Age of Buddha

Age of Buddha Lord Buddha (Siddhartha Gautama) taught Four Noble Truths,
1. Dukkha – The Truth of Suffering
2. Samudaya – The Truth of the Cause of Suffering
3.

Nirodha – The Truth of the End of Suffering
4. Magga – The Truth of the Path to End Suffering

17/06/2026

हिंदू डरपोक, हिंदू कायर, हिंदू अहंकारी, हिंदू स्वार्थी, हिंदू परिवारवादी, हिंदू असंगठित, हिंदू झूठा, हिंदू ठग, हिंदू जालसाज़, हिंदू बेईमान, हिंदू पद पैसा और धन-संपत्ति का लोभी हिंदू समाज — यह मरा हुआ कायर,अहंकारी, स्वार्थी, परिवारवादी, डरपोक, असंगठित जाति का ना है अतीत न भविष्य और न ही वर्तमान।











#26/11Attack
#9/11Attack

15/06/2026

"जनरल जीडी बख्शी ने 130 करोड़ कायर, डरपोक, अहंकारी, स्वार्थी, परिवारवादी, झूठे मक्कार, पैसे पद और संपत्ति के लोभी हिंदुओं की खुली पोल, और बताइए कायर डरपोक अहंकारी हिंदुओं की असली सच्चाई" बिग सेल्यूट जनरल जीडी बक्शी सर। 👏🇮🇳
"General G.D. Bakshi openly exposed the reality of 1.3 billion cowardly, fearful, arrogant, selfish, family-centric, deceitful, manipulative, and materialistic Hindus who are greedy for money, positions, and property. Tell us more about the real truth of these cowardly and arrogant Hindus. A big salute to General G.D. Bakshi, sir. 👏🇮🇳"

"Islam is a cancer for the world and for India."
15/06/2026

"Islam is a cancer for the world and for India."
















INDIAN 200 Nuclear weapons ☠️💣 ☢️🇮🇳🚩                🇮🇳  🚩
10/06/2026

INDIAN 200 Nuclear weapons ☠️💣 ☢️🇮🇳🚩

🇮🇳 🚩

"समय आ गया है भारतवर्ष का जमीन हमारा जमीन वापस लेने का!!"🇮🇳🚩💪 Jai Hind Jai Akhand Bharat🚩"The time has come for Bharat (...
09/06/2026

"समय आ गया है भारतवर्ष का जमीन हमारा जमीन वापस लेने का!!"🇮🇳🚩💪 Jai Hind Jai Akhand Bharat🚩

"The time has come for Bharat (India) to reclaim the land that belongs to us! 🇮🇳🚩💪"Jai Hind Jai Akhand Bharat🚩

इजराइल में दुनिया और भारत के सबसे बड़े और महान राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के दुनिया के सबसे बड़े और भाव मूर्ति स्थापना ह...
08/06/2026

इजराइल में दुनिया और भारत के सबसे बड़े और महान राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के दुनिया के सबसे बड़े और भाव मूर्ति स्थापना होने जा रहा है!! जय भवानी जय शिवाजी! 🚩🇮🇳🇮🇱

"The world's largest and most magnificent statue of Chhatrapati Shivaji Maharaj, one of the greatest kings of India and the world, is going to be installed in Israel! Jai Bhavani, Jai Shivaji! 🚩🇮🇳🇮🇱"

"If not all Muslims in the world are terrorists, then why are 99.99999% of the world's terrorists supposedly Muslims?""द...
08/06/2026

"If not all Muslims in the world are terrorists, then why are 99.99999% of the world's terrorists supposedly Muslims?"

"दुनिया के सभी मुसलमान अगर आतंकवादी(Terrorist) नहीं है, तो दुनिया के 99.99999% आतंकवादी(Terrorist) मुसलमानी क्यों होते हैं???"

"পৃথিবীর সব মুসলমান যদি সন্ত্রাসী (Terrorist) না হয়, তাহলে পৃথিবীর 99.99999% সন্ত্রাসী (Terrorist) মুসলমান কেন হয়???"

"உலகிலுள்ள அனைத்து முஸ்லிம்களும் பயங்கரவாதிகள் (Terrorists) அல்ல என்றால், உலகின் 99.99999% பயங்கரவாதிகள் (Terrorists) ஏன் முஸ்லிம்களாக இருக்கிறார்கள்???"

"જો દુનિયાના બધા મુસ્લિમ આતંકવાદી (Terrorist) નથી, તો પછી દુનિયાના 99.99999% આતંકવાદીઓ (Terrorists) મુસ્લિમ કેમ હોય છે???"

"ਜੇ ਦੁਨੀਆ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮੁਸਲਮਾਨ ਆਤੰਕਵਾਦੀ (Terrorist) ਨਹੀਂ ਹਨ, ਤਾਂ ਦੁਨੀਆ ਦੇ 99.99999% ਆਤੰਕਵਾਦੀ (Terrorist) ਮੁਸਲਮਾਨ ਕਿਉਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ???"









"दुनिया के सभी मुसलमान अगर आतंकवादी(Terrorist) नहीं है, तो दुनिया के 99.99999% आतंकवादी(Terrorist) मुसलमानी क्यों होते ह...
07/06/2026

"दुनिया के सभी मुसलमान अगर आतंकवादी(Terrorist) नहीं है, तो दुनिया के 99.99999% आतंकवादी(Terrorist) मुसलमानी क्यों होते हैं???"
"If not all Muslims in the world are terrorists, then why are 99.99999% of the world's terrorists supposedly Muslims?"









नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास भारत के गौरवशाली और स्वर्णिम अतीत का एक ऐसा प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को ज्ञान की रोशन...
06/06/2026

नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास भारत के गौरवशाली और स्वर्णिम अतीत का एक ऐसा प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को ज्ञान की रोशनी दिखाई। यह दुनिया के सबसे पहले आवासीय (Residential) विश्वविद्यालयों में से एक था।
यहाँ नालंदा विश्वविद्यालय के इतिहास का एक विस्तृत और व्यवस्थित विवरण दिया गया है:
1. स्थापना और स्वर्ण काल (5वीं से 7वीं शताब्दी)
स्थापना: नालंदा की स्थापना 5वीं शताब्दी (लगभग 427 ईस्वी) में गुप्त वंश के सम्राट कुमारगुप्त प्रथम ने की थी। इसके बाद आने वाले गुप्त राजाओं, कन्नौज के राजा हर्षवर्धन और पाल शासकों ने इसे लगातार संरक्षण दिया।
वैश्विक केंद्र: अपने चरम पर यहाँ 10,000 से अधिक छात्र और लगभग 2,000 शिक्षक रहते थे। यहाँ न केवल भारत, बल्कि चीन, कोरिया, जापान, तिब्बत, मंगोलिया, श्रीलंका और मध्य एशिया से लोग पढ़ने आते थे।
कठिन प्रवेश परीक्षा: नालंदा में दाखिला लेना आसान नहीं था। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर 'द्वार पंडित' (Gatekeepers) कठिन परीक्षा लेते थे, और केवल 20-30% छात्र ही प्रवेश पा पाते थे।
निःशुल्क शिक्षा: यहाँ शिक्षा, रहना, खाना और दवाइयाँ सब कुछ पूरी तरह से मुफ्त था। इसका खर्च राजाओं और स्थानीय लोगों द्वारा दान किए गए 100 से अधिक गाँवों के राजस्व से चलता था।
2. समृद्ध पुस्तकालय: 'धर्मगंज'
नालंदा की सबसे बड़ी विशेषता उसका विशाल पुस्तकालय था, जिसे 'धर्मगंज' (सत्य का पर्वत) कहा जाता था। यह तीन बड़ी इमारतों में बंटा हुआ था:
रत्नोदधि (नौ मंजिला भव्य इमारत)
रत्नसागर
रत्नरंजक
यहाँ खगोल विज्ञान, चिकित्सा, दर्शन, व्याकरण, तर्कशास्त्र और बौद्ध धर्म से जुड़ी लाखों दुर्लभ पांडुलिपियाँ (Manuscripts) मौजूद थीं।
3. पतन और विनाश (12वीं शताब्दी)
नालंदा का अंत इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है:
बख्तियार खिलजी का आक्रमण: 1193 ईस्वी में तुर्क शासक कुतुबुद्दीन ऐबक के सेनापति इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी ने नालंदा पर आक्रमण किया।
पुस्तकालय को आग लगाना: खिलजी ने यहाँ के भिक्षुओं और विद्वानों की सामूहिक हत्या कर दी और विशाल पुस्तकालय में आग लगा दी। ऐसा कहा जाता है कि पुस्तकालय में इतनी किताबें थीं कि वह तीन महीने तक जलती रहीं।
विनाश की वजह: खिलजी की इस बर्बरता के पीछे जलन, धार्मिक कट्टरता और भारत की ज्ञान परंपरा को नष्ट करने की मानसिकता थी। इस घटना ने प्राचीन
नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास भारत के गौरवशाली और स्वर्णिम अतीत का एक ऐसा प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को ज्ञान की रोशनी दिखाई। यह दुनिया के सबसे पहले आवासीय (Residential) विश्वविद्यालयों में से एक था।
यहाँ नालंदा विश्वविद्यालय के इतिहास का एक विस्तृत और व्यवस्थित विवरण दिया गया है:
1. स्थापना और स्वर्ण काल (5वीं से 7वीं शताब्दी)
स्थापना: नालंदा की स्थापना 5वीं शताब्दी (लगभग 427 ईस्वी) में गुप्त वंश के सम्राट कुमारगुप्त प्रथम ने की थी। इसके बाद आने वाले गुप्त राजाओं, कन्नौज के राजा हर्षवर्धन और पाल शासकों ने इसे लगातार संरक्षण दिया।
वैश्विक केंद्र: अपने चरम पर यहाँ 10,000 से अधिक छात्र और लगभग 2,000 शिक्षक रहते थे। यहाँ न केवल भारत, बल्कि चीन, कोरिया, जापान, तिब्बत, मंगोलिया, श्रीलंका और मध्य एशिया से लोग पढ़ने आते थे।
कठिन प्रवेश परीक्षा: नालंदा में दाखिला लेना आसान नहीं था। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर 'द्वार पंडित' (Gatekeepers) कठिन परीक्षा लेते थे, और केवल 20-30% छात्र ही प्रवेश पा पाते थे।
निःशुल्क शिक्षा: यहाँ शिक्षा, रहना, खाना और दवाइयाँ सब कुछ पूरी तरह से मुफ्त था। इसका खर्च राजाओं और स्थानीय लोगों द्वारा दान किए गए 100 से अधिक गाँवों के राजस्व से चलता था।
2. समृद्ध पुस्तकालय: 'धर्मगंज'
नालंदा की सबसे बड़ी विशेषता उसका विशाल पुस्तकालय था, जिसे 'धर्मगंज' (सत्य का पर्वत) कहा जाता था। यह तीन बड़ी इमारतों में बंटा हुआ था:
रत्नोदधि (नौ मंजिला भव्य इमारत)
रत्नसागर
रत्नरंजक
यहाँ खगोल विज्ञान, चिकित्सा, दर्शन, व्याकरण, तर्कशास्त्र और बौद्ध धर्म से जुड़ी लाखों दुर्लभ पांडुलिपियाँ (Manuscripts) मौजूद थीं।
3. पतन और विनाश (12वीं शताब्दी)
​नालंदा का अंत इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है:
​बख्तियार खिलजी का आक्रमण: 1193 ईस्वी में तुर्क शासक कुतुबुद्दीन ऐबक के सेनापति इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी ने नालंदा पर आक्रमण किया।
​पुस्तकालय को आग लगाना: खिलजी ने यहाँ के भिक्षुओं और विद्वानों की सामूहिक हत्या कर दी और विशाल पुस्तकालय में आग लगा दी। ऐसा कहा जाता है कि पुस्तकालय में इतनी किताबें थीं कि वह तीन महीने तक जलती रहीं।
​विनाश की वजह: खिलजी की इस बर्बरता के पीछे जलन, धार्मिक कट्टरता और भारत की ज्ञान परंपरा को नष्ट करने की मानसिकता थी। इस घटना ने प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान की रीढ़ तोड़ दी।

"एकतरफा धर्मनिरपेक्षता। यह पर्याप्त रूप से स्पष्ट है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं।"
03/06/2026

"एकतरफा धर्मनिरपेक्षता। यह पर्याप्त रूप से स्पष्ट है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं।"

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