26/08/2023
*प्रेम के फूल*
जीवन जन्म और मृत्यु के बिच का सफर नहीं,जीवन तो उस बीज का नाम जिसमे प्रेम के फूल खिले, जीवन एक तिलिस्म है,जीवन एक रेगिस्तान मे पानी की प्यास है, और प्यास तो पिने से मिटेगी, केवल जल की चर्चा करने से प्यास नहीं मिट सकती इसी प्रकार जीवन को स्पर्श करके ही जीवन को प्राप्त किया जा सकता है, जीवन वह बीज है जो जन्म और मृत्यु के सफर के बिच वृक्ष बन सकता है और इस वृक्ष मे प्रेम के फूल खिलने की पूरी पूरी संभावना है लेकिन आभागा है वह व्यक्ति जो बीज ही रह गया, हुवा भी और ना भी हुआ, बीज अगर फूल मे परिवर्तित ना हो सके जो उस बीज का होना ही दुर्भाग्य है, सौभाग्य तो तब हो जब वह बीज टूटे और उसमे प्रेम के अनंत फूल लगे, जिन फूलो की सुगंध से तृप्ति का अहसास मिले, बीज मे छुपे है प्रेम के अनंत अनंत फूल लेकिन दिखाई नहीं देते है, अभी अदृश्य है लेकिन उस बीज मे ही फूल छुपे तभी तो कभी बाहर प्रकट होते, ख्याल रहे बीज से मेरा अर्थ है जीवन जो मिला है, ये कहना ठीक है की एक बीज मिला है और संभावना है की बीज मे छुपे प्रेम के फूल खिले, तो जीवन का लक्ष्य पूरा हुआ, अगर जीवन भी मिल गया और जीवन के पौधे पर प्रेम के फूल ना लगे तो जीवन अधूरा अधूरा ही होगा, प्यासा ही रहेगा, प्रेम के फूल लगे तो जीवन नृत्य बने, प्रेम के फूल लगे तो जीवन संगीत बने, प्रेम के फूल लगे तो जीवन गीत बने, और अगर किसी जीवन गीत ना बन सका मेरी दृष्टि मे तो जीवन व्यर्थ है
*निकिता भार्गव* 💐🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸