24/08/2026
*गोठ*
*शब्दभेद : संज्ञा, स्त्रीलिंग*
*अर्थ: सैर सपाटा*
गवास ग्रुप की यह पहली गोठ.. (उद्देश्य समूह की लगातार सफलताओं को प्रत्यक्ष रूप से मनाना)..
जयपुर शहर से दूर कंट्री साइड में संत बगीची जैसी शांत सौम्य जगह (नेवटा झील और पाल के किनारे), एक और आकर्षण..
सावन माह में सहस्त्रघट का आयोजन और सभी सदस्यों को उसमें सहभागिता का अवसर, गवास से आगे एक और पुण्य अवसर..
प्रसादी के तौर पर राजस्थानी दाल बाटी, और उसकी शुरुवात कांवड़ियों के भोजन के साथ..
सभी की सम्मलित सहभागिता का एक और उदाहरण, गवास परिवार द्वारा..
*"शिवे तव स्थिते नित्यं, किमन्यः पक्षहीनकः"*
शब्द एवम लेखन- श्री अन्वय राकेश तैलंग 🙏🏼