Meri Shayari

Meri Shayari �DISCLAIMER�
WE THE ADMIN DON'T TAKE
ANY RESPONSIBILITY OF SHOPPING,ASTROLOGERS
PAGES. THEY BUY ADS FROM US AND WE
PROMOTE THEM ON OUR PAGES.

ALWAYS TAKE THEIR INFORMATION
BEFORE PURCHASING ANYTHING FROM
THEM AS SOME MIGHT DO FRAUD.

01/12/2024
वर्ल्ड कप के सपने को हम सब से कहीं ज़्यादा रोहित ने देखा था जब से शुरू हुआ है वर्ल्ड कप कई बार मैंने रोहित के मुँह से सु...
19/11/2023

वर्ल्ड कप के सपने को हम सब से कहीं ज़्यादा रोहित ने देखा था जब से शुरू हुआ है वर्ल्ड कप कई बार मैंने रोहित के मुँह से सुना था हमे बस वर्ल्ड कप जीतना है हमे बस वर्ल्ड कप जीतना हैं सच मे ये बंदा ये वाला ट्रॉफी डिजर्व करता था अपने लिए अपने सपने के लिए खैर.💔

एक व्यक्ति एक फल की दुकान पर पहुंचा, लेकिन वहां कोई नहीं था, दुकान पर एक बोर्ड लगा हुआ था, जिस पर लिखा था..........एक बा...
21/10/2023

एक व्यक्ति एक फल की दुकान पर पहुंचा, लेकिन वहां कोई नहीं था, दुकान पर एक बोर्ड लगा हुआ था, जिस पर लिखा था..........

एक बार एक आदमी फल खरीदने के लिए बाजार में पहुंचा तो उसने देखा कि ठेले पर फल तो है लेकिन फल बेचने वाला कोई नहीं है। उसे ठेले पर एक बोर्ड भी दिखाई दिया जिस पर लिखा हुआ था कि मेरी मां बीमार है थोड़ी थोड़ी देर पर मुझे अपनी मां को दवाई देने के लिए जाना पड़ता है।

अगर आपको ज्यादा जल्दी है तो आप फलों को तौलकर उसके पैसे गल्ले में रख दे। उसके नीचे फलों की रेट लिस्ट भी लिखी हुई थी।

व्यक्ति ने थोड़ा देर इंतजार किया। लेकिन वह नहीं आया तो आदमी ने एक किलो सेब, एक दर्जन केले ले लिए और रेट के हिसाब से उनके पैसे गल्ले में डाल दिए। फल खरीदने के बाद वह व्यक्ति अपने घर पर आ गया। वह व्यक्ति शाम को घूमने के लिए निकला तो उसे एक कमजोर-सा आदमी फलों का वही ठेला ले जाते हुए दिखा।

व्यक्ति ने हिम्मत जुटाकर उस आदमी से पूछा कि तुम हर रोज इसी तरह अपना ठेला छोड़कर मां को दवाई देने के लिए चले जाते हो। क्या तुम्हें चोरी होने का डर नहीं है।

उस फल वाले ने थोड़ा-सा मुस्कुराते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों से मेरी मां बीमार है। मेरा मां के अलावा परिवार में कोई भी नहीं है। मुझे मां की देखभाल के लिए ज्यादातर वक्त उसी के पास रहना पड़ता है। मैं हर रोज फल का ठेला इसी जगह पर लाकर खड़ा कर देता हूं और उस पर बोर्ड लगा देता हूं और शाम के वक्त ठेला लेकर चला जाता हूं।

आज तक मेरा एक भी फल और पैसे चोरी नहीं हुए , बल्कि मुझे पैसे ज्यादा मिलते हैं। कुछ लोग मेरी मां के लिए खाना रख जाते हैं तो कुछ और जरूरत की चीजें। कल एक बच्ची ने पुलाव बना कर ठेले पर रख दिया था और उसके साथ एक पर्ची भी छोड़ी थी जिसमें लिखा कि अम्मा के लिए।

कुछ समय पहले एक डॉक्टर साहब इस ठेले पर एक पर्ची पर फोन नंबर लिख कर छोड़ गए थे। उस पर लिखा था कि अगर मां की हालत ज्यादा गंभीर हो तो मुझे फोन कर लेना। मैं आ जाऊंगा।

इस तरह हर रोज मैं अपनी मां की सेवा कर लेता हूं और मेरी आमदनी भी हो जाती है। इतना कहकर वो ठेला वाला चला गया।

साभार

Address

Jhunjhunun
333001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Meri Shayari posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share