31/07/2026
#आज शहीद उधम सिंह की 86वीं पुण्यतिथि है। आज ही के दिन (31 जुलाई) 1940 में लंदन की पेंटनविले जेल में फांसी दी गई थी। उधम सिंह ने जलियांवाला बाग में मारे गए मासूम लोगों की हत्या का बदला ब्रिटेन में जाकर अंग्रेज गवर्नर माइकल ओ डायर को मौत के घाट उतारकर लिया था।
उधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सरदार तहल सिंह और माता का नाम नारायण कौर था। उधम सिंह का बचपन का नाम शेर सिंह था। सन 1901 में उधम सिंह की माता और 1907 में उनके पिता का निधन हो गया। जलियांवाला बाग घटना के चलते उन्हें अपने बड़े भाई के साथ अमृतसर के एक अनाथालय में रहना पड़ा।
सरदार उधम सिंह के बचपन का नाम शेर सिंह था, बाद में उन्होंने भारतीय समाज की एकता के लिए अपना नाम बदलकर राम मोहम्मद सिंह आजाद रख लिया था जो भारत के तीन प्रमुख धर्मों का प्रतीक है। 1933 में उन्होंने एक बार फिर नाम बदला और पासपोर्ट बनवाने के लिए उधम सिंह नाम रख लिया।
13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन और रॉयल सेंट्रल एशियन सोसायटी की एक बैठक चल रही थी, जहां वो भी पहुंचे और उनके साथ एक किताब भी थी। इस किताब में पन्नों को काटकर एक बंदूक रखी हुई थी। इस बैठक के खत्म होने पर उधम सिंह ने किताब से बंदूक निकाली और माइकल ओ डायर पर फायर कर दिया। डायर को दो गोलियां लगीं और पंजाब के इस पूर्व गवर्नर की मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलाने के बाद भी उन्होंने भागने की कोशिश नहीं की और गिरफ्तार कर लिए गए। ब्रिटेन में ही उन पर मुकदमा चला और 4 जून 1940 को उधम सिंह को हत्या का दोषी ठहराया गया। इसके बाद 31 जुलाई को फांसी दी गई।
उनका मामला मैरिलेबोन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। उन्हें पेंटनविल जेल में फांसी दी गई और पास ही के कब्रिस्तान में दफनाया गया।