25/02/2026
खामोशियों में भी एक अजीब सा सुकून होता है, जब लफ्ज कम पड़ जाएं तो निगाहें सारी दास्तान बयां कर देती हैं। जिंदगी की इस भागदौड़ में खुद के लिए वक्त निकालना और अपनी रूह से बातें करना ही असली इबादत है। यह सादगी और यह बेपरवाह मुस्कुराहट ही मेरी दुनिया का सबसे हसीन और सच्चा गहना है।