13/05/2021
सोनू निगम का पूरा नाम उनके पिता के नाम के साथ जुड़कर सोनू अगम कुमार निगम है. इनका जन्म 30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद में एक कायस्थ परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम अगम निगम है. सोनू निगम के पिता भी गायक है, और माता जी का नाम शोभा निगम है और वह भी एक गायिका थी. उनकी दो बहनें भी है जिनका नाम मीनल और निकिता है. उनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के जे. डी. तत्यतलर स्कूल में हुई है और स्नातक की पढाई उन्होंने दिल्ली युनिवर्सिटी से की है. दिल्ली में उन्होंने उस्ताद महा कंजर नवदी से शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण लिया. फिर युवावस्था में उन्होंने कई संगीत की प्रतियोगिता में भाग भी लिया और जीते भी, उसी वक्त उनके मन में बॉलीवुड में पार्शव गायक बनने का विचार आया. संगीत की शिक्षा उन्होंने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के गायक उस्ताद घुलाम मुस्तफा खान से भी ली. सोनू निगम के परिवार में उनके माता पिता के अलावा एक बेटा और उनकी पत्नी है. उन्होंने 15 फ़रवरी 2002 को मधुरिमा अगम कुमार निगम से शादी की. उनका परिवार भरा पूरा और संपन्न परिवार है. उनके इकलौते बेटे का नाम नीवन निगम है, जिसका जन्म 27 जुलाई 2007 को हुआ है. सोनू निगम ने अपने करियर की शुरुआत 4 साल की उम्र से ही कर दी थी, क्योंकि वो भी अपने पिताजी के साथ बचपन से ही मंच पर गाया करते थे. जब उन्होंने अपने पिताजी के साथ मोहम्मद रफ़ी के गाने ‘क्या हुआ तेरा वादा’ को अपनी आवाज में गाया, तब से ही उनके गाने से मुग्ध होकर अगम निगम उन्हें अपने साथ शादी समारोह में गाने के लिए ले जाने लगे. 17 साल की उम्र में 1990 में उन्होंने अपने पिता के साथ बॉलीवुड का रुख किया. सोनू निगम ने कई देशों में अपने गाने पर प्रदर्शन किया है, वो अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन कर चुके है. उन्होंने मई से जून तक 2007 में आशा भोंसले, कुणाल गांजेवाला और कैलाश खेर के साथ इन्क्रेदिब्लेस टूर में भाग लिया था. एक गायक के रूप में उनकी पहली फ़िल्म ‘जानम’ में उनके गाये गए गीत थे, लेकिन यह रिलीज नहीं हो पाई थी. फिर इन्होने रेडियो विज्ञापन बनाये और उनमे से कुछ में अभिनय भी किया. सोनू निगम का पहला रिलीज हुआ गीत था ‘वो आसमान वाले’ जोकि फिल्म ‘आजा मेरी जान’ का था और यह फिल्म 1992 में आई थी.1992 में सोनू निगम ने अपना अलबम रिलीज किया ‘रफ़ी की यादें’ जो कि लोगों को बहुत पसंद आया. फिर उन्होंने फिल्मो में गाना शुरू किया जिनमे शामिल है, 1994 में आई फिल्में आग, खुद्दार, हलचल, स्टन्टमैन, 1993 में मुकाबला, मेहरबान, शबनम, 1995 में रामजाने और गद्दार. सोनू निगम को सबसे बड़ी सफलता उनके द्वारा गए गाने ‘अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का’ के लिए मिली, जो कि फ़िल्म ‘बेवफ़ा सनम’ से थी. इसी वर्ष अनु मालिक के द्वारा कंपोज्ड किया हुआ गाना फिल्म ‘बॉर्डर’ का में उन्होंने ‘संदेशे आते है’ गाने को गाया, जिसके बाद से उनके गाने की सफलता का कारवां चलता ही गया. 1997 में उन्होंने परदेश फिल्म के लिए गीत ‘ये दिल दीवाना’ गाया, जिसको नदीम श्रवण ने कंपोज्ड किया था. उसके बाद 1999 में निगम ने अलबम में गाया, जिसको साजिद वाजिद के द्वारा निर्देशित किया गया था और टी- सीरिज ने रिलीज किया था. फिर उन्होंने ‘सिंह साहेब द ग्रेट’, ‘कल हो न हो’ जैसी कई फिल्मों के लिए गाया. माईकल जैक्सन की मृत्यु के बाद उनकी याद में श्रद्दांजलि के रूप में निगम ने एक अलबम ‘द बीट ऑफ़ आवर हर्ट्स’ जारी किया था. नवम्बर 2007 में हार्वर्ड युनिवर्सिटी के 28वें उद्घाटन समारोह में उन्होंने महात्मा गाँधी के पसंदीदा भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ को वहा के अध्यक्ष ड्रियू गिल्पिन फॉस्ट के सामने गया था.