Shareef Aahil Noor

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09/01/2026
31/12/2025

नबी के लख्त ए जिगर आँख के जियालों का फातिमा ज़ेहरा के पुरनूर उन हिलालों का ज़माना ढूंडता रह जायेगा क़यामत तक जवाब ला ना सके...
15/07/2024

नबी के लख्त ए जिगर आँख के जियालों का
फातिमा ज़ेहरा के पुरनूर उन हिलालों का

ज़माना ढूंडता रह जायेगा क़यामत तक
जवाब ला ना सकेगा अली के लालों का

शरीफ़ आहिल नूर

28/03/2024

मैं कर रहा हूं टुकडे यार अपने ही सर के
मिरी गरीबी दिखाती है दर जो बाहर के|

तुझे वफा का सिला क्या मिले तेरी किस्मत
मुझे तो जख्म मिले यार जिन्दगी भर के।

दिलासा दे ना सके वो भी फूट कर रोए
मिज़ाज लेने गए थे जो चश्मा ए तर के।

शरीफ आहिल नूर । । ।

सारा नश्शा उतार देता हैइश्क़ बेमौत मार देता है।अब कहां कोई यार उल्फत मेंप्यार के बदले प्यार देता है।।शरीफ़ आहिल नूर।।।
04/03/2024

सारा नश्शा उतार देता है
इश्क़ बेमौत मार देता है।

अब कहां कोई यार उल्फत में
प्यार के बदले प्यार देता है।।

शरीफ़ आहिल नूर।।।

रहमतो नूर की बरसात शब-ए-बरात की रातकितना प्यारा है समां आज शब-ए-बरात की रात।हो न   मायूस  के   अब  तू   भी   मुरादे  अपन...
25/02/2024

रहमतो नूर की बरसात शब-ए-बरात की रात
कितना प्यारा है समां आज शब-ए-बरात की रात।

हो न मायूस के अब तू भी मुरादे अपनी
मांग ले रब से उठा हाथ शब-ए-बरात की रात।

अपने महबूब के दर का उतार कर सदका
रब लुटाता है इनामात शब-ए-बरात की रात।

आसियो आओ चले रब के करम मे हम सब
रब बुलाता है हमे आज शब-ए-बरात की रात।

एक महबूब की अपने मुहिब से लोगो
कितनी दिलकश है मुलाकात शब-ए-बरात की रात।

रब का वादा है जो चाहो वो मांग लो आहिल
मांग लो तैबा मे वफात शब-ए-बरात की रात।

शरीफ आहिल नूर ।।।

मेरे मालिक मेरे मौला करम की इक नज़र कर देमैं हूं तेरा तू है मेरा करम की इक नज़र कर दे।।तू यकता है तू बरतर है तू आला है त...
24/02/2024

मेरे मालिक मेरे मौला करम की इक नज़र कर दे
मैं हूं तेरा तू है मेरा करम की इक नज़र कर दे।।

तू यकता है तू बरतर है तू आला है तू बेहतर है
तू रब है मैं तेरा बंदा करम की इक नज़र कर दे।।

तू है हाजत रवां सबका मेरी भी कुछ अरज़ सुन ले
मैं हूं मंगता तेरे दर का करम की इक नज़र कर दे।।

गुनाहों में चला यकसा खताएं भी की दनिष्ता
करूं किस मुंह से अब तौबा करम की इक नज़र कर दे।।

बड़ा आसी हूं मैं लेकिन तुझे गफ्फार सुनता हूं
ना रख मुझको तू यकतरफा करम की इक नज़र कर दे

शरीफ़ आहिल नूर।।

मिरे वजूद को बस आज़मा के छोडेगीमिरी हयात  ज़मीं  में दबा  के छोडेगी|शरीफ आहिल नूर||
18/02/2024

मिरे वजूद को बस आज़मा के छोडेगी
मिरी हयात ज़मीं में दबा के छोडेगी|

शरीफ आहिल नूर||

मेरे मालिक मेरे मौला करम की इक नज़र कर देमैं हूं तेरा तू है मेरा करम की इक नज़र कर दे।।शरीफ़ आहिल नूर।।
15/02/2024

मेरे मालिक मेरे मौला करम की इक नज़र कर दे
मैं हूं तेरा तू है मेरा करम की इक नज़र कर दे।।

शरीफ़ आहिल नूर।।

यारो मैंने ऐसा कर केे देख लियाखुद को सब से अच्छा कर के देख लियादुनिया को मतलब से मतलब है खालीअपनी जान का सौदा कर के देख ...
15/02/2024

यारो मैंने ऐसा कर केे देख लिया
खुद को सब से अच्छा कर के देख लिया

दुनिया को मतलब से मतलब है खाली
अपनी जान का सौदा कर के देख लिया

रब का करम बे मिस्‍ल है रहमत ला महदूद
रब से इक दिन झगड़ा कर के देख लिया

इब्‍ने आदम की अब कीमत कुछ भी नहीं
खुद को बेहद सस्ता कर के देख लिया।।

शहर-ए-उल्‍फत में वीरानी छाई है
दिल से दिल का बदला करके देख लिया

रब को मनाना आसा कितना आसा है
इश्क़-ए-नबी में सज्‍दा करके देख लिया

शरीफ आहिल नूर ।।।

ख्वाजा ए ख्वाजगान में शिरकत गुलाम की शाहिद बनी है आपके फैज़ान ए आम की।।शरीफ़ आहिल नूर।।।
18/01/2024

ख्वाजा ए ख्वाजगान में शिरकत गुलाम की
शाहिद बनी है आपके फैज़ान ए आम की।।

शरीफ़ आहिल नूर।।।

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