Haal e Dil

Haal e Dil No Copyright infringement intended
Message us to fix/remove..

07/11/2025

दौर msg ka भी और खत भी पुराने देखे।
यार हम लोगों ने दोनों ही ज़माने देखे।
अपने हाथों से ही फिर फोड ली आंखें अपनी, उसने जब जंग में अंधों के निशाने देखे।
एक ही शक्श पे जिसने यह लुटा दी दुनिया , ऐसे ऐसे भी यहां हमने दीवाने देखे।
वो जो देते हैं ज़माने में नसीहत हमको
ऐसे लोगों के भी कोठे पे ठिकाने देखे।
अपनी मेहनत के नतीजों पे तरस आया हमे, जब फकीरों के घर में खजाने देखे।।

01/03/2025

"हाल-ए-दिल कहने की अब हिम्मत नहीं रही,
चुपचाप रहकर दर्द को सहने की आदत नहीं रही।
तेरे बिना जीने की ख्वाहिश थी कभी,
पर अब तो तेरे बिना जीने की ताकत नहीं रही।"

~

14/08/2024

कल खुश था, क्योकि तुम साथ थी
कल खुश रहूगा, क्योकि शयद तुम्हें भूल जाऊ
लेकिन इस कल और कल का मै क्या करू
जब तुम आज मे जीना सीखा गयी...

~

31/05/2024

तुझसे मिलकर मेरा ख्याल नहीं बदला
दिन बदला मगर दिल का हाल नहीं बदला...

~ Unknown

23/03/2024

बचपन में तूफ़ान देखा है
तो अब ज़िन्दगी की अंधी से क्यों डरना 😇

08/03/2024

वैसे तो शिवरात्रि हर साल आती है,
पर इस बार की कुछ अलग है,
क्योंकि हमने महादेव से आपको पाने की अर्जी लगाई है..!!

03/03/2024

सारे ज़माने में बट गया वक्त उनका
हमारे हिस्से में सिर्फ बहाने आए 💔

~ Unknown

27/01/2024

हमे आदत नहीं हर किसी पर फ़िदा होने की
आपसे बात ही कुछ ऐसी थी खुद को संभल न पाए...!!

~ Unknown

27/01/2024

हज़ारो बाते दिल में दफ़न करके
अब ख़ामोश रहना पसंद है मुझे..

~ Unknown

10/01/2024

तुम्हे पाने की कर कोशिश करुँगा
तुम्हे किस्मत के हवाले तो नहीं छोड़ सकता..

~ Unknown

Address

Dehra Dun
248001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Haal e Dil posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share