26/10/2024
#बुंदेली_हास्य_नृत्य
❤️🙏
स्वागतम स्वागतम ,स्वागतम स्वागतम ।
खिल उठे दिल, पड़े आपके जो कदम ।
स्वागतम स्वागतम , स्वागतम स्वागतम ।
है धरा खिल उठी , है गगन झूमता ।
हर डगर झूमती है नगर झूमता ।
फूल इतरा उठे , मन चमन झूमता ।
पुष्प के हार बेचैन, हैं खुद सनम ।
खिल उठे दिल , पड़े आपके जो कदम ।
स्वागतम स्वागतम, स्वागतम स्वागतम ।