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प्रेम राग है सहज सुरिलो | Love, the sweetest raag | Raghubir Yadav | Dhai Aakhar Premhttps://youtu.be/2XnRaePNQqY   For ...
22/09/2023

प्रेम राग है सहज सुरिलो | Love, the sweetest raag | Raghubir Yadav | Dhai Aakhar Prem

https://youtu.be/2XnRaePNQqY



For more info: linktr.ee/dhaiaakharprem

Composed and Sung by Raghubir YadavLyrics by Rakesh, Veda - inspired by Kabir"डाली छेड़ूँ न पत्ता,न कोई जीव सताऊं।पात पात में प्रभू बसत,वहि को शीस नवाऊँ।तोड़े ...

इप्टा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आदरणीय Rakesh जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं।आप इसी तरह स्वस्थ ...
10/05/2023

इप्टा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आदरणीय Rakesh जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई
एवं ढेरों शुभकामनाएं।
आप इसी तरह स्वस्थ एवम सक्रिय रहकर निरंतर सृजनशील बने रहें यही कामना करता हूं।

सभी मित्रों एवम् शुभचिंतकों को हिंदी रंगमंच दिवस की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं।
03/04/2023

सभी मित्रों एवम् शुभचिंतकों को हिंदी रंगमंच दिवस की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं।

इप्टा का राष्ट्रीय सम्मेलन ःगत 17 से 19 मार्च 2023 भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) का 15वां राष्ट्रीय सम्मेलन मेदिनीनगर (डाल...
22/03/2023

इप्टा का राष्ट्रीय सम्मेलन ः
गत 17 से 19 मार्च 2023 भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) का 15वां राष्ट्रीय सम्मेलन मेदिनीनगर (डाल्टन गंज) झारखंड में एक छोटी सी जगह, कोयल नदी के तट पर 600 डेलीगेट्स के रहने, खाने-पीने व सम्मेलन का जिस खूबी से आयोजन व व्यवस्था की गई उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाय वह कम है। विषाल आकर्षक मंच, प्रदर्शनी व अधिवेशन के औडिटोरियम , हजारों दर्शकों का हुजूम, मेदिनीनगर के दो मजबूत स्तम्भ शैलेंद्र व उपेंद्र जी व्यक्तित्व का प्रमाण है। साथ ही झारखंड इप्टा के युवा सदस्य व स्थानीय युवा कार्यकर्ताओं का विनम्र व्यवहार हमेशा के लिए स्मृति में बना रहेगा।
15वें सम्मेलन में 15 नगाड़ों से आरम्भ इप्टा गीत बजा नगाड़ा शांति का..., झंडा रोहण, सांस्कृतिक जनत्राता, जगह जगह स्थानीय लोगों द्वारा अभिवादन, दिन में सम्मेलन व विभिन्न विषयों पर व्याख्यान। पूरा शहर जैसे इप्टामय था।
इस सम्मेलन की विशेष उपलब्धि रही विख्यात रंगकर्मी प्रसन्ना को अध्यक्ष पद पर चयनित होना। वहीँ कार्यकारी अध्यक्ष राकेश व महामंत्री तनवीर अख्तर निर्वाचित हुए। प्रस्तुत है सम्मेलन की कुछ झलकियाँ.....
-प्रदीप घोष, लखनऊ

15/03/2023

*प्रेस रिलीज़: 14 मार्च 2023*
*इप्टा के 15वें राष्ट्रीय महाधिवेशन की तैयारियां जोरों पर*
पलामू जिले में घूम घूमकर इप्टा की टीमें कर रहीं जनगीतों की प्रस्तुतियां
पोस्टर, बैनर, झंडों के जरिए शहर में प्रेम, सद्भाव, एकता का संदेश फैला
*मेदिनीनगर, 14 मार्च।* भारतीय जन नाट्य संघ ( इप्टा ) के 15 वां राष्ट्रीय महाधिवेशन की तैयारियां जोरों पर हैं। देशभर से इप्टा के कार्यकर्ता, संस्कृतिकर्मी, कलाकारों का पलामू में आना शुरू हो गया है। इप्टा की अलग अलग टीमें शहर और जिले के गांवों में राष्ट्रीय सम्मेलन के पूर्व प्रस्तुतियां दे रहीं हैं। इस कड़ी में मंगलवार को पोखरहा कलां स्कूल, राजवाडीह स्कूल, छहमूहान, भगत सिंह चौक, जीएलए कॉलेज मैदान में जनगीतों की प्रस्तुतियां दी गई। इन स्थानों पर पर्चे भी बांटे गए और नागरिकों, कला प्रेमियों को 16 से 19 मार्च के बीच इप्टा के कार्यक्रमों में शिरकत करने का न्यौता दिया गया।
विभिन्न स्थानों पर कलाकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया जा रहा है। इन टीमों में बीहट इप्टा के कलाकार लक्ष्मी प्रसाद यादव (मुख्य गायक), हरमोनियम पर निर्भय सिंह, नाल पर श्रीराम के साथ बीहट इप्टा के सचिव उमेश साह और कोरस में लक्ष्मण, हरिओम शामिल रहे हैं।
इसके अलावा वरिष्ठ साथी पंकज श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, विनय भूषण, मनीष भी जनगीतों की टीम के साथ रहे। सभी प्रस्तुतियों का संचालन प्रेम प्रकाश ने किया।
गौरतलब है कि झारखंड के पलामू जिला स्थित मेदिनीनगर (डालटनगंज) में 17 से 19 मार्च तक आयोजित हो रहे इस इप्टा महाधिवेशन के दौरान तीन दिवसीय नीलांबर-पितांबर लोक महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान देशभर से आने वाले 600 से अधिक कलाकार, संस्कृतिकर्मी विभिन्न राज्यों के कलारूपों का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही संस्कृतिकर्म की चुनौतियों पर विचार करते हुए भविष्य की रणनीति बनाई जाएगी। महाधिवेशन के दौरान विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की लोक प्रस्तुतियां भी होंगी।

17 मार्च को औपचारिक उद्घाटन के पहले 16 मार्च की शाम इंदौर इप्टा की ओर से "धीरेंद्र मजूमदार की मां" नाटक का मंचन किया जाएगा। यह मंचन गांधी स्मृति टाउन हॉल में संध्या 6 बजे से किया जाएगा। इसके अलावा 3 फिल्मों का प्रदर्शन भी होगा।
17 मार्च को 15 नगाड़ों की गूंज और झारखंड समेत अलग-अलग राज्यों की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच जन सांस्कृतिक मार्च (रंग यात्रा) के साथ तीन दिवसीय महाधिवेशन का आगाज होगा। इसके बाद शिवाजी मैदान में आम सभा का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान चर्चित लोक गायिका नेहा सिंह राठौर समेत कई विख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।
सम्मेलन की आयोजन समिति के संरक्षक मंडल के सदस्य नवल तुलस्यान, कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम भसीन, अध्यक्ष मंडल की सदस्य शीला श्रीवास्तव, महासचिव शैलेन्द्र कुमार, रवि शंकर, शशि पांडे, अमित कुमार, गोला, अजीत ठाकुर, अमृत सिंह, अमृत सिंह, समरेश सिंह शामिल हैं।

*इप्टा सम्मेलन की आयोजन समिति की ओर से*
*संपर्क:* रवि (9304731

30/04/2022

नाटक नहीं रुकेगा।
चाहे आंधी हो या तूफान।
नाटक नहीं रुकेगा साथी, नाटक नहीं रुकेगा।

आंधी-तूफान के चलते उड़ती धूल और पत्ते। बैनर तक फट चुका है।
लेकिन भीखारी ठाकुर के नाटक "गबड़ घिचोड़" का मंचन जारी है। इसी तरह की लोक कथा पर आधारित विश्व प्रसिद्ध नाटक ""खड़िया का घेरा" नाटक की रचना बर्तोल्त ब्रेख्त ने की थी जिसमे एक रानी अपने बच्चे को छोड़ कर भाग जाती है और उसकी नौकरानी उसे पाल पोस कर बड़ा करती है।बाद में रानी आकर बच्चे पर अपना दावा पेश करती है। नाटक में न्यायाधीश एक खड़िया का घेरा खींच कर बच्चे को उसमें खड़ा कर देता है और आदेश देता है कि जो उसे खींच ले जाएगा,बच्चा उसी का। बच्चे को चोट न लग जाये इसलिए उसे पालने पोसने वाली नौकरानी बच्चे को खींचने से इनकार कर देती है। आज देश की आज़ादी के 75वें साल में आज़ादी की लड़ाई से किसी भी तरह का वास्ता न रखने वाले लोग "राष्ट्रभक्ति"के नाम पर उसकी खींचतान कर रहे हैं और देश को नफरत की आग में धकेल रहे हैं। "ढाई आखर प्रेम का"सांस्कृतिक यात्रा आज़ादी के 75वें वर्ष में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विकसित समाजवाद,सामाजिक न्याय,समता, बंधुत्व के मूल्यों की रक्षा के संकल्प की यात्रा है।जगह जगह हज़ारों लोग इससे जुड़ रहे है,आइये जहाँ संभव हो इससे जुड़िये।मृगेंद्र Mrigendra Singh

21/04/2022

१०वें स्मृति दिवस पर..... रवि नागर जी को याद करते हुए ये वीडियो......... Rakesh Veda

*इप्टा की “ढाई आख़र प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा” का आगाज**छतीसगढ़ी लोक गायन, कबीर भजन और सांस्कृतिक रैली के साथ रायपुर से श...
09/04/2022

*इप्टा की “ढाई आख़र प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा” का आगाज*

*छतीसगढ़ी लोक गायन, कबीर भजन और सांस्कृतिक रैली के साथ रायपुर से शुरू हुई यात्रा*

*झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश से होते हुए पहुंचेगी मध्यप्रदेश, इंदौर में 22 मई को समापन*

*रायपुर, 9 अप्रैल।* आज़ादी के 75वें वर्ष के अवसर पर भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) प्रेम, दया, करुणा, बंधुत्व, समता और न्याय से परिपूर्ण हिंदुस्तान के स्वप्न को समर्पित “ढाई आख़र प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा” निकाल रहा है। यात्रा का शुभारंभ रायपुर में सांस्कृतिक रैली, सुप्रसिद्ध कबीर भजन गायक पद्दम श्री प्रहलाद टिपानिया की मनमोहक गायकी, छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के परिचायक नाचा विधा के कलाकारों के लोकगायन व गम्मत (नाटक) की दमदार प्रस्तुति के साथ हुआ।

मौका भी था और दस्तूर भी, प्रेम की बात हो और कबीर का जिक्र न हो ऐसा नहीं हो सकता। मौका था इप्टा द्वारा आयोजित “ढाई आख़र प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा” के शुभारंभ का और ऐसे में दस्तूर बन जाता है कि वातावरण में प्रेम की मिठास को घोला जाये। हमारे शहर रायपुर में बीती शाम कबीर के नाम रही, प्रेम के नाम रही। दुनिया भर में कबीर के भजनों का जादू बिखेरने वाले सुविख्यात लोक गायक पद्मश्री प्रहलाद टिपानिया ने मुक्ताकाशी मंच से ऐसी मनमोहक और जीवंत प्रस्तुति दी कि श्रोता कबीर के भजनों में डूबकर गोता लगाने लगे।

ऐसा लग रहा था जैसे प्रेम और भक्ति की रसधारा बह रही हो। टिपानिया जी जिस तरह मुक्त कंठ से कबीर को सुना रहे थे श्रोता उतने ही उदार ह्रदय के साथ कबीर को आत्मसात कर रहा था।

इस अवसर पर इप्टा के राष्ट्रीय सचिव राकेश वेदा ने सांस्कृतिक यात्रा के उद्देश्य को लेकर सारगर्भित उद्बोधन के माध्यम से बताया कि आज़ादी के 75 साल के मौके पर निकलने वाली ‘‘ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा’’ असल में स्वतंत्रता संग्राम के गर्भ से निकले स्वतंत्रता - समता - न्याय और बंधुत्व के उन मूल्यों के तलाश की कोशिश है, जो आजकल नफ़रत, वर्चस्व और दंभ के तुमुल कोलाहल में डूब से गये हैं। हालांकि वो हमारे घोषित संवैधानिक आदर्शों में झिलमिलाते हुये हर्फ़ों के रूप में, गांधी के प्रार्थनाओं और आंबेडकर की प्रतिज्ञाओं के रूप में हमारी आशाओं में अभी भी चमक रहे हैं। इन्हीं का दामन पकड़कर हमारे किसान, मजदूर, लेखक, कलाकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता गांधी के अंहिसा और भगत सिंह के अदम्य शौर्य के सहारे अपनी कुर्बानी देते हुए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में डटे हैं।
यह यात्रा उन तमाम शहीदों, समाज सुधारकों एवं भक्ति आंदोलन और सूफ़ीवाद के पुरोधाओं का सादर स्मरण है, जिन्होंने भाषा, जाति, लिंग और धार्मिक पहचान से इतर मानव मुक्ति एवं लोगों से प्रेम को अपना एकमात्र आदर्श घोषित किया। प्रेम जो उम्मीद जगाता है, प्रेम जो बंधुत्व, समता और न्याय की पैरोकारी करता है, प्रेम जो कबीर बनकर पाखंड पर प्रहार करता है, प्रेम जो भाषा, धर्म, जाति नहीं देखता और इन पहचानों से मुक्त होकर धर्मनिरपेक्षता का आदर्श बन जाता है।

इसके पहले छत्तीसगढ इप्टा के महासचिव अरुण काठोटे ने स्वागत वक्तव्य दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत नगर निगम गार्डेन के परिसर से हुई, जिसमें इप्टा के राष्ट्रीय सचिव मंडल के सदस्य शैलेन्द्र ने कहा कि इप्टा जिंदगी के गीत और उम्मीद का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब इतिहास के इस दौर में घना अँधेरा छाया हो तो मुहब्बत के गीत, प्रेम के गीत, अमन के गीत गाने की जरूरत है। राजेश अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि इस नाउम्मीद के दौर में इप्टा की यात्रा उम्मीद और प्रेम का पैगाम है।

इसी के साथ उपस्थित जनसमूह के सामने नाचा थियेटर के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति के प्रतीक गम्मत की प्रस्तुति दी। इसके बाद सांस्कृतिक रैली के रूप में इप्टा के साथियों के साथ ही, प्रलेस, जलेस सहित सभी सांस्कृतिक व अलग-अलग संगठनों से जुड़े व स्वतंत्र रूप से काम करने वाले लेखक, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता, संस्कृतिकर्मी, पत्रकार, नौजवान, छात्र सहित शहर के वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए । कार्यक्रम का संचालन इप्टा रायपुर के ईश्वर सिंह दोस्त ने किया। इप्टा के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष मणिमय मुखर्जी ने आभार प्रदर्शित किया।

इप्टा द्वारा आयोजित यह सांस्कृतिक यात्रा भाईचारा और अमन का संदेश देते हुए 9 अप्रैल को रायपुर से शुरू होकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से होते हुए झारखण्ड, बिहार, उत्तरप्रदेश और फिर मध्यप्रदेश के इंदौर में 22 मई को यात्रा का समापन होगा। इस दौरान 250 से अधिक स्थानों पर नाटक, कविता, गीत, गजल, पोस्टर, नृत्य, संगीत, एवं अन्य कलाओं से जुड़े कार्यक्रम होंगे।

*संपर्क:* राजेश श्रीवास्तव (94079 83853), अरुण काठोटे (98261 71622), सचिन (7869128784)



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