10/06/2026
Gahare Jakhm
हम्म.. काफी गहरे ज़ख्म हैं,
समंदर में नहाने का मेरा अब मन नहीं होता,
झुलस जाता है पूरा शरीर मेरा,
जिसे तूने छुआ था,
सुकून क्या होता है, उस वक्त मैंने जाना था....
काफी दूरियां बना ली हैं अब..
ज़ख्म अब भी वही हैं।
तूने सोचा होगा भर जाएंगे मेरे ज़ख्म..
मैंने भरने नहीं दिए,
कुरेदता हूँ रोज़ रोज़,
और हाँ.. अब समंदर में जाऊंगा
फिर वही दर्द महसूस करूँगा,
कुछ देर चीखूंगा, कुछ और देर तक तड़पूंगा....
पर कभी मन में तुझे दर्द देने का ख्याल नहीं आएगा!
इश्क़ में ज़ख्म लिए जाते हैं,
ज़ख्म दिए नहीं जाते!
इस जन्म में मैं सुकून से मरूंगा,
यही बात ज़हन में लेके कि हाँ...
सबसे हसीन एहसास इश्क़..
हाँ इश्क़ मैंने किया है, मैंने जिया है...