20/03/2026
मुझे उसने ना छुआ वो छुअन उसके पास ही है,,
दिल में उतर जाए वो बाकपन उसके पास ही है,,
वक्त की छाया भी जिस पे ना पड़ीं जरी,,,
वो चेहरा वो जमाल वो जोबन उसके पास ही है,,
मरहम की तरह है उसका खोपा हुआ खंजर,,
मुझे जो चाहिए वो चुभन उसके पास ही है,,
सुन लेता हूं मैं मिलो की मुसाफत से वो आवाज,,
मेरी रूह को भा जाए वो धड़कन उसके पास ही है,,
तमाम आलम के नजारों से अज़ीज़ है वो चीज,,
हर वक्त सताए जो वो मसकन उसके पास ही है,,
ना चाहिए मुझे दर-दर फिर के कुछ और अब,,
मेरा कीमती गहना तो असलन उसके पास ही है,,