अफ़सोस-ए-इश्क

अफ़सोस-ए-इश्क आओ हम सब शब्दों की सुंदरता और कविता की सुन्दरता से प्यार करें.

Good Night Doston..!🙏
31/08/2024

Good Night Doston..!🙏

25/08/2024

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ.

ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ ..

- ख़्वाजा मीर दर्द

17/08/2024

बेवकूफ बने रहो,
रिश्ते मजबूत रहेंगे .!

06/08/2024

समझ के बाहर भी
एक दुनिया होती है..

जो हमेशा दुनिया की
समझ से बाहर होती है !!

06/08/2024
16/07/2024





16/07/2024

सब लोग जिधर वो हैं उधर देख रहे हैं
हम देखने वालों की नज़र देख रहे हैं

कोई तो निकल आएगा सरबाज़-ए-मोहब्बत
दिल देख रहे हैं वो जिगर देख रहे हैं

कुछ देख रहे हैं दिल-ए-बिस्मिल का तड़पना
कुछ ग़ौर से क़ातिल का हुनर देख रहे हैं

पहले तो सुना करते थे आशिक़ की मुसीबत
अब आँख से वो आठ पहर देख रहे हैं

ख़त ग़ैर का पढ़ते थे जो टोका तो वो बोले
अख़बार का परचा है ख़बर देख रहे हैं

पढ़ पढ़ के वो दम करते हैं कुछ हाथ पर अपने
हँस हँस के मेरे ज़ख़्म-ए-जिगर देख रहे हैं

मैं 'दाग़' हूँ मरता हूँ इधर देखिए मुझ को
मुँह फेर के ये आप किधर देख रहे हैं

दाग़ देहलवी

09/07/2024



ज़माना कुछ भी कहे उसकी परवाह न कर..जिसे ज़मीर न माने उसे सलाम न कर.
08/07/2024

ज़माना कुछ भी कहे उसकी परवाह न कर..
जिसे ज़मीर न माने उसे सलाम न कर.



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