25/10/2025
जब मनुस्मृति कहती थी, “शूद्रों को शिक्षा देना अपराध है”,
तब एक व्यक्ति खड़ा हुआ और बोला
“मैं लात मारता हूँ तुम्हें और तुम्हारी मनुस्मृति पर!” ⚡
वो थे महात्मा ज्योतिबा फुले,
जिन्होंने समाज के अंधकार में पहली मशाल जलाई,
स्त्रियों के लिए पहला स्कूल खोला,
और जाति के जंजाल को तोड़कर बराबरी का सपना बोया।
आज अगर हम खुलकर सोच सकते हैं,
पढ़ सकते हैं, सवाल कर सकते हैं,
तो ये उसी बाग़ के माली की देन है,🌹
जिसने समाज की ज़मीन में समानता का बीज बोया था।
जय ज्योतिबा फुले!
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