14/09/2025
बहुत आभार मेला जलविहार कुलपहाड, महोबा।
श्रोताओं की गूँज, तालियों की गड़गड़ाहट और “Once More… Once More…” की पुकार ने सिद्ध कर दिया कि काव्य की अमृतवर्षा हृदयों में उतर चुकी थी।
इस काव्योत्सव को गौरव मिला जब महाकवि श्रद्धेय दादा श्री प्रकाश पटैरिया जी का दिव्य सानिध्य प्राप्त हुआ।
उनकी ओजस्वी वाणी ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम और संस्कारों की ज्योति से आलोकित कर दिया।
कार्यक्रम के यशस्वी संयोजक आदरणीय प्रदीप दिहुलिया जी एवं नीतेन्द्र चौबे जी का साधुवाद,
जिन्होंने अपनी निष्ठा और परिश्रम से इस आयोजन को इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों से अंकित कर दिया।
यह काव्य संध्या केवल एक आयोजन नहीं,
बल्कि संस्कृति और साहित्य की अविस्मरणीय यात्रा रही।