Komal vani

Komal vani मन के अहसास

15/02/2026

देह यज्ञ में स्वाहा करना और सती होना पड़ता है।
शंकर सहज नहीं मिलते हैं, पार्वती होना पड़ता है।

-अभिषेक औदिच्य

11/02/2026

तुमने कहा ख़राब, चलो हम ख़राब हैं।
दें और क्या जवाब? चलो हम ख़राब हैं।

कैसी वफ़ा, कहाँ की वफ़ा, कौन सी वफ़ा?
सब छोड़ दो हिसाब, चलो हम ख़राब हैं।

© Kumar Vikas

हमारी  चाह  थी  आबाद  होनामगर किस्मत में था बर्बाद होनाइमारत प्यार की रखते  जहां पर बहुत मुश्किल था वो बुनियाद होनामुहब्...
27/01/2026

हमारी चाह थी आबाद होना
मगर किस्मत में था बर्बाद होना

इमारत प्यार की रखते जहां पर
बहुत मुश्किल था वो बुनियाद होना

मुहब्बत में किसी की क़ैद होकर
नहीं आसान फिर आज़ाद होना

जो तन्हा छोड़ कर जाते हैं उन से
कहाँ मुमकिन है फिर संवाद होना

उदासी बेबसी बिछड़न हमारी
यही सब है फ़कत अवसाद होना

कोमल 'वाणी'

#ग़ज़ल ゚viralfbreelsfypシ゚viral

07/01/2026

उसने यादों का हर ज़र्रा चूम लिया ,
राहें तकते तकते रस्ता चूम लिया ।

इश्क़ में पागल लड़की ने बैठे बैठे ,
बाहों में भर कर इक तकिया चूम लिया ।

कोमल 'वाणी'

दे  रहीं  साँसे  सुनों          अंतिम निमंत्रण आपको। देह  पर  हल्दी  लगी  है हाथ  पर  मेहंदी  रची।लाल  जोड़े  में  हो  जै...
30/11/2025

दे रहीं साँसे सुनों
अंतिम निमंत्रण आपको।

देह पर हल्दी लगी है हाथ पर मेहंदी रची।
लाल जोड़े में हो जैसे प्रेम की अर्थी सजी।
प्राण क्या? निष्प्राण मन में प्राण भरने आओगे!
फिर से मेरे होंठ पर मुस्कान धरने आओगे!

मन पुकारेगा हमारा,
तब भी क्षण-क्षण आपको।
दे रही साँसे सुनों,
अंतिम निमंत्रण आपको।

गीत मंगल गा रहे लेकिन अमंगल हो रहा।
भाग्य भी ईश्वर के निष्ठुर फैसले पर रो रहा।
सात फेरों के वचन भर जाए ना मुझसे कहीं।
मौत से पहले न मुझको मौत आ जाये कहीं।

याद क्यूँ आता नहीं अब,
एक भी प्रण आपको।
दे रही साँसे सुनों,
अंतिम निमंत्रण आपको।

कोई मुझ से ब्याह कर के छू सकेगा देह को।
पर न हरगिज़ पा सकेगा वो कभी भी नेह को।
लौट आओ इससे पहले मांग भर जाये मेरी।
और मुहब्ब्त की सदा भी मुझ में मर जाये मेरी।

क्यों नहीं दिखता अधूरे,
पन का दर्पण आपको!
दे रहीं साँसे सुनों,
अंतिम निमंत्रण आपको।

कोमल 'वाणी'

#कविताप्रेमी #गीतसंगीत

06/11/2025

उम्मीद भी क्या कमाल की चीज है रखो तो असहाय पीड़ा भी कम लगने लगती है। न रखो हर पल मौत आसान लगती है।

आप सभी को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।  #साहित्य_उपवन
02/10/2025

आप सभी को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

#साहित्य_उपवन

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