18/09/2026
आज बहुत चिंता और पीड़ा हुई यह देखकर कि किसी व्यक्ति के अच्छे कार्यों के लिए उसे सराहने के बजाय उसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत सिसैया के ग्राम सिसैया खुर्द (छोटी सिसैया) में जब एक घटना हुई थी, तब अजय सिंह जी लगातार जनता के बीच रहे, जनता की बात उठाई और हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहे। लेकिन आज जारी हुए एक निर्देश में उनका नाम तक नहीं है।
सवाल यह है कि क्या यह केवल संयोग है, या फिर संगठन के भीतर ऐसी गुटबाजी है जो जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं और नेताओं को कमजोर कर रही है?
मैं 141 विधानसभा का एक छोटा-सा कार्यकर्ता हूँ और अपने नेता माननीय अखिलेश यादव जी से बस इतना पूछना चाहता हूँ—
क्या लखनऊ में बैठे रहना ही सक्रियता की पहचान है?
क्या जनता के बीच रहकर उनकी आवाज उठाना, उनके सुख-दुख में साथ खड़ा होना और लगातार संघर्ष करना कोई मायने नहीं रखता?
अजय सिंह जी ने जनता के बीच रहकर अपनी सक्रियता दिखाई है। ऐसे जमीनी प्रयासों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, न कि उन्हें नजरअंदाज किए जाने का एहसास।
माननीय अखिलेश यादव जी, यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ शिकायत नहीं, बल्कि एक जमीनी कार्यकर्ता की पीड़ा और अपने नेतृत्व से उम्मीद है।
संगठन तब मजबूत होगा, जब जमीन पर संघर्ष करने वाले हर कार्यकर्ता और नेता को उचित सम्मान और अवसर मिलेगा। 🙏🌹
Akhilesh Yadav
Samajwadi Party
Apka Ajay Singh
शशांक यादव
Dhanilal Shramik
Jitendra Singh Chahal Ji
Lalit Yadav