12/10/2026
अकबर ने चित्तौड़ को महीनों तक घेर लिया था।
किले में अब न अन्न था, न बारूद।
मंत्रियों ने तय किया - अब सिर्फ जौहर और साका ही बचा है।
पर मेवाड़ को जिंदा रखना था, इसलिए कुंवर प्रताप को महल से बाहर भेज दिया।
जब प्रताप की आँख खुली तो वो जंगल में थे।
वो चिल्लाए - मुझे वापस ले चलो, मुझे अपनी प्रजा को बचाना है!
चक्रपाणि बोला - अब कोई नहीं बचा, साका हो चुका हे कुंवर... सबने जौहर कर लिया।
उसी दिन एक बच्चे ने प्रण लिया था - मैं अपना चित्तौड़ वापस लूंगा।