09/03/2026
क्या हुआ?
9 मार्च को तेल (Oil) की कीमतें अचानक लगभग 20% बढ़ गईं और यह जुलाई 2022 के बाद सबसे ऊँचे स्तर पर पहुंच गईं।
क्यों बढ़ीं कीमतें?
अमेरिका और इज़राइल का ईरान के साथ युद्ध बढ़ रहा है।
इससे डर है कि मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई कम हो सकती है।
खासकर Strait of Hormuz से तेल की शिपमेंट रुक या धीमी हो सकती है।
यह स्ट्रेट बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल यहीं से गुजरता है।
एक एक्सपर्ट (ANZ बैंक के कमोडिटी स्ट्रेटेजिस्ट) ने क्या कहा?
ANZ के कमोडिटी स्ट्रेटेजिस्ट Daniel Hynes के अनुसार:
मिडिल ईस्ट के कुछ तेल उत्पादक अपना उत्पादन कम कर रहे हैं क्योंकि उनके स्टोरेज टैंक जल्दी भर रहे हैं।
अगर स्थिति और खराब हुई तो उन्हें तेल के कुएँ (oil wells) बंद करने पड़ सकते हैं।
अगर कुएँ बंद हुए तो बाद में युद्ध खत्म होने पर भी तेल उत्पादन तुरंत शुरू नहीं हो पाएगा।
इसका असर क्या होगा?
तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊँची रह सकती हैं
इससे पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं
और दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है
✅ संक्षेप में:
युद्ध और सप्लाई में संभावित रुकावट की वजह से बाजार में डर है, इसलिए तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।