06/05/2026
दुनिया में हर दिन करोड़ों जानवर केवल इंसानों के भोजन के लिए मारे जाते हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या मुर्गियों की होती है, क्योंकि उनका पालन आसान और तेज़ माना जाता है। इसके बाद बत्तखें, सूअर, भेड़, बकरियां और गायें आती हैं। यह केवल भोजन की जरूरत नहीं दिखाता, बल्कि बढ़ती आबादी और बदलती खानपान आदतों की तस्वीर भी सामने लाता है। कई वैज्ञानिक मानते हैं कि लगातार बढ़ती मांस की मांग का असर जंगलों, पानी और पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। यही वजह है कि अब दुनियाभर में संतुलित भोजन और पशु संरक्षण को लेकर चर्चा तेज़ हो रही है। यह विषय सिर्फ खाने का नहीं, बल्कि प्रकृति और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
स्रोत: खाद्य और कृषि संगठन, विश्व पशु संरक्षण संस्था, वैज्ञानिक शोध रिपोर्टें