03/07/2019
*मनुष्य जन्म मे सत्संग मिल जाय ,गीता -जैसे ग्रन्थ से परिचय हो जाय, भगन्नाम से परिचय हो जाय तो साधक को यह समझना चाहिए कि भगवान ने बहुत विशेषता से कृपा कर दी है ,अतः अब तो हमारा उद्घार होगा ही ,अब आगे हमारा जन्म --मरण नहीं होगा । कारण कि अगर हमारा उद्घार नहीं होना होता, तो ऐसा मौका नहीं मिलता । परन्तु "भगवान की कृपा से उद्धार होगा ही " ----इसके भरोसे साधन नही छोडना चाहिए ,प्रत्यूत तत्परता और उत्साह पुर्वक साधन मे लगे रहना चाहिए । समय सार्थक बने ,कोई समय खाली न जाय ---- ऐसी सावधानी हरदम रखनी चाहिए । परन्तु अपने कल्याण की चिंता नहीं करनी चाहिए ; क्योंकि अब तक जिसने इतना प्रबंध किया है, वही आगे भी करेगा।*
*जय श्री कृष्णा* 🙏🙏
।।।। जय सिया राम जी ।।।।