Dhrupad Gurukulam

Dhrupad Gurukulam This organisation has been committed for the Indian Classical Music style Dhrupad. The origin of Dhrupad is believed to be from Sama Vedas.

Dhruv denotes Pole Star and Pada denotes verse, signifying unforgotten and resilient verse. That is the reason it is also known as Samagaan. The king of Gwalior Maharaja Mansingh Tomar had beautifully translated Dhrupad from Sanskrit to Brij [ Language] to make it more popular. He also scripted manuscript by the name Maankautuhal which includes numerous Dhrupad composed by him. Dhrupad consists o

f four main voices namely – Gauhar, Nauhar, Kandhar and Dagur. Traditionally in Dhrupad after singing spiritual words like Anter Taran Taran Tu Om Hari Namo Narayan in Alap, Madhya laya alap, and drut lay alap. Afterwards bandish is sung in four stages Sthai, Antara, Sanchari and Abhog are sung. Eternally Gwalior has been rich as far as classical music is concerned. Numerous well known singers like Tansen, Baiju have always made Gwalior proud. They conventionally always sang Dhrupad because Khyal never existed during those days. Hassu Haddu Khan sahib is considered to be the originator of Gwalior Gharana is well established all across the globe. Unfortunately after this period Dhrupad became extinct as one of the styles of singing. Few of the most popular artists like Sarod Player Ustad Amzad Ali Khan, Khyal vocalist Pandit Krishna Rao Pandit, Raja Bhaiya Poochwale ect. Now Abhijeet is continuing Dhrupad Gurukul in gwalior.

गुरु स्मरण कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें.....आभार..श्रोताओं सहित उन सभी सभी का जो इस कार्यक्रम में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष र...
10/05/2026

गुरु स्मरण कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें.....
आभार..श्रोताओं सहित उन सभी सभी का जो इस कार्यक्रम में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देते हैं ।
चित्र राजेश लाड जी द्वारा लिए गए हैं।

दिनांक 8 व 9 मई कों स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चर अवेयरनेस संस्था द्वारा आयोजित विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं  गुरु उ...
12/05/2025

दिनांक 8 व 9 मई कों स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चर अवेयरनेस संस्था द्वारा आयोजित विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं गुरु उस्ताद ज़िया फरीद उद्दीन डागर साहब के “गुरु स्मरण” पर आयोजित कार्यक्रम की समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर।

स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चरल अवेयरनेस द्वारा “गुरु स्मरण” कार्यक्रम विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं  गुरु उस्ताद  ज़ि...
12/05/2025

स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चरल अवेयरनेस द्वारा “गुरु स्मरण” कार्यक्रम विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं गुरु उस्ताद ज़िया फरीदउद्दीन डागर साहब की पुण्य स्मृती पर दो दिन दिनांक 8 व 9 मई को ‘विवेकानन्द सभागार’, राष्ट्रोत्थान न्यास, नई सड़क, ग्वालियर में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।

ध्रुपद शैली के प्रचार प्रसार हेतु स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चरल अवेयरनेस  द्वारा  “गुरु स्मरण” कार्यक्रम प्रति वर्ष ...
07/05/2025

ध्रुपद शैली के प्रचार प्रसार हेतु स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चरल अवेयरनेस द्वारा “गुरु स्मरण” कार्यक्रम प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं गुरु उस्ताद ज़िया फरीदउद्दीन डागर साहब की पुण्य स्मृती पर दो दिन दिनांक 8 व 9 मई को ‘विवेकानन्द सभागार’ ,राष्ट्रोत्थान न्यास, नई सड़क, ग्वालियर में सायं 6:30 से आयोजित किया जा रहा है । इस वर्ष उनकी 12 वीं पुण्य स्मृति है |

दिनांक 14/7/24 द स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चर अवेयरनेस संस्था द्वारा आयोजित विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं  गुरु उस्त...
15/07/2024

दिनांक 14/7/24 द स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चर अवेयरनेस संस्था द्वारा आयोजित विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं गुरु उस्ताद ज़िया फरीद उद्दीन डागर साहब के “गुरु स्मरण” पर आयोजित कार्यक्रम की समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर।

द स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चर अवेयरनेस द्वारा आयोजित विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं  गुरु उस्ताद  ज़िया फरीद उद्दीन ...
15/07/2024

द स्कूल ऑफ़ ध्रुपद धमार एण्ड कल्चर अवेयरनेस द्वारा आयोजित विश्व विख्यात ध्रुपद गायक एवं गुरु उस्ताद ज़िया फरीद उद्दीन डागर साहब की स्मृति पर “गुरु स्मरण” के रूप में आठवा स्मरण दिनांक 14/7/24 को गुरुपूर्णिमा माह में तानसेन कला वीथिका,पढाव पर संपन्न हुआ।

इस वर्ष 14 जुलाई को उस्ताद साहब का स्मरण दिवस मना रहे है, विगत आठ वर्षों से उनके पुण्य स्मरण 8 मई के दिन उनकी स्मृति पर ...
13/07/2024

इस वर्ष 14 जुलाई को उस्ताद साहब का स्मरण दिवस मना रहे है, विगत आठ वर्षों से उनके पुण्य स्मरण 8 मई के दिन उनकी स्मृति पर कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे है, पर कुछ कारणो से 8 मई को कार्यक्रम संपादित नही हो पाया, इसलिये गुरु पूर्णिमा के महिने मे इस कार्यक्रम को करने का प्रयास किया है,
इस वर्ष ध्रुपद केंद्र के विद्यार्थी तेजस और साकेत का जुगलबंदी ध्रुपद गायन के अलावा दरभंगा घराने के प्रसिद्ध गायक डॉ. समित मल्लिक का ध्रुपद गायन एवं वरिष्ठ बाँसुरी वादक संगीत नाटक अकादमी एवं तानसेन सम्मान से सम्मानित पंडित नित्यानंद हल्दीपुर का बाँसुरी वादन रहेगा आप सभी से अनुरोध है कि यथा समय तानसेन कला वीथिका पड़ाव पर पधारने का कष्ट करे एवं कार्यक्रम का आनंद ले

उस्ताद साहब की 11रहवीं पुण्यतिथि पर उन्हें सादर प्रणाम......🙏🌸
08/05/2024

उस्ताद साहब की 11रहवीं पुण्यतिथि पर उन्हें सादर प्रणाम......🙏🌸

आज उस्ताद साहब का दसवा पुण्य स्मरण है। जिस तरह एक पुत्र के लिए उसका पिता दुनिया मे सबसे महान होता है, उसी तरह मेरे लिए म...
08/05/2023

आज उस्ताद साहब का दसवा पुण्य स्मरण है। जिस तरह एक पुत्र के लिए उसका पिता दुनिया मे सबसे महान होता है, उसी तरह मेरे लिए मेरे गुरु बहुत महान है, उन्होंने अनगिनत विद्यार्थियों को ध्रुपद की शिक्षा देकर एक योग्य कलाकार बनाया। उनका कहना था कि गुरु कभी किसी का मरता नहीं मेरे लिए आप सदैव मेरे पास ही हो । मुझसे कितना हो पाया ये नहीं कह सकता पर जो सीखा सिर्फ़ आप से ही सीखा, आपने न केवल गाना बल्कि जीवन जीना सिखाया।
आज जो कुछ हू सिर्फ आपकी विद्या के कारण।

इस वर्ष तकनीकी कारणों के चलते उस्ताद साहब का पुण्य स्मरण 8 मई के स्थान पर 13 मई शनिवार को टाउन हॉल महाराज बाड़ा पर आयोजित हो रहा है। आप सभी से अनुरोध है कि योगिनी, विश्वविख्यात वायलिन वादक पंडित डॉक्टर सन्तोष नाहर, एवं पद्मश्री उस्ताद वासिफ उद्दीन डागर साहब को सुनने अवश्य पधारे। 🙏🏼🙏🏼🙏🏼

Address

Gwalior
474001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dhrupad Gurukulam posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Establishment

Send a message to Dhrupad Gurukulam:

Share