22/09/2025
महान कलाकार साथी अरुण पांडे को
विनम्र श्रद्धांजलि 🙏 🙏
इप्टा के सांस्कृतिक आंदोलन के कर्मठ साथी, मध्यप्रदेश रंगमंच के हस्ताक्षर,एवम् विवेचना रंगमंडल निदेशक अरुण पांडे का लम्बी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया है।
विवेचना संस्था की प्रस्तुति 5th राष्ट्रीय इप्टा अधिवेशन सम्मेलन 1992 में जयपुर के रविन्द्र मंच के सभागार उनके निर्देशन में खेला गया नाटक "ईसुरी" आज भी जयपुर की नाट्य प्रेमी दर्शक उस प्रस्तुति को कभी नहीं भूल पाये हैं।जयपुर का रविन्द्रमंच का सभागार ऊपर और नीचे "ईसुरी" प्रस्तुति को देखने के लिए खचाखच भर गया था, लोक रंगों और लोकधुनों से संजोए गई यह प्रस्तुति मेरे लिए अविस्मरणीय थी यह नाटक हिंदुस्तान के कोने कोने में खेला गया और दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।इसके पश्चात अरुण पांडे का दूसरा नाटक "निठल्ले की डायरी" ने उनको खूब प्रसिद्धि दिलवाई। हमेशा से पूरे जीवन में भी उन्होंने जनसंघर्षों से जुड़ा रंगमंच का दायित्व निभाते रहे।हमेशा से इप्टा के आंदोलन में अपनी भूमिका आगे रखी तथा मध्यप्रदेश रंगमंच को परवान चढ़ाया।
उनका अचानक चले जाना इप्टा परिवार को,जननाट्य आंदोलन और रंगमंच के लिए अपूरणीय क्षति है
राजस्थान इप्टा परिवार,उनके द्वारा किए गए रंगमंच और जननाट्य आंदोलन के लिए किए गए उम्दा कार्य,और योगदान को,तथा उनकी प्रतिबद्धता हमेशा राजस्थान इप्टा स्मृतियों में याद रखेगी।
राजस्थान इप्टा परिवार और जयपुर रंगमंच श्रद्धाजंलि अर्पित करते हैं तथा शोक संतप्त परिवार तथा साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।
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राजस्थान राज्य कमेटी
संजय विद्रोही
महासचिव
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