30/06/2015
प्रिय छात्र -छात्राओं ,
पतंजलि इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन देवबंद संस्था विगत वर्षों से प्रतियोगी छात्रों के बीच उनकी हर समस्या पर उनके साथ, उसे दूर करने के लिए प्रयासरत हैI हमारा उद्देश्य उन सभी प्रतियोगी छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करना है जो किसी कारण से प्रतियोगिता में शामिल नही हो पाते हमारा लक्ष्य छात्रों को प्रतिस्पर्धा योग्य वातावरण प्रदान करना एवं उनको उत्साहित रखते हुए मनोवैज्ञानिक तरीके से उत्कृष्ट शिक्षको के निर्देशन में उनके भविष्य को सही दिशा प्रदान कर लक्ष्य तक पहुँचाना है।किन्तु कहना चाहुंगा कि लक्ष्य तक पहुचाने में हमारा योगदान आपके सहयोग कि अपेक्षा रखता है . स्पष्ट है कि "हमारी भूमिका पटाखे में चिंगारी पहुंचाने तक सीमित है, पटाखा वही दगेगा जिसमें सही बारूद होगा" हम यह प्रयास भी करते है कि सही बारूद कहीं नमी का शिकार न हो जाये। इसका यह अर्थ कदापि नही है कि हम अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे है बल्कि आपकी जिम्मेदारियों के प्रति आपको सचेत करना चाहते हैI अंततः यही कहना चहुँगा कि "सोते हुए सिंह के मुख में कभी हिरन नहीं जाता हैI"समय के साथ चलना आपको सफलता प्रदान करता है ठीक वैसे ही जैसे भीड़ के साथ चलने पर आप असफलता प्राप्त करते है क्योकि भीड़ के साथ सामान्य लोग चलते हैंI आधुनिक समय में जबकि प्रतिस्पर्धा का युग है सामान्य नहीं बल्कि विशिष्ट जनों कि मांग है जोकि बहुमुखी प्रतिभा के धनी हो, ऐसे में यही कहूँगा कि"लीक छोड़ तीन ही चले , शायर सिंह सपूत"।
आप सभी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओं सहित,आपका.....
डॉ. बी. आर. सिंह/डॉ. अमित पालीवाल
चेयरमैन/निदेशक
पतंजलि इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजूकेशन,देवबंद।