक से बढ़कर एक यहाँ
लालची कोई किसी से कम नहीं
ना खुद ख़ुश हुए कभी
ना औरों को हँसाया
सारा ध्यान बस अपनी
कमाई बढ़ाने पर लगाया
दुनिया जीत भी ख़ाली हाथ लौट गए
पहले भी कितने आए थे सिकंदर
पैसा जोड़कर कहाँ कोई
बदल पाया है माथे का मुक़द्दर
पता यहाँ सबको है कि
कफ़न के जेब नहीं होती
फिर भी पता नहीं क्यों
अमीर बनने की तमा ख़त्म नहीं होती
निरोगी काया स्वस्थ शरीर
सबसे धनी जिसने यह पाया
अच्छे काम साथ जाएँगे
यहीं रह जानी माया
खुद भी ख़ुश रहो
दूसरों में भी ख़ुशियाँ बाँटों
दुनियावी मोह के इस जाल को ‘मान’
तुम भी नाम जप कर काटो
और याद रखो
एक दुआ भी ज़िंदगी है बदल सकती
लेकिन लाखों करोड़ों की संपत्ति भी
मुर्दे में प्राण नहीं डाल सकती
उतना कमाओ जितनी ज़रूरत हो
बाकी औरों में बाँट दो
जीवन का पूरा आनंद लो
यूँही नहीं पैसे जोड़ने में काट दो
श्वासों की गिनती सीमित है
इसे व्यर्थ ना करो
कल की चिंता छोड़कर
आज में ज़िंदगी व्यतीत करो
आज में ज़िंदगी व्यतीत करो
-गुरविंदर मान