28/04/2026
पंजाब के जालंधर से 'धोखे' और 'विश्वासघात' की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने एक परिवार को बर्बाद कर दिया है। एक हिंदू लड़की (सिंगर) ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि एक मुस्लिम युवक ने अपनी पहचान छिपाकर उससे शादी की और अब उसे बेसहारा छोड़कर दूसरी लड़की के साथ लिव-इन में रह रहा है।
📍 फेसबुक पर 'प्यार', बाजू काटकर 'शादी' का दबाव
पीड़िता के अनुसार, करीब 4 साल पहले फेसबुक के जरिए उसकी मुलाकात इशरत अली (कव्वाल) से हुई:
• झूठ का जाल: इशरत ने खुद को हिंदू और कुंवारा बताया। वह प्यार का नाटक करने लगा और बाजू काटकर शादी का दबाव बनाया।
• शादी पर सच: शादी तय हुई, लेकिन जब बारात दरवाजे पर पहुँची, तो उसने निकाह करने की बात कही, जिससे पता चला कि वह मुस्लिम है।
💔 सच्चाई: 5 शादियाँ कर चुका है, हिंदू लड़कियाँ हैं 'टारगेट'
पीड़िता ने बताया कि शादी के 6 महीने बाद उसे भयानक सच पता चला:
• बहु-विवाह: इशरत पहले ही 5 शादियाँ कर चुका है। आरोप है कि वह केवल हिंदू लड़कियों को टारगेट करता है, बच्चा होने के बाद उन्हें तलाक दे देता है।
• बातों में उलझाया: जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसने बहाने बनाए और उसे बातों में उलझा लिया। इस बीच उनका एक 18 महीने का बेटा हुआ।
⚖️ 6 महीने की गर्भवती पत्नी को छोड़ा, हिमाचल की लड़की के साथ लिव-इन
क्रूरता की हद देखिए, पीड़िता इस समय 6 महीने की गर्भवती है, लेकिन इशरत उसे छोड़कर:
• नया ठिकाना: अब हिमाचल की दो बच्चों की मां को जाल में फंसाकर उसके साथ लिव-इन में रह रहा है।
🚫 जान से मारने और बच्चा खत्म करने की धमकी
पीड़िता का आरोप है कि इशरत और उसका परिवार अब उसे धमकियाँ दे रहा है:
• धमकी: इशरत कहता है कि अगर तलाक नहीं दिया, तो उसे, उसके बेटे और पेट में पल रहे बच्चे को खत्म कर देगा। वह 5 लाख लेकर तलाक देने का दबाव बना रहा है।
• पुलिस की चुप्पी: पीड़िता का दावा है कि उसने 10 अक्टूबर 2025 को शिकायत की थी, लेकिन पुलिस पैसे लेकर कार्रवाई नहीं करती।
🚔 SHO बोले- जानकारी नहीं, मुंशी बोले- FIR दर्ज
थाने के SHO सुखविंदर पाल ने मामले में जानकारी न होने की बात कही, जबकि मुंशी ने बताया कि 22 मार्च को आरोपी के खिलाफ पर्चा दर्ज कर लिया गया है। बाकि कार्रवाई के बारे में जानकारी नहीं है।
💬 धोखे, बहु-विवाह और 'पहचान छिपाकर' शादी पर आपकी राय (कमेंट करें):
1. भरोसे का कत्ल: क्या एक इंसान का अपनी पहचान छिपाकर, शादीशुदा होते हुए भी कुंवारा बताकर किसी की जिंदगी बर्बाद करना 'प्यार' है या एक सुनियोजित अपराध?
2. सख्त कानून की मांग: ऐसे अपराधियों के लिए आप कैसी सजा की मांग करते हैं, जो मासूम लड़कियों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हैं? क्या ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए?
3. पुलिस की भूमिका: क्या आपको लगता है कि पुलिस ऐसे संवेदनशील मामलों को गंभीरता से नहीं लेती, जैसा पीड़िता ने आरोप लगाया है?
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