08/10/2026
एक दौर खत्म नहीं हुआ… एक दौर अमर हो गया। 🙏
भारतीय सिनेमा के वो कलाकार, जिनके अभिनय के लिए बड़े-बड़े शब्द भी छोटे पड़ जाएँ—नाना पाटेकर आज हमारे बीच नहीं रहे।
रंगमंच से अपने सफर की शुरुआत कर परिंदा, क्रांतिवीर, अग्निसाक्षी, अब तक छप्पन, वेलकम, नटसम्राट जैसी फिल्मों में उन्होंने ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें सिर्फ देखा नहीं गया, बल्कि महसूस किया गया। उनकी आवाज़, उनका अंदाज़ और संवाद बोलने का तरीका उनकी अपनी अलग पहचान बन गया।
नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे। वह एक ऐसे इंसान भी थे जिन्होंने अपने सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज के लिए योगदान दिया। नाम फाउंडेशन के जरिए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, जल संरक्षण और किसानों के परिवारों की मदद के लिए भी काम किया।
आज पर्दे का वो कलाकार चला गया,
लेकिन उसके निभाए किरदार, उसकी आवाज़ और उसके संवाद हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगे।
नाना साहब, आपने अभिनय नहीं किया…
आपने हर किरदार को जिंदगी दी थी।
आपका जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार व करोड़ों प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏🕉️
ॐ शांति।
#श्रद्धांजलि