21/06/2026
# " इडियट-नामा " #---1029
21/06/26
पिता सूरज है,माँ है मन,ममता
पिता उर्जा है,माँ संस्कार,भावना,
ये जन्मदाता हैं,मित्र,पथप्रदर्शक हैं,
सर पर मिली इनसे छत,आसमाँ है,
पिता हैं हिम्मत,हौसला, साहस,
हम अपने माता- पिता की ही छाँया हैं।
पिता वह जीवन्त आईना हैं,
जिसमें हम अपना अक़्श देखते हैं,
देखकर जिनको हम अपना
चरित्र,विचार,सोच किरदार गढ़ते हैं।
जो करते हैं ख़ामोशी से हमारे लिए दुआ,
जो सिखाते हैं,क्या अच्छा है,क्या बुरा,
वे हैं हमारी जरूरतों के आपूर्तिकर्त्ता,
भगवान से ऊँचा हैं उनका हमारे लिए दर्जा।
हमारे दिल की धड़कनें,सासें,संगीत हैं,
प्रकृत्ति का कण-कण मधुर संगीत है,
ऊँचे महल,धन का संचय, भोग है,
हमारे उत्तम चरित्र,विचार,प्रेम,दुआ,संवेदना,
अपने किरदार को ऊँचाईयाँ देना जीवन का योग है।
दिन बड़ा हो या रातें,मिलेंगे चौबीस घण्टे ही,
तुम लौट आओ,तो होगा हमारे लिए वह बड़ा दिन है।
पिरोना भावों को शब्दौं में,कलम योग है,
रूह में बसाना किसी की रूह को,प्रेम योग है,
जोड़ना आत्मा को परमात्मा से भक्ति योग है,
जोड़ना देह से देह को भोग योग है।
मेरे हिस्से में जो आया है "इडियट" वह,
कलम, प्रेम, विरह, के महायोग हैं।
# ● " इडियट " ● #
आसमाँ कर रहा बादल योग है।