03/08/2026
मैं ही गलत थी
दोस्तो के साथ मिलकर ,कुछ करने की चाह
कही घुमने की चाह
कपड़े और जूते की मेचिंग की चाह ,
साथ में मिलकर कुछ नया सीखने की चाह,
बस चाहत रह गयी क्यूँकी ,मेरी दोस्त
अपने खुद के सपने से पहले ही मिल गयी
उसने वो सब किया जो मैं चाहती थी उसके साथ मिलकर ,
वो घुमी उसके अपनो के साथ
मेचिंग किया अपनी बहनो के साथ
कुछ नया सीखा खुद के साथ
उसके अपने सपने थे ....उसमे मैं थी ही नहीं
वो गलत नहीं थी
सही थी उसकी जगह
गलत थी तो मैं
मेरी उम्मीदे
मेरे सपने .....