08/08/2026
मुंबई के रहने वाले और कपड़ा कारोबारी रहे शिवचरण रामरतन गुप्ता पिछले करीब दो साल से हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में रह रहे थे. वह अपनी पत्नी मीना के साथ वहां आए थे, लेकिन कुछ समय पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया था. इसके बाद वह अकेले ही वृद्धाश्रम में रह रहे थे.जिन्होंने पूरी जिंदगी अपनी तीनों बेटियों को पढ़ाया-लिखाया और उनका सहारा बने रहे. लेकिन उनकी मौत के बाद कोई भी बेटी अंतिम संस्कार में नहीं पहुंच सकी. नेपाल, उत्तर प्रदेश और मुंबई में मौजूद तीनों बेटियों ने वीडियो कॉल के जरिए अपने पिता को अंतिम विदाई दी
शिवचरण गुप्ता की बड़ी बेटी अनीता नेपाल में रहती है और वहीं पर टीचर है. अनीता से छोटी बेटी निशा यूपी आजमगढ़ में रहती है, जबकि सबसे छोटी बेटी प्रिया मुंबई में ही रहती है. तीनों बेटियों को कामयाब करने के बाद भी शिवचरण गुप्ता अपनी बेटियों के दर्शन नहीं कर पाया और बेटियों ने मृत्यु के बाद भी कोई अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई. बेटियों ने वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार देखा. अध्यापिका बेटी अनिता ने ऑनलाइन 5100 रुपये भेजकर कहा कि पिता का सही ढंग से अंतिम संस्कार कर दिया जाए.पहले बेटियों ने कहा था कि अस्थियां रख देना, लेकिन बाद में कहा कि उनके पास समय नहीं है, इसलिए वृद्ध आश्रम संचालक ही गंगा में अस्थियां प्रवाहित कर दें. अंतिम संस्कार के बाद वीडियो कॉल पर ही बेटियों ने कहा कि अंतिम संस्कार की सभी वीडियो उनके पास भेज दी जाएं.