07/11/2025
दौर msg ka भी और खत भी पुराने देखे।
यार हम लोगों ने दोनों ही ज़माने देखे।
अपने हाथों से ही फिर फोड ली आंखें अपनी, उसने जब जंग में अंधों के निशाने देखे।
एक ही शक्श पे जिसने यह लुटा दी दुनिया , ऐसे ऐसे भी यहां हमने दीवाने देखे।
वो जो देते हैं ज़माने में नसीहत हमको
ऐसे लोगों के भी कोठे पे ठिकाने देखे।
अपनी मेहनत के नतीजों पे तरस आया हमे, जब फकीरों के घर में खजाने देखे।।