25/04/2026
शिक्षा के मंदिर में ये कैसी दरिंदगी!
गिरिडीह के पचंबा से जो खबर आ रही है, उसे सुनकर रूह कांप जाती है। जिस नाइस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल मोहम्मद इमामुद्दीन पर बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी थी, वही आज अपनी घिनौनी करतूत के कारण सलाखों के पीछे है। एक 14 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत ने हर माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। 😠💔
आखिर हमारे बच्चे सुरक्षित कहां हैं? ❓
यह सवाल आज हर इंसान के मन में है। क्या स्कूल अब पढ़ाई के केंद्र रह गए हैं या फिर ऐसे दरिंदों के ठिकाने? एक तरफ हम बेटियों को पढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने की बात करते हैं, और दूसरी तरफ समाज में छिपे ऐसे 'राक्षस' उनकी मासूमियत को कुचलने के लिए घात लगाए बैठे हैं।
वक्त बदल चुका है: अब समय आ गया है कि बच्चों को केवल किताबी पढ़ाई ही नहीं, बल्कि इन समाज में घूम रहे 'भेड़ियों' से खुद को बचाना भी सिखाना पड़ेगा। 😡🔥
हमारी मांग: न्याय और सुरक्षा
समाज और प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई शिक्षा की आड़ में ऐसा पाप करने की हिम्मत न कर सके।
अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
स्कूलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हों।
निगरानी केवल कागजों पर नहीं, हकीकत में होनी चाहिए।
हम सब को मिलकर आवाज उठानी होगी ताकि भविष्य में किसी और मासूम के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो।