Indian Ancient History

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🇮🇳 Uncovering the roots of Bharat
⚔️ Shaurya Gatha: Maharana Pratap & Veer Yoddha
🗿 Indus Valley to the Golden Age
📜 Monarchs, Mystics & Unsung Heroes
✨ Decolonizing Indian History

12/10/2026

अकबर ने चित्तौड़ को महीनों तक घेर लिया था।
किले में अब न अन्न था, न बारूद।
मंत्रियों ने तय किया - अब सिर्फ जौहर और साका ही बचा है।
पर मेवाड़ को जिंदा रखना था, इसलिए कुंवर प्रताप को महल से बाहर भेज दिया।
जब प्रताप की आँख खुली तो वो जंगल में थे।
वो चिल्लाए - मुझे वापस ले चलो, मुझे अपनी प्रजा को बचाना है!
चक्रपाणि बोला - अब कोई नहीं बचा, साका हो चुका हे कुंवर... सबने जौहर कर लिया।
उसी दिन एक बच्चे ने प्रण लिया था - मैं अपना चित्तौड़ वापस लूंगा।

11/10/2026

राणा उदयसिंह ओर रावत चुंडावत जी
बिचौलिया में आए अफगानों का संकट पर वार्ता कर रहे थे, पर महाराणा उदय सिंह को इसकी भनक तक नहीं थी।

जब सच्चाई पता चली तो राणा क्रोधित हो उठे और रावत जी पर बरस पड़े - "रावत जी! आपने हमें सूचित क्यों नहीं किया? क्या आप अपना कर्तव्य भूल गए हैं?"
रावत चुंडावत ने ने राणा उदयसिंह से कहा कि प्रताप नहीं चाहते कि आपको इसका पता चले क्योंकि आप पहले से ही संकटों से घिरे हुए हे।

11/10/2026

कमेंट में जय मेवाड़
जय महाराणा प्रताप सिंह
हर हर महादेव जरूर लिखे

10/10/2026

महाराणा प्रताप की सबसे प्रिय पत्नी महारानी अजब्दे पंवार बिजौलिया के राव मामरख की बेटी थीं। बचपन की मित्रता प्यार में बदली और 1557 में दोनों का विवाह हुआ। 1559 में अजब्दे ने कुंवर अमर सिंह को जन्म दिया।

अजब्दे सिर्फ रानी नहीं, महाराणा की सलाहकार भी थीं। 1591 में चावंड महल में लंबी बीमारी से उनका निधन हो गया, जिसके बाद प्रताप बहुत अकेले हो गए और किसी दूसरी रानी को पटरानी का दर्जा नहीं दिया।

उधर धीर बाई भटियाणी जो उदयसिंह की चहेती रानी और जगमाल की माँ थीं, उन्होंने अपने बेटे को राजा बनाने के लिए उदयसिंह को बहलाकर जगमाल को उत्तराधिकारी घोषित करवा दिया। पर उदयसिंह के बाद सामंतों ने जगमाल को हटाकर 1 मार्च 1572 को प्रताप को मेवाड़ का महाराणा बना दिया।

10/10/2026

जय महाराणा प्रताप सिंह जय मेवाड़
हकीम खान सूरी को दिल से धन्यवाद जिन्होंने महाराणा प्रताप सिंह का हल्दीघाटी के युद्ध में संघ दिया ओर अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन दिखाया।
ये एक सच्चे वीर थे जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रताप का साथ दिया
कमेंट में हकीम खान के इस वीरता के बारे में जरूर अपनी राय दे

09/10/2026

मानसिंह अकबर का संधि प्रस्ताव लेकर महाराणा प्रताप के पास आया,
बोला - "बादशाह अकबर ने मेवाड़ से संधि का प्रस्ताव भेजा है।"
महाराणा प्रताप गरजे - "सुन मानसिंह! अकबर से जाके बोल दो।
शेर चाहे कितना भी बूढ़ा हो जाए, भेड़ियों के झुंड में शामिल नहीं होता।
जाकर कह देना अकबर से, मेवाड़ चाहिए तो युद्ध में आकर ले ले, संधि से नहीं!"

09/10/2026

मुगलों के सिपहसालार मुल्तान खान और बहलोल खान ने छल रचा,
महाराणा प्रताप को तोड़ने को उनके एक्सएनपति को सेना की बड़ी टुकड़ी ने घेर लिया ओर मारने का प्रयास किया।
लेकिन ये कायर मुगल नहीं जानते कि राजपूत कभी पीछे नहीं हटते उन्होंने अदम्य साहस से युद्ध लड़ा।
और उन्होंने मुगल सेना का मनोबल तोड़ा।
सिर कट जाए पर मेवाड़ी तलवार झुक नहीं सकती

BoAt Signature Sound:Sound10-13mm drivers - Deep bass, clear audioCalling:Dual Mic + ENx Tech - Noise free callsGaming &...
08/10/2026

BoAt Signature Sound:
Sound10-13mm drivers - Deep bass, clear audio
Calling:Dual Mic + ENx Tech - Noise free calls
Gaming & Battery: 50ms BEAST Mode + 50 Hours playtime
-Charging: 10 min charge = 140 min backup

08/10/2026
08/10/2026

श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज जी के जीवन का मुख्य रहस्य उनकी राधा रानी के प्रति अनन्य भक्ति, पूर्ण आत्म-समर्पण और कठिन आध्यात्मिक साधना है।
में जिन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया उन महात्मा पे इसे आरोप।
विराट कोहली को ₹5 करोड़ देकर बुलाने का दावा पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है।
यह आरोप दिनेश फलाहारी महाराज ने लगाया था कि विराट और अनुष्का को पैसे देकर आश्रम बुलाया गया।
विराट कोहली की टीम ने आधिकारिक बयान में इसे तथ्यहीन और गलत बताया है।
क्या प्रेमानंद जी महाराज जैसे त्यागी महात्मा पर ऐसा आरोप लगाना सही है?
जो संत एक रुपया दान तक नहीं लेते, उन पर पैसे का आरोप लगाना निंदनीय है।
गूगल और सभी न्यूज रिपोर्ट में इस दावे का कोई सबूत या रिकॉर्ड नहीं है।
बिना प्रमाण के संतों पर आरोप लगाना सनातन धर्म के साथ खिलवाड़ है।
इसका मकसद साफ तौर पर सनातन धर्म को टारगेट करना लगता है।
संत का अपमान धर्म का अपमान है, ऐसा शास्त्र कहते हैं।
ऐसे झूठे आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बार बार सिर्फ हिंदू धर्म पे आवाज उठाते हे जब किसी दूसरे धर्म के असल में कुछ होता हे तो उसकी कोई रील नहीं आती।
इसे हीं हजारों पहले भी सनातन को मिटाने का प्रयास कर चुके हे लेकिन इसकी नींव तक को नि हिला पाए
Video Credit by: UP Tak

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