16/03/2026
कठिन ड्यूटी के बीच भी नहीं टूटा सपना
बिहार की मिट्टी में हमेशा से प्रतिभा की खुशबू रही है। इसी धरती के पश्चिम चंपारण जिले से निकली एक बेटी ने अपने संकल्प, साहस और निरंतर परिश्रम से यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसला अडिग, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।
पश्चिम चंपारण की रहने वाली अपूर्वा वर्मा ने प्रतिष्ठित Union Public Service Commission की UPSC Civil Services Examination> 2025 में ऑल इंडिया 42वीं रैंक हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। वर्तमान में वे Delhi Police में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) के पद पर कार्यरत हैं और इस उपलब्धि के बाद अब उनका चयन Indian Administrative Service (IAS) के लिए सुनिश्चित हो गया है।
अपूर्वा की सफलता की सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि उन्होंने पुलिस सेवा की अत्यंत व्यस्त और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी तैयारी जारी रखी। ड्यूटी के बीच जब भी थोड़ा समय मिलता, वे मोबाइल या लैपटॉप पर वीडियो लेक्चर सुनतीं और स्वअध्ययन के माध्यम से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहतीं। यह उनका छठा और अंतिम प्रयास था, जिसमें उन्होंने असाधारण सफलता हासिल की।
अपूर्वा की शैक्षणिक यात्रा भी उतनी ही प्रेरणादायक रही है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा Delhi Public School Bokaro से पूरी की और इसके बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई National Institute of Technology Manipur से की। बचपन से ही उनके भीतर देशसेवा की भावना थी, जिसने उन्हें सिविल सेवा की राह चुनने के लिए प्रेरित किया।
इससे पहले वर्ष 2022 में भी अपूर्वा ने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की थी और उनका चयन Indian Police Service (IPS) में हुआ था। प्रशिक्षण के बाद वे दिल्ली में ACP के रूप में कार्यरत रहीं। लेकिन उनका सपना यहीं नहीं रुका—वे प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए और व्यापक स्तर पर काम करना चाहती थीं। इसी संकल्प ने उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया और अंततः उन्होंने IAS बनने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया।
अपूर्वा वर्मा की कहानी केवल एक परीक्षा में सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह दृढ़ निश्चय, अनुशासन और निरंतर प्रयास का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने यह दिखा दिया कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि मन में लक्ष्य के प्रति सच्चा समर्पण हो तो हर बाधा रास्ता बन जाती है।
उनकी उपलब्धि आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं लेकिन रास्ते की कठिनाइयों से डर जाते हैं। अपूर्वा का संदेश स्पष्ट है—
सपने वही पूरे होते हैं, जिन्हें पाने के लिए हम हर परिस्थिति में प्रयास करना नहीं छोड़ते।
राजेश प्रियम