JSK ARTS

JSK ARTS Jai Shri Krishna
welcome & thanks to visit our page. JSK is a short name of Jai Shri Krishna. JSK ARTS is the place where we provide all art related services.

We work accurately, genuinely & perfectly. We always try to do something new. We serve cu

Happy New Year 2018
31/12/2017

Happy New Year 2018

Watch this videoPrem Patra || Mere Priya Ajnabi Saathi || Sandeep Kumar Gupta - Sanat
21/11/2017

Watch this video

Prem Patra || Mere Priya Ajnabi Saathi || Sandeep Kumar Gupta - Sanat

Mere Priya Ajnabi Saathi...

Rose flower made of waste styrofoam peace...
04/10/2017

Rose flower made of waste styrofoam peace...

Morpankhi created by me...
04/10/2017

Morpankhi created by me...

13/06/2017

हम तो लिख बैठे हैं ग़ज़ल तुम्हारी निगाहों पर,
अब तुम नजर छुपाओ तो हम क्या जाने।
- संदीप कुमार गुप्ता "सनत्"

07/06/2017

"साकी"
रचना: संदीप कुमार गुप्ता "सनत्"

ऐ साकी तेरे मयख़ाने में,
कैसी ये तन्हाई है,
क्यूँ जाम कोई छलका नहीं,
खामोशी क्यूँ छाई है।
तड़पा ना यूँ ग़म-ए-इश्क़ में,
ये प्याला मुझे दे दे,
मुझसे अब सहा नहीं जाता,
मेरी जान पर बन आयी है।
आज कयामत रात तक,
पी लेने दे साकी मुझे,
कल वो रात हो ना हो,
वो रात तो पराई है।

- संदीप कुमार गुप्ता "सनत्"

Tags: Sandeep Kumar Gupta, Manoj Goswami, KB Bairwa, Ashutosh Mishra, Kapil Chourasiya,

03/06/2017

"दिल का फ़साना..."
रचना : संदीप कुमार गुप्ता "सनत्"

दिल का फ़साना, बड़ा ही दर्द भरा था - 2
ग़म नहीं था वो मेरा - 2, ग़म का आसरा था,
दिल का फ़साना, बड़ा ही दर्द भरा था।

साँसों से भी ज़ख्म की गंध थी आयी -2
दिल को जिसने चीरा, वो खंज़र तेरा था - 2
दिल का फ़साना, बड़ा ही दर्द भरा था।

सुकूं नहीं मिल सका किसी भी तरह - 2
मरहम जिसने छीना, वो हाथ तेरा था - 2
दिल का फ़साना, बड़ा ही दर्द भरा था।

जी ना सके लेकिन हम तेरे बिना - 2
कल ही जो निकला, वो जनाजा मेरा था - 2
दिल का फ़साना, बड़ा ही दर्द भरा था।

वो लम्हा भी बड़ा बेदर्द निकला - 2
तुम जो ना आये, वो भी दर्द मेरा था - 2
दिल का फ़साना, बड़ा ही दर्द भरा था।

- संदीप कुमार गुप्ता "सनत्"

29/05/2017

प्रभु चरन की महिमा
रचना : संदीप कुमार गुप्ता "सनत्"

मैं तुम्हरे चरन गुन गाता हूँ, - 2

तुम्हरे चरन की है महिमा न्यारी - 2
तुम्हरी अरज करें सब नर-नारी - 2
तुम्हरे चरण ही को ध्याता हूँ,
मैं तुम्हरे चरन गुन गाता हूँ।

तुम्हरे चरन ने जग को तारा - 2
तुम्हरे गुन गाये ये जग सारा - 2
निशदिन तुमको ही ध्याता हूँ,
मैं तुम्हरे चरन गुन गाता हूँ।

तुम्हरा ध्यान प्रहलाद लगाया - 2
तुमने उसको गोद उठाया - 2
में चरनन में आना चाहता हूँ,
मैं तुम्हरे चरन गुन गाता हूँ।

ध्रुव ने भारी तप है कीन्हा - 2
तुमने उसको "ध्रुव" पद दीन्हा - 2
मैं सेवक का पद चाहता हूँ,
मैं तुम्हरे चरन गुन गाता हूँ।

दुःख में प्रभु को याद तुम करना - 2
पर सुख में भी नाही बिसरना - 2
गुरुओं से ये शिक्षा पाता हूँ,
संतों से ये दीक्षा पाता हूँ,
मैं तुम्हरे चरन गुन गाता हूँ।

- संदीप कुमार गुप्ता "सनत्"

By: Sandeep Kumar Gupta "Sanat"
29/05/2017

By: Sandeep Kumar Gupta "Sanat"

27/10/2016

Address

254, Ajay Ahuja Nagar Extn
Kota
324005

Telephone

9875071172

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when JSK ARTS posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Establishment

Send a message to JSK ARTS:

Share