06/10/2022
#गया #नगर #निगम का #काला #सच
अच्छा आओ तुम सब का एक भ्रम दूर कर देते हैं!
गया वासियों को कैसे बेवकूफ बनाया गया माननीय के द्वारा और महापौर के द्वारा! अगर मेरे बात पर कोई शंका हो तो स्वयं इंटरनेट पर जांच कर ले !!
गया का स्वच्छता रैंक पूरे भारत में पिछले कई सालों से 300 के ऊपर ही है, यानी काफ़ी गंदा शहर है! फिर ये महापौर और उपमहापौर 1 रैंक कैसे बता देते हैं ?
आइए आज पर्दा उठा देते हैं। बिहार में सिर्फ ऐसे दो शहर हैं जिनकी नगर निगम में 10 लाख से ऊपर आबादी है वो है गया और पटना ! और बाकी नगर निगम, नगर पालिका या नगर परिषद की जनसंख्या क्योंकि 10लाख से कम है इसलिए उनकी स्थिति नहीं दर्शाए जाते इस कैटेगरी में । तो गया 1 रैंक और पटना 2 रैंक , दो शहर में कंपटीशन होता है और गया जीत जाता है जबकि खुद देखिए 10लाख के जितने नगर निगम देश भर में हैं उनमें गया का रैंक 179 आता है तो कहां से सबसे साफ शहर हुआ ?
पर चर्चा करने से पहले कुछ नल्ले, कुछ दल्ले और कुछ चमचे ऐसे बखान करने लगेंगे जैसे की नगर निगम में पदस्थापित लोग उनके लिए भगवान हैं और उनका झूठ भीं सच मान कर ढिंढोरा पीटने लगते हैं 😂🤣😂
अब एक और मज़ेदार सच सुनिए ।
यही नकली रैंकिंग दिखा कर माननीय इधर उधर किसी संस्था को पैसा देकर सम्मानित भी करवा लेते हैं अपने आप को !! और ढोलकी के उनके गुणगान में कसीदे पढ़ने लगते हैं!
#गयाजी #गया #नगर #निगम