29/07/2023
मैं एक शादी शुदा औरत हूँ। मेरी एक सहेली ने मुझे नॉन वेज स्टोरी के बारे में बताया था, तब से मैं रोज यहाँ की मस्त स्टोरीज पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी में घटी एक सच्ची घटना है। मैं कोटा की रहने वाली हूँ और यहाँ की कोटा यनिवर्सिटी में मैं प्रोफेसर हूँ। मैं मेकैनिकल इंजीनियरिंग पढाती हूँ। मैं बहुत सुंदर और जवान औरत हूँ। इस मामले में मैं बहुत गर्म औरत हूँ और हमेशा नये नये जुगाड की तलाश में मैं रहती हूँ। मेरी इसी छिनरपन वाली आदत के कारण मेरे पति ने मुझे तलाक दे दिया और अब अकेले ही रहती हूँ। मैं हर साल अपने क्लास के लड़को को डरा धमका कर उन्हें अपने घर पर बुला लेती हूँ और उसने कसकर खुदवाती हूँ। मैं इसी तरह जुगाड का इंतजाम करती हूँ। मेरी किस्मत तेज है की हर साल मेरी युनिवर्सिटी में नये नये जवान लड़के पढने के लिए आते रहते है और मुझे उसकी कोई कमी नही होती है। आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी सूना रही हूँ। बीटेक बैच में मेरी क्लास में एक बहुत ही हैंडसम लड़का पढ़ने आया। उसका नाम देव कपूर था। उसके पापा अमेरिका के रहने वाले थे। उसकी माँ से उसके पापा से लव मैरिज की थी जब वो अमेरिका पढने गयी थी। इसलिए देव भी बिलकुल गोरा गोरा लगता था और हिन्दुस्तानी भी लगता था, क्यूंकि उसकी माँ तो एक हिन्दुस्तानी ही थी। देव कपूर मेरी क्लास में आकर पढने लगा। धीरे धीरे मुझे वो बहुत अच्छा लगने लगा। वो बिलकुल अंग्रेज लगता था और कोई राजकुमार जैसा लगता था। धीरे धीरे वो मुझे अच्छा लगने लगा और मैं उससे प्यार करने लगी। एक दिन मैंने उसे अपने चैम्बर में बुलाया। मैं बाकी स्टूडेंट से बहुत सख्ती से पेश आती थी, पर देव से मुझे प्यार हो गया था। कहे मैडम…..मुझे क्यों बुलाया??” देव मेरे चैम्बर में आया और पूछने लगा। मेरे समझ नही आ रहा था की उससे कैसे कहूँ की मैं उससे प्यार करने लगी हूँ और उससे कसकर करवाना चाहती हूँ। आओ आओ देव…प्लीस सिट!!” मैंने उसे बैठने को कहा देखो अगर कोई चैप्टर समझ ना आए तो तुम मेरे घर पर चले आना। मैं चाहती हूँ की तुम्हारे एक्साम में अच्छे मार्क्स आये। ये लो मेरा फोन नंबर!” मैंने उस हैंडसम लड़के को अपना कार्ड दे दिया। उसमे मेरे घर का पता और फोन नंबर लिखा हुआ था। मैं रात भर सोचती रही की काश वो देव कपूर मुझसे पट जाए और मैं उससे कस के करवाऊं। वो कितना हॉट और हैंडसम लड़का था। बार बार मुझे उसी का ख्याल आ रहा था। रात में मैंने 3 बार अपने स्टूडेंट देव को सोच सोचकर अपनी चिड़िया में उंगली डाल कर मुठ मारी। हर बार मुझे खूब मजा आया। मैं अपने स्टूडेंट से प्यार करने लगी थी। पर 1 महिना तो वो मेरे पास नही आया। फिर कुछ दिन बाद वो रविवार को मेरे घर पर आ गया। उसने मेरे दरवाजे की बेल बजाई। मैंने दरवाजा खोला। सामने देव कपूर खड़ा हुआ था। बाप रे….वो कितना हैंडसम लग रहा था बिलकुल जॉन अब्राहम लग रहा था। मेरा तो दिल कर रहा था की उसे गले लगा लूं और ऊसके होठो से अपने होठ जोड़कर किस करने लगूं। मैंने किसी तरह खुद को समहाला। गुड मोर्निंग…..रामेश्वरी मैम। मुझे मेकैनिकल में कुछ प्रशन पूछने है क्या आप बता देंगी??” देव ने पूछा हा हा …क्यों नही। मैं तो कबसे तुम्हारा इंतजार कर रहा थी!!” मैंने कहा और उसे मैंने लॉबी में ले गयी। वो मेरा आशिक था, वो मेरे लिए बहुत मायने रखता था, इसलिए उसे देखकर मैं बहुत खुश थी। मैंने उसे 1 घंटे बैठाकर अच्छे से सारे सवाल बता दिए। वो बहुत खुश हो गया। धीरे धीरे ये सिलसिला चल निकला और देव अक्सर मेरे घर पर आने लगा। एक दिन मैंने उसे एक गुलाब का फूल दे दिया। ये फूल किसलिए मैडम??” देव बोला मेरी क्लास के सबसे हॉट, हैंडसम और अच्छे लड़के के लिए!!” मैं कहा देव ब्लश करने लगा। मैंने उससे पूछा की उसकी कोई गर्लफ्रेंड तो नही है। तो उसने कहा की ये प्यार व्यार फ़ालतू की चीज है और वो इन सब चीजो में अभी वक़्त नही खराब करना चाहता। एक दिन जब देव मेरे घर में स्टडी टेबल पर पढ़ रहा था तो मैंने झूठ मूठ फिसल के गिरने का नाटक किया। देव मुझे बचाने आ गया और मैं उससे लिपट गयी। मैंने गुलाबी रंग की साडी पहन रखी थी और आगे से डीप नेक और पीछे से बैकलेस ब्लाउस पहन रखा था। जैसे ही देव ने मुझे उठाने की कोशिश की मैं उससे लिपट गयी और झूठ मुठ दर्द का बहाना करने लगी। जांघो के उसे दर्शन हो गये। मेरे घुटनों बहुत सुंदर थे। देव ने हाथ मेरी टांगो और घुटनों से होता हुआ उपर बढ़ गया और मेरी नंगी जांघो पर पहुच गया। मैं सिसक गयी और कसमसाने लगी।“……मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” बस इतना ही मेरे मुंह से निकला। उसके हाथ मेरी चिकनी उजली जांघो को सहला रहे थे। मैं काम और वासना की अग्नि में जल रही थी।
देव ने मेरे पेटीकोट का सिरा उठाकर इकदम उपर कर दिया और अपने होठ से मेरी चिकनी जांघे चूमने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मेरी सफ़ेद जांघो को वो इधर उधर सब जगह चूमने लगा और हजारो चुम्बन उसने मेरी दोनों जांघो पर जड़ दिए। मैं सिहर गयी। ये घोड़ा तो आज मेरी जान ही ले लेगा, मैंने सोचा। बड़ी देर तक मेरा स्टूडेंट देव मेरी दोनों खूबसूरत जांघो को चूमता, चूसता और पीता रहा। मैं उससे खुदने को बेताब थी। मैं उसके मोटा रसीला जुगाड खाने को पागल थी। आज मैं कसकर खुदने वाली थी। देव ने नारा खोल दिया और पेटीकोट भी निकाल दिया। मैंने गुलाबी रंग की पेंटी पहन रखी थी। मेरी बड़ी सी चिड़िया किसी बड़ी मोहर की तरह मेरी पेंटी के उपर से ही साफ़ साफ़ दिख रही थी। पेंटी का सूती कपड़ा मेरी चिड़िया की बीच वाली दरार (घाटी) में दबा हुआ था जिससे मेरी रसीली चिड़िया का आकार किसी ट्रेस पेपर की तरह उपर से ही साफ़ साफ़ झलक गया था। देव ने एक बार मेरी चिड़िया को पेंटी के उपर से ही चाटा, फिर वो भी निकाल दी। हाय, अब मैं अपने स्टूडेंट के सामने पूरी तरह से नंग हो गयी थी। शर्म से मैं अपनी चिड़िया छुपाने लगी, पर देव ने मेरे हाथ पकड़ लिए और चिड़िया से हटा दिए।
आखिर देव ने मेरी चिड़िया में अपना घोड़ा डाल दिया और मुझे खोदने लगा। मैं भी मस्ती से खुदवाने लगी। उसके जल्दी जल्दी krne से मेरी बुर के दोनों होठ बार बार खुलते थे और बार बार बंद हो जाते थे। वो मुझे जोर जोर से पेल रहा था। सच में मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। बहुत मजा मिल रहा था। बड़ी नशीली रगड़ थी मेरे स्टूडेंट केघोड़े की। बहुत सुख मुझे मिल रहा था दोस्तों। 23 साल का देव हचर हचर करके मेरे जैसी 30 साल की औरत को खोद रहा था। उसके मोटे से लम्बे घोड़े पर मेरा पूरा शरीर थिरक रहा था और डांस कर रहा था। जैसे लग रहा था वो कोई इंजन मेरी चिड़िया में डाल के चला रहा हो। वो मेरी बुर पर बड़ी मेहनत कर रहा था। वो हच हच करके मुझे खोद रहा था। जैसे वो अपना जुगाड मेरी बुर में डालता था, घोड़ा हच्च से देता था मैं 2 3 इंच आगे सरक जाती थी। फिर जैसे वो घोड़ा निकलता था मैं 2 3 इंच वापिस पीछे आ जाती थी। वो जोर जोर से हच हच करके मेरी बुर में अंदर बाहर कर रहा था। घंटों यही सिलसिला चला। उसने मुझे 3 घंटे पेला और माल मेरी चिड़िया में ही गिरा दिया। उसके बाद हम लेटकर प्यार करने लगे।
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