14/07/2026
"नाम बड़े और दर्शन थोड़े " ईश्वर के नाम रख लेने से कदाचार नहीं घटता है
जितना बड़ा नाम पापाचार उससे भी बड़ा होता जाता है
नाम चाहे राम हो तो वह गीता सहित समाज में विवाह पूर्व सारे यौनाचार करता है
फिर अमूल्य पापी निधि संग मूर्ख पत्नी नाम की जीव द्वारा कमाए धन से रखैल बना यौनाचार जी भर करता है
उसके बाद राम नाम बदनाम करता हुआ पूनम को कालिख जी भर लगा अधिकतर महान कहलाता है
इस संसार में जी भर कदाचार करता हुआ अपनी ज़ुबान से झूठ बोल पापों के सत्य द्वारा सारे सुख भोगता है
ऐसे पापों से ईश्वर की शरण ना ले
असत्य का दामन पकड़ ऐश्वर्य सुख ठाठ से निकम्मा दलाल बन भोगता है
कौन कब छत्तीस साल में एक रुपया भी घर में खर्च किए बिना
टांग पर टांग चढ़ा कर ए सी का
सुख प्राप्त कर अपना स्वार्थी जन्म सफल करता है
और निरंतर गृह क्लेश कर अति घिनौनी परियों का आनन्द उठा हरामुदैर ईश्वर गवाही देंगे कहते हुए रब का अपमान करता है
सुना है हर नहले का देहला इस संसार में बना है लेकिन कोई पिता से उत्पन्न पुत्र कब इसका सही
आकलन कर घृणित चेहरे के शराफत की नकाब उतारता है
ईश्वर कब ऐसे घृणा के पात्रों को संसार में सज़ा देता है