Shayri Ki Diary

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20/03/2025

*अंधविश्वास और कुरीतियाँ: समाज के विकास में बाधा*

समाज में कई परंपराएँ और विश्वास ऐसे हैं, जो तर्क और विज्ञान के आधार पर नहीं टिकते, फिर भी लोग उन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी मानते आ रहे हैं। ये अंधविश्वास और कुरीतियाँ समाज को पीछे धकेलती हैं और लोगों के विकास में बाधा बनती हैं।

*अंधविश्वास क्या है?*

अंधविश्वास वह धारणा होती है, जो बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाण के बस मान्यताओं पर आधारित होती है। यह डर, अज्ञानता और परंपरागत सोच के कारण समाज में गहराई से जड़ें जमा चुका है।

*प्रचलित अंधविश्वास और उनके प्रभाव:*

*1. बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ मानना* – बिना किसी तर्क के लोग इसे बुरा संकेत मानते हैं और अपने काम को टाल देते हैं।

*2. नींबू-मिर्च टांगना* – यह माना जाता है कि इससे बुरी नजर नहीं लगती, जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

*3. ग्रह-नक्षत्रों से भाग्य बदलने की धारणा* – लोग राहु-केतु और शनि के प्रभाव से डरते हैं, जबकि असली बदलाव मेहनत और कर्म से आता है।

*4. झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र* – कई लोग बीमारियों के इलाज के लिए डॉक्टर की जगह ओझा या तांत्रिक के पास जाते हैं, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता।

*कुरीतियाँ और उनका प्रभाव:*

कुरीतियाँ समाज में उन प्रथाओं को कहा जाता है, जो अन्यायपूर्ण, अमानवीय और तर्कहीन होती हैं। ये समाज में असमानता और अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं।

*1. बाल विवाह* – यह बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को नुकसान पहुंचाता है।

*2. दहेज प्रथा* – यह महिलाओं के शोषण का बड़ा कारण बनी हुई है।

*3. जातिवाद* – यह सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देता है और लोगों को बांटता है।

*4. स्त्री शिक्षा का विरोध* – यह महिलाओं की स्वतंत्रता और समाज के विकास में बाधा बनता है।

*5. अस्पृश्यता* – आज भी कई जगहों पर जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है, जो मानवता के खिलाफ है।

*समाज को कैसे बदला जाए?*

*1. शिक्षा और जागरूकता* – सही शिक्षा से ही अंधविश्वास और कुरीतियों को मिटाया जा सकता है।

*2. विज्ञान को बढ़ावा देना* – वैज्ञानिक सोच को अपनाकर ही हम रूढ़ियों को तोड़ सकते हैं।

*3. कानूनी सख्ती* – सरकार द्वारा बनाई गई कुरीति-विरोधी नीतियों को सख्ती से लागू करना जरूरी है।

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22/02/2025

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18/05/2023

एक लम्हे की तवज्जोह नहीं हासिल उस की

और ये दिल कि उसे हद से सिवा चाहता है

21/06/2022

चाह पैसों से आने में आती रही।
चाह आनो से रुपया बनाती रही।।

चाह रुपयों से नोट भुनाती रही।
चाह नोटों से कोठी चुनाती रही।।

चाह कोठी में मोटर मांगाती रही।
चाह मोटर से होटल में जाती रही।।

चाह होटल में बोतल खुलाती रही।
चाह क्या-क्या न करती कराती रही।।

चाह पाली जिन्होंने वो पीले हुए।
चाह छोड़ी जिन्होंने रसीले हुए।।

चाह जर से लगी जी जरा हो गया।
चाह ,हरी से लगी जी हरा हो गया।।

चाह उनकी हमको हर दम चाहिए।
वह अगर चाह ले तो फिर क्या चाहिए।।

13/01/2022

खैरियत नहीं पूछती मगर मेरी खबर रखती हैं,
मैंने सुना है वो मुझ पर नज़र रखती है.😘

08/01/2022

अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए

अब इस क़दर भी न चाहो कि दम निकल जाए

-उबैदुल्लाह अलीम

23/11/2021

छोटी सी ज़िंदगी है
हर बात में खुश रहो

जो चेहरा पास ना हो
उसकी आवाज में खुश रहो

कोई रूठा हो तुमसे
उसके इस अन्दाज में खुश रहो

जो लौट कर नहीं आने वाले
उन लम्हों की याद में खुश रहो

कल किसने देखा है
अपने आज में खुश रहो

खुशियों का इन्तजार किस लिए
दूसरों की मुस्कान में खुश रहो

क्यों तड़पते हो हर पल किसी के साथ को
कभी-कभी अपने आप में खुश रहो

छोटी सी तो ज़िंदगी है
हर हाल में खुश रहो

20/09/2021

और भी गम हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

Is Nazuk DiL Ko Kisi Se Itni Mohabbat Hai...!!Har Raat Jab Tak Aankh Bheeg Na Jaaye" Neend Nahi Aati...!!
20/09/2021

Is Nazuk DiL Ko Kisi Se Itni Mohabbat Hai...!!

Har Raat Jab Tak Aankh Bheeg Na Jaaye" Neend Nahi Aati...!!

Koi majburiyan hongi wafa joh kar nahi payaMere mehboob ko shamil naa karo bewafaon mein
19/09/2021

Koi majburiyan hongi wafa joh kar nahi paya

Mere mehboob ko shamil naa karo bewafaon mein

06/08/2021

ये जब तुम मेरी हाँ में हाँ मिलाते हो न ....

कसम से एक्स्ट्रा Cute लगते हो ।।

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