Entertainment Dosto

Entertainment Dosto In today's time there are many pages that teach us good learning

You will be given a video of jokes on our page
again, so that you will not have to feel ....You will also get knowledge on our page which will develop your knowledge.

05/05/2020
02/05/2020
Follow this page !!
30/04/2020

Follow this page !!

फ़िल्म इंडस्ट्रीज को लगा सदमा
ऋषि कपूर अब हमारे बीच नही रहे ।।
जन्म 4 सितंबर 1952।।
म्रत्यु 30 अप्रैल 2020

28/04/2020

◆◆◆◆हमारे गाँव भांकरी में श्री मति सीमा तिरखा जी के सहयोग से सभी गलियो को सैनिटाइजर करवाते हुये
माननीय जगत फागना जी और भाई प्रवीण चौधरी जी।।
◆◆◆◆◆◆◆◆>>®

27/04/2020

भांकरी गांव पेज को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और लाइक follow करो।।।।।।।।
https://www.facebook.com/Vikramfagnagurjarfaridabad/

this page only recommend gurjar community news

25/09/2019

रोचक तथ्य पढ़ कर ही पता चलेगा।।
तो आईये एक नजर डालते है।।।👇
🌹 *13 प्रबल शत्रुओं की उत्पत्ति और विनाश कैसे ?*👇🏻

🌹 *एक बार युधिष्ठिर ने भीष्म पितामह से पूछाः “पितामह !क्रोध, काम, शोक, मोह, विधित्सा (शास्त्र विरुद्ध काम करने की इच्छा), परासुता (दूसरों को मारने की इच्छा), मद, लोभ,मात्सर्य, ईर्ष्या, निंदा, दोषदृष्टि और कंजूसी (दैन्य भाव)– ये दोष किससे उत्पन्न होते हैं ?”*

🌹 *भीष्म जी बोलेः “महाराज युधिष्ठिर!ये तेरह दोष प्राणियों के अत्यंत प्रबल शत्रु हैं, जो मनुष्यों को सब ओर से घेरे रहते हैं।प्रमाद में पड़े हुए पुरुषों को ये अत्यंत पीड़ा देते हैं। मनुष्यों को देखते ही भेड़ियों की तरह बलपूर्वक उन पर टूट पड़ते हैं। इन्हीं से सबको दुःख को प्राप्त होता है, इन्हीं की प्रेरणा से मनुष्य की पापकर्मों में प्रवृत्ति होती है। प्रत्येक पुरुष को सदा इस बात की जानकारी रखनी चाहिए।अब यह सुनो कि इनकी उत्पत्ति किससे होती है, ये किस तरह स्थिर रहते हैं तथा कैसे इनका विनाश होता है।*

🌹 *राजन् ! सबसे पहले क्रोध की उत्पत्ति का यथार्थ रूप से वर्णन करता हूँ। क्रोध लोभ से उत्पन्न होता है, दूसरों के दोष देखने से बढ़ता है, क्षमा करने से थम जाता है और क्षमा से ही निवृत्त हो जाता है।काम संकल्प से उत्पन्न होता है।उसका सेवन किया जाय तो बढ़ता है और जब बुद्धिमान पुरुष उससे विरक्त हो जाता है, तब वह तत्काल नष्ट हो जाता है। मोह अज्ञान से उत्पन्न होता हैऔर पाप की आवृत्ति से बढ़ता है। जब मनुष्य तत्त्वज्ञ महापुरुषों एवं विद्वज्जनों में अनुराग करता है, तब उसका मोह तत्काल नष्ट हो जाता है।जो लोग धर्म के विरोधी ग्रंथों एवं पुस्तकों का* ( *जैसे – चार्वाक मत के ग्रंथ एवं कामुकता बढ़ाने वाली पुस्तकें, आजकल के गंदी पटकथाओं वाले चलचित्र)* *अवलोकन कर्म करने की इच्छारूपी विधित्सा उत्पन्न होती है। यह तत्त्वज्ञान से निवृत्त होती है। जिस पर प्रेम हो, उस प्राणी के वियोग से शोक प्रकट होता है। परंतु जब मनुष्य यह समझ ले कि ‘शोक व्यर्थ है, इससे कोई लाभ नहीं है’ तो तुरंत ही उस शोक की शांति हो जाती है।क्रोध, लोभ और अभ्यास (दोहराना, आदत बना लेना) के कारण से परासुता प्रकट होती है।सम्पूर्ण प्राणियों के प्रति दया और वैराग्य से वह निवृत्त होती है।*

🌹 *परदोष दर्शन से इसकी उत्पत्ति होती है और बुद्धिमानों के तत्त्वज्ञान से वह नष्ट हो जाती है।सत्य का त्याग और दुष्टों का साथ करने से मात्सर्य दोष की उत्पत्ति होती है। तात ! श्रेष्ठ पुरुषों की सेवा और संगति करने से उसका नाश हो जाता है।अपने उत्तम कुल, उत्कृष्ट ज्ञान तथा ऐश्वर्य का अभिमान होने से देहाभिमानी मनुष्यों परमद सवार हो जाता है |*

🌹 *परंतु इनके यथार्थ स्वरूप का ज्ञान हो जाने पर वह तत्काल उतर जाता है। मन में कामना होने से तथा दूसरे प्राणियों की हँसी-खुशी देखने से ईर्ष्या की उत्पत्ति होती है तथा विवेकशील बुद्धि के द्वारा उसका नाश होता है।*

🌹 *राजन् ! समाज से बहिष्कृत हुए नीच मनुष्यों के द्वेषपूर्ण तथा अप्रामाणिक वचनों को सुनकर भ्रम में पड़ जाने से निंदा करने की आदत हो जाती है परंतु श्रेष्ठ पुरुषों को देखने से वह शांत हो जाती है।जो लोग अपनी बुराई करने वाले बलवान मनुष्य से बदला लेने में असमर्थ होते हैं उनके हृदय में असूया (दोष-दर्शन की प्रवृत्ति) पैदा होती है,परंतु दया का भाव जाग्रत होने से उनकी निवृत्ति हो जाती है।सदा कृपण मनुष्यों को देखने से अपने में भी दैन्य भाव – कंजूसी का भाव पैदा होता है |*

🌹 *धर्मनिष्ठ पुरुषों के उदार भाव को जान लेने पर वह कंजूसी का भाव नष्ट हो जाता है।प्राणियों का भोगों के प्रति जो लोभ देखा जाता है, वह अज्ञान के ही कारण है।भोगों की क्षणभंगुरता को देखने और जानने से उसकी निवृत्ति हो जाती है।ये सभी दोष शांति धारण करने से जीत लिये जाते हैं। (यहाँ ‘शांति’ से तात्पर्य ‘कायरता’ नहीं है।)”*

🌹 *भीष्म पितामह धर्मराज युधिष्ठिर से आगे कहते हैं- “तात ! धृतराष्ट्र के पुत्रों में ये सभी दोष मौजूद थे और तुम सत्य को ग्रहण करना चाहते हो इसलिए तुमने श्रेष्ठ पुरुषों की सेवा तथा सत्संग-सान्निध्य से इन सब पर विजय प्राप्त कर ली है।”*

🌹 अगर पोस्ट अच्छी लगी हो तो पेज को Like करे🙏🙏 ।।
Follow करे ।।🙏🙏
शेयर करे हम आपके लिए लाते रहेंगें ऐसे ही तथ्य ।।
_Dosto🙏🙏

25/09/2019

🙏सभी दोस्तो को मेरी तरफ से प्यार भरी राम राम।।🙏

👉अमेजिंग इंडिया # #
:-इंटरनेट पर बैठे-बैठे ही आज हम आपको भारत के कुछ अमेजिंग गांवों के बारे जुड़ी ऐसे ही हैरान कर देने वाली जानकारी देने जा रहे हैं जो आपके ज्ञान के क्षेत्र को तो बढ़ाएगी ही लेकिन साथ ही साथ आपको ये सोचने के लिए भी मजबूर कर देगी कि क्या वाकई ऐसा होता है?!!👇

#1...मुफ्त में मिलता है दूध #☺️
आज के दौर में जहां लोग इस कदर स्वार्थी हो गए हैं कि बिना मतलब के किसी से पानी तक नहीं पूछते वहीं गुजरात का एक गांव ऐसा भी है जहां मुफ्त में दूध पिलाया जाता है। धोकड़ा, गुजरात का एक गांव है जहां के लोग भैंस और गाय पालकर अपना जीवन बसर करते हैं। धन-दौलत के लिहाज से ये लोग भले ही अमीर ना हों, लेकिन गांव में जिस भी व्यक्ति के पास गाय, भैंस या कोई मवेशी नहीं है, ये उन्हें मुफ्त में दूध और दही देते हैं। वो भी जितना चाहिए हो उतना। गांव के पुजारी की मानें तो हर महीने गांव के लोग उन्हें करीब 7,500 कीमत का दूध देकर जाते हैं।
#2.यहां कोई डर नहीं #☺️
शहर हो या गांव, दिन के समय भी लोग अपने-अपने घरों में कुंडी लगाकर रखते हैं। उन्हें हर समय चोरी-चकारी का डर सताता रहता है। लेकिन महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शनि शिगनापुर गांव, एक ऐसा गांव है जहां घरों के बाहर चौखट तक नहीं है, दरवाजे या कुंडी तो दूर की बात है।
(3)-हर कोई बोलता है संस्कृत #☺️
आज के दौर में जहां लोग अपनी मातृभाषा को छोड़कर अंग्रेजी में वार्तालाप करना ही सभ्यता की निशानी समझते हैं। अभिभावक अपने बच्चों को बचपन से ही अंग्रेजी बोलना सिखाते हैं वहीं एक गांव ऐसा भी है जहां सिर्फ संस्कृत को ही बोलचाल की भाषा का दर्जा प्राप्त है। झगड़ते भी संस्कृत में हैं
शिमोगा शहर (कर्नाटक) से महज कुछ ही दूरी पर बसा गांव मुत्तुरु की पहचान बहुत विशिष्ठ है। प्राचीन काल से ही यहां केवल संस्कृत में ही बात की जाती है और यह परंपरा आज भी कायम है। करीब 500 परिवारों की संख्या वाले इस गांव में आपको हर धर्म और हर वर्ग के लोग सिर्फ और सिर्फ संस्कृत में ही बात करते नजर आएंगे। ये लोग तो झगड़े के दौरान भी संस्कृत का ही प्रयोग करते हैं।
(4)श्राप की वजह से वीरान हैं ये गांव #☺️
भारत के इतिहास में श्राप और वरदान से जुड़ी कई कहानियां मौजूद हैं। कुलधरा गांव की कहानी भी एक ऐसा ही दुखद अध्याय है जिसकी वजह से पिछले 170 सालों से यह गांव वीरान पड़ा है। कहा जाता है इस गांव को रातों-रात खाली कर दिया गया और जाते-जाते गांव के लोग एक श्राप को यहां छोड़ गए कि जो भी इस गांव में सूर्य ढलने के बाद रुकेगा उसकी मृत्यु निश्चित है। तब से लेकर अब तक यह गांव पूरी तरह वीरान पड़ा है।

24/09/2019

🙇हेलो दोस्तो आप सभी को मेरी तरफ से हाथ जोड़ कर प्यार भरी प्यारी सी राम राम ।।🙏🙏
आज मैं आपके सामने कुछ महत्वपूर्ण बाते रखूंगा तो आईये ज्यादा समय ना लेते हुये टॉपिक पर आते है।।
👉एक समय की बात है।। 🕌🕌एक राज्य में एक महंसेन नाम का राजा राज किया करता था । और राजा होने के बाबजूद राजा के पास अपार धन था ।। राजा की 6रानी🙋🙋🙋🙋🙋🙋 थी ।ओर सभी आस पास के राज्यों में भी राजा का काफी अच्छा बोल बाला था । राजा ओर अपार धन होने के बाबजूद भी राजा की कोई संतान नही थी ।।क्योंकि राजा को ये श्राप था कि राजा पुत्र धन नही पा सकता।।ये दुख राजा को सबसे ज्यादा सताता था । जिससे राजा कुछ मायूस से रहते थे। एक दिन की बात राजा पुत्र वियोग में डूबे हुये थे ।तभी एक रानी राजा के पास आती है और राजा को देख कर आश्चर्यचकित हो जाती और कहती है । महाराज आज आपके चेहरे ये उदासी कैसे ।।किया बात है राज्य में कोई आपत्ति आ रही है या हमसे कोई चूक हो गयी ।तभी 5रानी भी आ जाती है। और घटना कर्म को देख कर पांचो रानी भी राजा से ये ही सवाल करती है । महाराज अगर हमसे कोई चूक हो गयी हो तो हमे आप दंड दे दीजिये । हमे आपका दंड स्वीकार है।।राजा रानियो की बात सुनकर रोने लगता है । नही तुमसे कोई भूल नही हुई है ।मैं तो अपनी किस्मत के लिए रो रहा हु।।तभी रानिया अचंभित हो जाती है ।।महाराज ऐसा किया हुआ जो आप ऐसी बाते कर रहे हो।।
राजा रोते रोते कहता है ।मुझे श्राप है मैं कभी भी संतान प्राप्त नही कर सकता ।। भगवान ने मुझे सब कुछ दिया है लेकिन संतान सुख मेरे से छीन लिया ।।अब तुम्ही बताओ मैं किया करू मुझसे ये दर्द नही साहा जाता ।।मेरे मरने के बाद मुझे अग्नि देने बाला भी नही है ।।मैं किया करू राजा जोर सोर से विलाप करने लगता है ।। तभी एक चमत्कार होता है।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।
👉👉।।।।।।।।।।तो दोस्तो आज की कहानी का पार्ट 1 है ये ओर अगला पार्ट 2 जल्द ही आपके सामने पेश होगा है।।।
जिससे भी कहानी अच्छी लगी हो तो हमे कमेंट मैं बताये ओर ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ।।।।

Address

Faridabad
121004

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Entertainment Dosto posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share