11/06/2026
जब पापा सिर्फ यादों में रह जाते हैं…
पिता का रिश्ता वो छाया है जो धूप में भी राहत देती है, वो आवाज़ है जो डांटती कम, संभालती ज़्यादा है। लेकिन जब वही आवाज़ खामोश हो जाए, तो सन्नाटा दिल तक उतर आता है।
“दर्द भरा पापा की याद में” सिर्फ शब्द नहीं — वो गहराई है जिसे केवल वही समझ सकता है जिसने अपने पिता को खोया हो या उनसे जुदा हो गया हो।
1.
हर काम में ढूंढता हूं आपका साया,
पापा, आपकी यादें आज भी मेरा सहारा हैं।
2.
ना जाने कितनी बार टूट कर संभला,
बस आपकी यादों ने हिम्मत दी पापा।
3.
जब भी कोई मुश्किल आती है,
आपकी वो आँखें याद आती हैं, जिनमें सिर्फ मेरा डर उतरता था।
4.
दिल की दुनिया वीरान सी हो गई है,
पापा, आपके बिना ज़िंदगी सुनसान सी हो गई है।
5.
लोग पूछते हैं मुस्कराता क्यों नहीं,
क्या बताऊं… पापा की कमी अब भी रुलाती है।
6.
कोई नहीं है अब डांटने वाला,
ना ही कोई बिना बोले समझने वाला।
7.
पापा, आपने जो सिखाया,
वो आज भी मेरी ताकत है… और आपकी याद मेरी कमजोरी।
8.
तस्वीरों में बंद आपकी मुस्कान,
आज भी मेरे हर आंसू को रोक लेती है।
9.
खुदा से बस इतनी गुज़ारिश है,
पापा को एक बार और गले लगाने का मौका दे दे।
10.
आप दूर सही, लेकिन मेरी हर सांस में शामिल हो पापा।
आपका जाना एक खालीपन दे गया जिसे कोई नहीं भर सकता।
हर दिन एक सवाल बन कर रह गया — काश पापा होते।
आपके बिना हर खुशी अधूरी लगती है पापा।
आप मेरी ताकत थे, अब मेरी यादों की दुनिया बन गए हैं।
जब भी डरता हूं, आपकी आवाज़ कानों में गूंजती है।
दुनिया बदल गई, लेकिन मेरी यादों में आप हमेशा वैसे ही हो।
पापा, आप जहां भी हो, हमेशा मेरे साथ रहना।
आपकी गोद की नींद अब दुनिया की कोई दवा नहीं दे सकती।
लोग कहते हैं वक्त सब कुछ ठीक कर देता है,
लेकिन आपका ना होना आज भी उतना ही चुभता है।
मेरे सुपरहीरो थे आप, बिना केप के उड़ते थे पापा।
1.
“आपका आशीर्वाद अब भी मेरी ढाल है, पापा,
लेकिन काश वो हाथ आज भी मेरे सिर पर होता।”
2.
“हर कामयाबी अधूरी सी लगती है,
जब उसे देखने के लिए आप नहीं होते।”
3.
“आपका न होना सिर्फ एक इंसान की कमी नहीं,
बल्कि एक पूरे ब्रह्मांड की कमी है मेरे लिए।”
4.
“कभी-कभी जब थक जाता हूं,
तो आपकी हँसी की याद आ जाती है — और मैं फिर से उठ खड़ा होता हूं।”
5.
“दुनिया कहती है वक़्त सब कुछ बदल देता है,
पर पापा, आपकी यादें अब भी वहीं हैं — ज्यों की त्यों।”
✍️“आपकी कमी अब भी है पापा”
भीड़ में भी जब अकेलापन महसूस होता है,
तो लगता है — आप यहीं कहीं हैं पापा।
आपके बिना सब अधूरा सा लगता है,
हर हँसी के पीछे एक ग़म छिपा होता है।
आपने कभी थकने नहीं दिया,
और अब जब आप नहीं हो — तो हर कदम भारी लगता है।
आप मेरे पहले गुरु, पहले दोस्त थे,
आपकी कमी हर दिन सताती है।
पापा… आप बहुत याद आते
आपने जो सिखाया, वो आज भी जीवन में है,
एक बार और कहना था —
“आप सबसे अच्छे पापा हो…”
एक बार और थामना था आपका हाथ,
एक बार और छुप जाना था आपकी बाहों में।
“जब भी वो चाय बनाते थे, घर महक उठता था। अब वही चाय फीकी लगती है…”
अब भी जब मुस्कराता हूं, तो आंखें भीग जाती हैं —
क्योंकि आप बहुत याद आते हैं पापा।
आपकी हर डांट अब दुआ लगती है,
पापा, आप चले क्या गए, पूरी दुनिया बदल गई।
बिना बोले भी बहुत कुछ कह जाते थे आप,
आज सब बोलते हैं… पर समझते कोई नहीं
🏁 निष्कर्ष
पापा सिर्फ रिश्ते नहीं होते — वो जीवन की दिशा होते हैं। उनका जाना सिर्फ एक इंसान का जाना नहीं होता, वो एक पूरी दुनिया की चुप्पी होती है।
हम उन्हें भुला नहीं सकते, और शायद भुलाना भी नहीं चाहिए। बल्कि उनकी यादों को शब्दों में पिरोकर, हर लम्हा उन्हें जीना चाहिए। Love you papa and I miss you miss by all your family and specialy your lovely son Sohit