01/10/2025
वो मेहदी लगे हाथ दिखा के रोई, मैं किसी और की हु, वो बस इतना बता के रोई.... मैने बोला कौन हैं हैं वो खुशनसीब, वो मेहंदी से लिखा हाथ दिखा के रोई.... 😌
शायद उम्र भर की जुदाई का ख्याल आया था उसे, वो मुझे अपने पास बैठा कर रोई....😢
कभी कहती थी मैं न जी पाऊंगी बिन तुम्हारे, और आज ये बात दोहरा के रोई.... 😢
मैं बेकसूर हूं कुदरत का फैसला हैं ये, लिपट कर मुझसे बस वो इतना बता कर रोई.... कैसे उसके प्यार पर शक करे ए मेरे दोस्त ❤️💔
जाते जाते एक बार और रोई 😌
अगर पूरा पढ़ा आपने तो वो कितने बार रोई 😢