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Manch tak मंच तक का उद्देश्य दुनियाभर के साहित्?

15/08/2021
12/03/2021

अन्तर्रास्टीय  #महिलादिवस की हार्दिक शुभकामनाए
08/03/2021

अन्तर्रास्टीय #महिलादिवस की हार्दिक शुभकामनाए

07/03/2021
नमस्कार आप सभी सम्मानीय  रचनाकारों का  "मंच तक" साहित्यिक परिवार मे एक बार पुनःहार्दिक स्वागत,वंदन अभिनन्दन   है💐🙏🏻आप सम...
07/03/2021

नमस्कार आप सभी सम्मानीय रचनाकारों का "मंच तक" साहित्यिक परिवार मे एक बार पुनःहार्दिक स्वागत,वंदन अभिनन्दन है💐🙏🏻

आप समस्त सम्मानीय रचनाकारों के प्यार,एवं आशीर्वाद के लिए मंच तक साहित्यिक परिवार एक बार पुनः आप सर्व सम्मानीय को नमन करता है

शिवरात्रि के इस पावन पर्व में "मंच तक" लेकर आया है एक भव्य साहित्यिक काव्य प्रतियोगिता जिसमे आप समस्त सम्मानीय रचनाकार सादर आमन्त्रित है🙏🏻

🌍 प्रतियोगिता का नाम :- श्रेष्ठ शिव
🌍प्रतियोगिता का समय:- मार्च 8/ 2021 सुबह 8 बजे से रात्रि 12 बजे तक
🌍आपके द्वारा प्रस्तुत की गई श्रेष्ठ 3 रचनाओं को हमारी टीम के द्वारा श्रेष्ठ म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट के साथ आवाज दी जाएगी तथा उसमें ग्रैफिक्स के माध्यम से वीडियो बनाई जाएगी
✍नोट आप सभी सम्मानीय कलमकारों से विनम्र निवेदन है कि नीचे दिए गए शीर्षक पर ही अपनी रचनाएं प्रस्तुत करे

🔅शीर्षक🔅

1.✍ मैं शिव 🙏
इस शीर्षक में भगवान शिव अपने आप को प्रकट करेंगे
2.✍ मैं भगवान शिव का भक्त हूं🙏
इस शीर्षक में भगवान शिव के भक्त अपने आपको गर्व से भगवान शिव का भक्त कहेंगे
3. ✍शिव अनंत हैं🙏
भगवान शिव की महिमा का गुणगान होगा
4. ✍शिवरात्रि और शिव🙏 इस शीर्षक में शिवरात्रि की महिमा और शिव का संबंध प्रदर्शित होगा

समस्त सम्मानीय सहित्यगण से विनम्र अनुरोध है की रचना निम्न रुपरेखा पर ही प्रेषित करे

1-प्रतियोगिता हेतु
2-शीर्षक,रचना
3-रचनाकार नाम ,पता
4-सम्प्रति

धन्यवाद
💐💐

विशेष - आप सर्व सम्मानीय के अनमोल शुझाव सादर आमन्त्रित है
🙏🏻किसी भी प्रकार की समश्या होने पर कृपया संपर्क करे @8085288605
@⁨Bhai LL. B⁩ 🙏🏻

अभी जुड़े

WhatsApp Group Invite

https://youtu.be/qLkIyM0UKn0  *मंच तक साहित्यिक परिवार यू राइट वी प्रोमोट कार्यक्रम के में भेजी गई रचनाओ में से पेश है प...
28/06/2020

https://youtu.be/qLkIyM0UKn0

*मंच तक साहित्यिक परिवार यू राइट वी प्रोमोट कार्यक्रम के में भेजी गई रचनाओ में से पेश है पोएट इरशाद शिबु जी की बहुत ही शानदार पोएट्री*👌👌

*अगर आप भी दिखाना चाहते है दुनिया को अपना टैलेंट,तो बनाइये अपनी पोएट्री की वीडियो और भेजिए मंच तक के अधिकृत नंबर 7580877236 पर ,अगर आपकी पोएट्री चुनी जाती है तो उसे प्रसारित किया जावेगा मंच तक के यूट्यूब साथ ही फेसबुक पेज पर*

*मंच तक की इस मुहिम का हिस्सा बनने के लिए और साथ ही बेहतरीन,साहित्यिक रचनाओ,गजल,कहानी,लोकग़ीत आदि के लिए अभी सब्सक्राइब करे मंच तक के यूट्यूब चैनल को*🙏🏻🙏🏻🙏🏻💐💐

*धन्यवाद सुभकामनाओ सहित*🙏🏻🙏🏻💐

अओ सुनाये मोहब्बत की कहानी Ek tha Ram ek tha Rahmani |mohabbat ki kahani By Irshad sibu | poetry ________________________________ video information:- poet- I...

23/06/2020

ऐसा गीत सुनकर मन प्रफुल्लित हो जाएगा💐💐💐

21/06/2020

पिता के संसार से चले जाने के बाद कि मनोदशा को दर्शाती मेरी हाइकू विधा में लिखी स्व:रचित एवं मौलिक कविता

पापा के जाने के बाद

पापा जब भी
तुम्हारी याद आती
खुशी लाती है

मैं हर पल
सोचती रह जाती
तुम कहाँ हो

साथ नही हो
क्यों दूर चले गए
छोड़ सबको

माँ को दे सारी
जिम्मेदारियां अब
कैसे निभाए

माँ तो हमेशा
निश्चिंत रहती थीं
साथ आप के

अब वो साथ
वो तेरा हाथ नहीं
माँ के हाथ में

कुछ बात वो
हम से कर लेती
दर्द छुपा के

कुछ राह भी
ताकती रहती वो
घर आने की

खुश हो लेती
वो देख अपनो को
नम आँखों से

दिल में आज
भी उसके तुम ही
बैठे हो कहीं

सोच लेती है
वो दिन भी आ जाए
छोड़ चलू मैं

तब उसको
फिर याद आता है
कुछ बाकी हैं

जो छोड़ चले
वो रिश्ते निभाने
हैं मुझे अभी

थक गए हैं
बूढ़े कन्धे उसके
बोझ उठाते

तुम्हारी सीखें
है याद हमें सभी
माँ ही है सब

माँ की छाया हैं
अब हम सब पे
देख लो आप

करके याद
तुम्हें सुकून मिले
खुशी मिले है

जहाँ हो तुम
अपना आशीर्वाद
हम पे रखो

अंजु
नई दिल्ली
स्व:रचित एवं मौलिक कविता
©️

*पिता*पिता चाहे पढ़ा हो या अनपढ़ हो,बच्चों को वो अपने पढ़ाता-लिखाता।और उच्च शिक्षा दिलाता हैपिता तो आखिर पिता कहलाता है।।...
21/06/2020

*पिता*
पिता चाहे पढ़ा हो या अनपढ़ हो,
बच्चों को वो अपने पढ़ाता-लिखाता।
और उच्च शिक्षा दिलाता है
पिता तो आखिर पिता कहलाता है।।

पिता चाहे भूखा हो
पर बच्चों की अपनी भूख मिटाने को,
धूप हो या छांव हो रोटी के खातिर पैसे वो कमाता है।
पिता तो आखिर पिता कहलाता है।।

पिता के चाहे कपड़े पुराने हो,
होली हो या दिवाली हो,
पर बच्चों को अपने नये-नये कपड़े दिलाता है ।
पिता तो आखिर पिता कहलाता है।।

पिता चाहे काम पर पैदल चलकर जाए,
बच्चे समय पर कॉलेज पहुंच जाये इसलिए उनको बाइक, मोटरसाइकिल और कार दिलवाता है।
पिता तो आखिर पिता कहलाता है।।

पिता के इतने उपकारो को, भूलकर जो बेटा अपने पिता को,
वृद्धाश्रम छोड़ आता है।
वह बेटा नहीं नालायक कहलाता है
और इतनी गलतियों को जो माफ कर देता है।
पिता तो आखिर पिता कहलाता है।।

✍️कुलदीप कुमार नौगिया✍️
बिसलपुर (पाली)

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