Poetry by Robin

Poetry by Robin I am Robin. My interests are poetry and song writing.

16/06/2024

वो पालक है वो पोषक है
वो ईश्वर के तुल्य है
उसका मोल नहीं हो सकता
पिता बहुत अमुल्य है ।

तेरा पहला वो मित्र है
दुर्गंध में वो इत्र है
उसके दिल में बनता है जो
वो तेरा ही चित्र है ।

अंधियारे को दूर भगाती
वो सुबह की धूप है
इस धरतीं पर तेरे लिये
वो ईश्वर का रूप है ।

दिन है चाहे रात है
हर पल तेरे साथ है
गिर नहीं सकता तू बंदे
उसने थामा तेरा हाथ है ।
उसने थामा तेरा हाथ है ।।

09/06/2024

भारत पाक की ये जंग
इसमें नहीं है कोई रंग
USA से हारकर
पाक ने किया सबको दंग।

आसान सी रहने वाली है
इस मैच में भारत की जीत
बिना खेले हार मान ले
पाक करके बातचीत ।

दस गुने पैसे मिल जाएँगे
बहाए बिना पसीना
कंगाली हो जाएगी दूर
साथ नाचेगी हसीना ।

भारत पाक के मैच में
अब नहीं रही है वैसी बात
भारत की जीत आसान है
पाक की आसान है मात ।
पाक की आसान है मात ।।

04/06/2024

फिर आ गया है मोदी राज
जारी रखने विकास के काज
इस अद्भुत सफलता पर
हर भारतीय करता है नाज ।

भारत के हर कोने से
मोदी जी को मिला समर्थन
देश के तीव्र विकास का
लोगो ने बना लिया है मन ।

धरम भेद को छोड़कर
जाति के बंधन तोड़कर
मत मिला विकास को
आगे बढ़ने की आस को ।

आओ मिलकर करे स्वागत
जनता के फ़रमान का
मोदी जी के प्रयासों का
देश की बढ़ती शान का ।
देश की बढ़ती शान का ।।

22/05/2024

पहला पड़ाव पार किया
बैंगलोर को बाहर किया
देखो जीती टीम हमारी
अब है SRH की बारी ।

क्वालिफ़ायर में भिड़ेंगे
अब ये दोनो जाबाँज
वहाँ भी जीत निश्चित है
SRH पर गिरेगी गाज़

गेंदबाज़ी कमाल की है
बल्ले से होना मज़बूत
वो भी हांसिल करेंगे हम
जीत का जो छड़ा है भूत ।

IPL के इस संस्करण में
राजस्थान का रोला है
आज फिर राजस्थान ने
ज़ोर से हल्ला बोला है ।
ज़ोर से हल्ला बोला है ।।

20/05/2024

क्रिकेट के इस संग्राम में
रोज़ जाती हर शाम में
कोई पड़ता किसपे भारी
पर जीतेगी टीम हमारी ।

पकड़ के गेंद पकड़ के बल्ला
राजस्थान ने बोला हल्ला
प्ले ऑफ में जगह बनाई
अब बारी फाइनल की आयी ।

दिन वो ज़्यादा दूर नहीं
जब ट्रॉफी सजेगी हाथो में
बाक़ी टीमे खो जाएगी
अगले सीजन की बातो में।

जलवा है ये राजस्थान का
बिखर रहा हर कोने में
बाक़ी सोचे अगले साल की
क्या रखा है रोने में ।
क्या रखा है रोने में ।।

05/04/2024

उतर पड़े है दस जाँबाज़
किसके सर सजेगा ताज
क्रिकेट के इस रणक्षेत्र में
देखो किसपे गिरेगी गाज ।

एक से बढ़कर एक धुरंधर
क्रिकेट के मैदान के अंदर
भिड़ते है एक दूजे से
देखता है दर्शकों का समंदर ।

पलड़ा कभी एक ओर
तो होता है कभी दूजी ओर
कभी छाता है सन्नाटा
कभी होए दर्शकों का शोर।

दबाव जो झेलेगा ढंग से
उसकी विजय होगी तय
क्रिकेट के इस महासंग्राम में
देश हो गया है क्रिकेटमय।
देश हो गया है क्रिकेटमय।।

25/02/2024

एक सौ बावन दूर है
जीत का छड़ा सुरूर है
घुटने टेकने को अब
अंग्रेज़ी टीम मजबूर है।

तीन एक से बढ़त मिलेगी
शृंखला होगी हाथ में
मायूस सी अंग्रेज़ी टीम
सांत्वना ले जाएगी साथ में ।

भारत की धरती पर विजय
नही अंग्रेजो के बस की बात
तारे ही देखने को मिलेंगे
दिन हो या चाहे हो रात ।

खेल हो या हो युद्ध धरा पर
जीत देश की रहती तय
देश के वीर जब तक खड़े है
तब तक रहे ना कोई भय।
तब तक रहे ना कोई भय॥

22/02/2024

जैसे अपनी गाड़ी का
तेल बदलता रहता है
वैसे ही इस कहानी का
खेल बदलता रहता है।

कभी कोई तो कभी कोई
लगी आगे बढ़ने की होड़
पर जो गाड़ी से जाएगा
जीतेगा तो वो ही दौड़।

किसी ने दुक्का किसी ने चौका
किसी ने मार दिया है छक्का
ऐसा खेल देख कर प्यारे
अम्पायअर रह गया भोचक्का।

ऊँट किस करवट बैठेगा
ये तो ऊँट को भी नही पता
खिलाड़ी है तो खेलेगा ही
इसमें उसकी नही ख़ता।
इसमें उसकी नही ख़ता॥

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