08/02/2026
क्यों धडक जाता है दिल तुम्हारा नाम सुनकर,
क्यों रुहासा हो जाता हूँ तुम्हें दूर पाकर।
तुम्हारे किस्से सुनाकर तुम्हारे पास होने का अहसास कर लेता हूं,
तुम्हारे मुस्कुराते चेहरे को यादकर सकून की आह भर लेता हूँ।
जी आता हूँ सदियाँ मैं कुछ पल में ही,
लगता है जैसे तुम बसी हो मेरे कल में ही।
तड़प उठता हूँ मैं तुम्हें दूर जाते देखकर,
सासें रूक जाती हैं खुद को दिलासा दे देकर।
हर शाम मेरी तुम्हें याद किए बिन ढली नहीं,
हर रात मेरी तुम्हें सोच बिन निकली नहीं।
ए खुदा अब तु भी रहम कर दे मुझपर,
मेरे हर ख्वाब को तु ही सचकर।
मैं माँगता नही उसे के वो मेरी हो जाए,
पर ए खुदा इतना तो कर की एक दीदार तो हो जाए।।।